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Zee Jaankari: पाकिस्तान की परस्ती करने वालों को आज PoK का 'संदेश' सुनना चाहिए

पाकिस्तान की सेना PoK के लोगों पर अत्याचार कर रही है. और मसूद अज़हर जैसे आतंकवादियों की सेवा कर रही है.

Zee Jaankari: पाकिस्तान की परस्ती करने वालों को आज PoK का 'संदेश' सुनना चाहिए

पाकिस्तान की सेना PoK के लोगों पर अत्याचार कर रही है. और मसूद अज़हर जैसे आतंकवादियों की सेवा कर रही है. इसी वर्ष मई के महीने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मसूद अज़हर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया था. जिसके बाद दुनिया को भ्रमित करने के लिए पाकिस्तान ने उसकी गिरफ्तारी का नाटक किया था. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने उसे कभी भी जेल में नहीं डाला था. ताज़ा जानकारी के मुताबिक, मसूद अज़हर की Last Location, बहावलपुर में थी. और उसकी सेहत भी अच्छी दिख रही थी. हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय दबाव की वजह से वो सार्वजनिक तौर पर कोई भाषण देने से बच रहा है.

यहां पर, जिस बहावलपुर की बात हो रही है, वो कोई ऐसी-वैसी जगह नहीं है. पाकिस्तान में बहावलपुर पहुंचते ही सबसे पहले लोगों का ध्यान एक सफेद मस्जिद की तरफ जाता है. जिसका नाम है जामिया सुभान अल्लाह. ऊंची चारदीवारी वाली यही इमारत, जैश-ए-मोहम्मद का Headquarter है. आतंकवाद के इस मुख्यालय के अंदर बैठकर मसूद अज़हर भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की Planning करता है.

ये इमारत बिल्कुल वैसी ही है, जैसी पाकिस्तान के ऐबटाबाद में ओसामा बिन लादेन की इमारत थी. और इसे भी वैसी ही सुरक्षा मिली हुई है जैसी ओसामा बिन लादेन को मिली हुई थी.दिलचस्प बात ये है, कि आज ही Bangkok में Financial Action Task Force यानी FATF की बैठक शुरु हुई है. इस बैठक में पाकिस्तान से Money Laundering और Terror Financing से संबंधित 125 प्रश्न पूछे जाएंगे. पाकिस्तान को ये साबित करना होगा, कि उसने इन मुद्दों से निपटने के लिए क्या-क्या किया ? लेकिन मसूद अज़हर की रिहाई की ख़बर से पाकिस्तान ने अपने लिए परेशानी खड़ी कर ली है.

और इस बात की संभावना है, कि 13 सितम्बर को FATF की बैठक के बाद पाकिस्तान को Black List में डाल दिया जाए. Black List में आने का मतलब ये होगा, कि पाकिस्तान को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा. आज से ही Geneva में United Nations Human Rights Council के 42वें Session की शुरुआत हुई है. 27 सितम्बर तक चलने वाले Session में भी पाकिस्तान, कश्मीर के मुद्दे पर भारत को घेरने की कोशिश करेगा.

इसके लिए खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी वहां मौजूद हैं. हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के एजेंडे को Expose करने के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है. पाकिस्तान में भारत के हाई कमिश्नर, अजय बिसारिया और भारतीय प्रतिनिधिमंडल वहां उपस्थित है. पाकिस्तान ने अजय बिसारिया को ख़राब माहौल के बीच पाकिस्तान से वापस भेज दिया था.

लेकिन अब उन्हीं के साथ मिलकर भारत की टीम पाकिस्तान के एक-एक झूठ का जवाब देगी. UNHRC में भारत और पाकिस्तान सहित 47 सदस्य देश हैं. और भारत ने कश्मीर के मुद्दे पर फैलाई जा रही अफवाह के बारे में इनमें से ज़्यादातर देशों को जानकारी दे दी है. यानी कश्मीर में कथित तौर पर मानव अधिकार उल्लंघन के पाकिस्तान के आरोपों के खिलाफ भारत की तैयारी पूरी है.

वैसे पाकिस्तान को Expose करने के लिए आज Zee News की टीम ने भी अपनी तैयारी की है. हमारे संवाददाता विशाल पाण्डेय ने, पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर से सिर्फ 875 मीटर की दूरी पर खड़े होकर एक Ground Reporting की है, जिसमें कश्मीर की बेटियां पाकिस्तान को चुनौती दे रही हैं.इस बीच पाकिस्तान को एक और झटका ईरान से लगा है.

ईरान के Mashhad शहर में स्थित पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए हो रहा था. लेकिन 15 अगस्त को ईरान के अधिकारियों ने पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास में लगाए गए Banners को ज़बरदस्ती वहां से हटा दिया. वो भी आधी रात को. पाकिस्तान ने ईरान के विदेश मंत्रालय से इसकी शिकायत भी की.

लेकिन ईरान ने स्पष्ट कर दिया, कि ये किसी विषय को Deal करने का कूटनीतिक तरीका नहीं है. इस बीच पाकिस्तान और उसकी सोच का समर्थन करने वाली संस्थाएं और पश्चिमी मीडिया भी Expose हो रहा है. एक ऐसा ही अखबार है The Washington Post..जिस पर जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में 'एकतरफा खबरें प्रकाशित' करने का आरोप लगा था.

इसके बाद कश्मीरी पंडितों के एक समूह ने इस अखबार के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था, कि अनुच्छेद 370 के विषय पर ये अखबार 'एकतरफा और भेदभावपूर्ण खबरें' दे रहा है. ठीक इसी तरह Geneva में भी बलोचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हो रहे मानव अधिकार उल्लंघन के खिलाफ पोस्टर्स लगाकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं.

वो भी उस वक्त जब UNHRC की बैठक जारी है. और पाकिस्तान इस मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाने की फिराक में है. FATF, पाकिस्तान को Black List में डाल सकता है. और अगर ऐसा हो गया तो पाकिस्तान को कोई देश आर्थिक मदद नहीं दे पाएगा . पाकिस्तान दुनिया भर के देशों से अपील कर रहा है कि वो पाकिस्तान में निवेश करें.

लेकिन ज्यादतर देश पाकिस्तान में निवेश नहीं करना चाहते . यही वजह है पाकिस्तान ने निवेशकों को लुभाने के लिए अजीबो गरीब तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं . पाकिस्तान ने 4 से 8 सितंबर के बीच.. Azerbaijan में एक Investment Summit का आयोजन किया .

इस आयोजन का मकसद पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में निवेश को बढ़ावा देना था . लेकिन निवेशकों को Projects के बारे में बताने की बजाय Summit में Belly Dance का आयोजन करा दिया गया . यानी इमरान ख़ान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनके पास नए पाकिस्तान को देने के लिए कोई नया और Orignal Idea नहीं है .

इस बीच पाकिस्तान के लिए एक और बुरी ख़बर श्रीलंका से आई है. श्रीलंका की क्रिकेट टीम के 10 खिलाड़ियों ने पाकिस्तान का प्रस्तावित दौरा करने से इंकार कर दिया है. ये Series, 27 सितम्बर से 9 अक्टूबर के बीच होनी थी. लेकिन पाकिस्तान में सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए श्रीलंका के खिलाड़ियों ने वहां जाने से इंकार कर दिया.

आपको याद दिला दें, मार्च 2009 में श्रीलंका की टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी. और उस वक्त 12 आतंकवादियों ने उनकी बस पर हमला किया था. जिसमें कई खिलाड़ी घायल भी हुए थे.