close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ZEE Jaankari: दिल्ली में सिर्फ Odd Even से प्रदूषण कम नहीं होगा

दिल्ली में फिर से Odd Even लागू करने का ऐलान किया गया. दिल्ली में 4 नवंबर से 15 नवंबर के बीच अलग अलग दिनों में Odd और Even नंबर प्लेट की गाड़ियां चलेंगी.

ZEE Jaankari: दिल्ली में सिर्फ Odd Even से प्रदूषण कम नहीं होगा
नितिन गडकरी का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए Odd Even की जरूरत नहीं है.

अब हम प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार की सीमित सोच का DNA टेस्ट करेंगे. दिल्ली में फिर से Odd Even लागू करने का ऐलान किया गया. दिल्ली में 4 नवंबर से 15 नवंबर के बीच अलग अलग दिनों में Odd और Even नंबर प्लेट की गाड़ियां चलेंगी. नवंबर में 4, 6, 8, 10, 12 और 14 तारीख को Even नंबर प्लेट वाली गाड़ियां, जबकि 5, 7, 9, 11, 13 और 15 नंवबर को Odd नंबर प्लेट वाली गाड़ियां चलेंगी लेकिन दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के इस फैसले से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सहमत नहीं हैं. नितिन गडकरी का कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए Odd Even की जरूरत नहीं है. 

हमारा मानना है कि सिर्फ कुछ दिनों के लिए Odd Even लागू कर देने से प्रदूषण के खिलाफ युद्ध नहीं जीता जा सकता है. इसलिए आज हमें...दिल्ली से 3 हजार 7 सौ किलोमीटर दूर चीन की राजधानी बीजिंग से सीखने की जरूरत है. बीजिंग पांच वर्ष पहले तक दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर था. लेकिन प्रदूषण के खिलाफ क्रांतिकारी कदम उठाकर बीजिंग सिर्फ 5 वर्ष में विश्व के TOP 200 प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर हो गया है. आखिर बीजिंग ने प्रदूषण के खिलाफ इतना बड़ा चमत्कार कैसे किया. प्रदूषण के खिलाफ बीजिंग की बड़ी विजय..हमारे लिए मॉडल बन सकती है .

ये हमारे देश की एक अजीब विडंबना है...कि हम 'मेरा प्रदूषण और तेरा प्रदूषण' करते रह जाते हैं लेकिन कभी ये नहीं समझते...कि ये हम सबके द्वारा फैलाया जा रहा 'प्रदूषण' है. राजधानी में कल ही सितंबर की गर्मी ने 27 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. रात में दिल्ली का तापमान 30 Degree Celsius तक पहुंच गया. सितंबर में 12 दिनों से लगातार तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज हो रहा है. लेकिन, दिल्ली में तो अब ऐसी स्थिति पैदा हो गई है...कि हम प्रदूषण को लेकर Odd Even वाली सोच से आगे बढ़ने को तैयार नहीं हैं. अपनी तकलीफ के हिसाब से प्रदूषण हमारे लिए Odd है. और अपनी सहूलियत के हिसाब से प्रदूषण हमारे लिए Even है .

दिल्ली सरकार प्रदूषण रोकने के लिए बीजिंग की तरह कोई ठोस योजना नहीं बना रही है और ना ही ये चीन की सरकार की तरह प्रदूषण कम करने के लिए पूरे वर्ष काम करती है. बल्कि साल के एक दो महीने के लिए ही नींद से जागती है. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि इससे पहले भी दिल्ली में दो बार Odd Even लागू हो चुका है.

जनवरी 2016 में पहली बार 15 दिनों के लिए और अप्रैल 2016 में 16 दिनों के लिए Odd Even लागू हुआ था. इस दौरान प्रदूषण में सिर्फ 4 से 7 प्रतिशत की कमी आई थी. जबकि लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था. IIT कानपुर की जनवरी 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक भी दिल्ली में वाहनों से 25 से 30 प्रतिशत तक प्रदूषण होता है.जबकि 70 प्रतिशत प्रदूषण के लिए गाड़ियों से निकलने वाले धुएं जिम्मेदार नहीं हैं. मतलब ये कि दिल्ली में सिर्फ Odd Even से प्रदूषण कम नहीं होगा. सरकार को बीजिंग की तरह योजना बनानी होगी. दिल्ली से पहले चीन के बीजिंग शहर की हालत भी कुछ ऐसी ही हुआ करती थी. मगर चीन सरकार के प्रयासों ने उस शहर को खतरनाक प्रदूषण से उबार दिया .

पांच वर्ष पहले तक बीजिंग दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर था. लेकिन इतने कम समय में ही वो दुनिया के TOP 200 प्रदूषित शहरों की सूची से बाहर हो गया है . वर्ष 2013 से 2017 के बीच बीजिंग में 36.6 प्रतिशत तक प्रदूषण में कमी आई. वर्ष 2018 के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई. आप दिल्ली और बीजिंग की इन दो तस्वीरों से पूरी कहानी समझ सकते हैं. हर वर्ष नवंबर के महीने में इंडिया गेट के पास प्रदूषण की वजह से कुछ भी साफ नहीं दिखता . आसमान में सिर्फ Fog नजर आता है लेकिन पिछले वर्ष से ही बीजिंग की तस्वीर बदल गई है. अब वहां का आसमान भी नीला दिखता है.

दूसरी तस्वीर बीजिंग की है. हम बीजिंग में हुए बदलाव को दिखाने के लिए आपको पहले और अब की तस्वीर दिखा रहे हैं. एक वर्ष पहले तक शहर में धुंध की वजह से ना सड़क दिखती थी. ना ही ऊंची बिल्डिंग. लेकिन अब आप फर्क साफ देख सकते हैं. प्रदूषण का स्तर कम होते ही बीजिंग की तस्वीर बदल गई है.

बीजिंग में ये सब कानून की सख्ती और सही प्लानिंग की वजह से हुआ. वर्ष 2013 में चीन ने Natioal Air Quality Action Plan शुरू किया. बीजिंग के आसपास कोयले से चलने वाले प्लांट बंद कर दिए गए. शहर में Public Transport की संख्या भी बढ़ाई गई और किराए कम किए गए ताकी लोग Public Transport में सफर करने के लिए प्रेरित हो सकें. सरकार ने उद्योगों को Pollution free बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की. इन फैक्ट्रियों को कई फायदे भी दिए गए. यही नहीं प्रदूषण बढ़ने पर जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन पर जुर्माना भी लगाया गया. अभी भी विशेषज्ञों की मदद से चीन लगातार हवा की गुणवत्ता को बेहतर कर रहा है. हमारी अगली रिपोर्ट से आप इसे और बेहतर तरीके से समझ सकते हैं.