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Zee Jaankari: जानिए, कैसे Howdy Modi कार्यक्रम 170 करोड़ लोगों को कर रहा था प्रभावित

Houston का NRG Stadium भारतीय मूल के लोगों से खचाखच भरा था. इस स्टेडियम में 50 हज़ार से ज्यादा दर्शक मौजूद थे. और उनके सामने विश्व के दो सबसे शक्तिशाली देशों के दो सबसे बड़े नेता थे.

Zee Jaankari: जानिए, कैसे Howdy Modi कार्यक्रम 170 करोड़ लोगों को कर रहा था प्रभावित

Houston का NRG Stadium भारतीय मूल के लोगों से खचाखच भरा था. इस स्टेडियम में 50 हज़ार से ज्यादा दर्शक मौजूद थे. और उनके सामने विश्व के दो सबसे शक्तिशाली देशों के दो सबसे बड़े नेता थे .इस कार्यक्रम के प्रसारण को दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने Live देखा, इनमें भारत के 135 करोड़ और अमेरिका के 35 करोड़ लोग भी शामिल थे . यानी ये आयोजन सीधे 170 करोड़ लोगों को प्रभावित कर रहा था. Donald Trump जब वर्ष 2016 में चुनावी रैलियां कर रहे थे तब अमेरिका के Florida राज्य के Tampa (टैम्पा) शहर में उन्होंने अपनी सबसे बड़ी रैली की थी, लेकिन उसमें भी सिर्फ 15 हज़ार से 20 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया था.

इसलिए NRG Staidum में एक साथ 50 हज़ार लोगों को देखकर, Donald Trump भी हतप्रभ थे और हैरान थे . शायद Trump ने अपने राजनीतिक करियर में कभी इतने लोगों को एक साथ संबोधित नहीं किया होगा . भारतीय मूल के दर्शकों की ऊर्जा Trump को संगठन की शक्ति का एहसास दिला रही थी . इसी बीच Trump का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपने 135 करोड़ सदस्यों वाले परिवार से मिलवाया तो Trump भी हैरान रह गए . और गदगद होकर तालियां बजाने लगे . Howdy Modi कार्यक्रम को देखकर ऐसा लग रहा था..जैसे ये कार्यक्रम अमेरिका के शहर Texas में नहीं बल्कि भारत के किसी शहर में हो रहा था . प्रधानमंत्री मोदी मेज़बान की भूमिका में थे..जबकि Donald Trump अपने ही घर में मेहमान की तरह नज़र आए.

दोस्ती के बाद इस आयोजन का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू था, इसके राजनीतिक उद्देश्य. अमेरिका में भारतीय मूल के करीब 15 लाख वोटर्स हैं . लेकिन अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की संख्या करीब 40 लाख है. भारतीय समुदाय को अमेरिका में सबसे प्रभावशाली प्रवासी समुदाय माना जाता है. इसलिए वहां की किसी भी राजनीतिक पार्टी, के लिए भारतीयों के समर्थन के बगैर चुनाव जीतना बहुत मुश्किल है . Donald Trump ये बात अच्छी तरह जानते हैं इसलिए उन्होंने इस मंच का इस्तेमाल अपने राजनीतिक प्रचार के लिए भी किया .लेकिन ट्रंप की ये कोशिश तब तक अधूरी थी..जब तक प्रधानमंत्री मोदी ने खुलकर उनका समर्थन नहीं किया .

प्रधानमंत्री मोदी ने Donald Trump के कार्यकाल की तारीफ की, और ये भी कह दिया कि Trump बहुत शानदार नेता हैं और वो अमेरिका को फिर से महान बनाने की कोशिश कर रहे हैं . ये सुनते ही Donald Trump के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कुराहट आ गई . लेकिन इस संवाद का Climax अभी बाकी था...प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही Donald Trump के वर्ष 2016 के चुनावी नारे अबकी बार ट्रंप सरकार का जिक्र किया . पूरा Stadium तालियों से गूंज उठा . और Donald Trmup को भी ये बात समझ आ गई कि उनके खाते में Texas के डेढ़ लाख भारतीय वोट और अमेरिका के 15 लाख भारतीय वोट अब शायद आसानी से जा सकते हैं .

इस आयोजन की तीसरी बड़ी बात थी, दुनिया के 170 करोड़ लोगों तक इसकी पहुंच. ये दुनिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक और राजनीतिक रैली थी. इस आयोजन पर दुनिया के 170 करोड़ लोगों की नज़र थी और इतने बड़े मंच का फायदा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बहुत प्रभावी ढंग से उठाया. इस मंच से दुनिया के उन देशों को भी कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई...जो भारत और अमेरिका जैसे देशों को आतंकवाद का दर्द देना चाहते हैं . आप समझ गए होंगे कि हम पाकिस्तान की बात कर रहे हैं .

भारत और अमेरिका के 170 करोड़ लोग ही नहीं..बल्कि पाकिस्तान के 20 करोड़ लोग भी इस रैली को देख रहे थे . इनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भी ज़रूर शामिल रहे होंगे, जो इस वक्त अमेरिका में ही मौजूद हैं. यानी इस महारैली के गवाह दुनिया के 190 करोड़ से ज्यादा लोग बने . 170 करोड़ लोगों ने इसे गर्व और उत्साह से देखा तो 20 करोड़ पाकिस्तानियों ने इसे डर की वजह से देखा . इस आयोजन से समझने वाली चौथी महत्वपूर्ण बात ये है कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए उसे समझा दिया कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है .

और उससे जुड़े फैसले भारत के आंतरिक फैसले हैं. इमरान ख़ान को कश्मीर की नहीं अपने देश की फिक्र करनी चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने एक तरह से पूरी दुनिया के सामने कश्मीर को लेकर भारत का पक्ष साफ कर दिया . इसके बाद कश्मीर पर मध्यस्थता का सपना देखने वाले Donald Trump के पास इस पर तालियां बजाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था .

पांचवी और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस रैली के मंच पर.. कट्टर इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और मजबूत मोर्चा तैयार कर लिया गया . क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी और Donald Trump दोनों ने साफ कर दिया कि आतंकवाद और इसे शरण देने वालों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा .