Zee Jaankari: पीएम मोदी का अमेरिका में भव्य स्वागत, इमरान खान को झेलनी पड़ी शर्मिंदगी

जरा सोचिए....अगर आपको दुनिया के दो दिग्गज नेताओं के साथ सेल्फी लेनी हो तो क्या करेंगे? और अगर वो नेता अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों तो...

Zee Jaankari: पीएम मोदी का अमेरिका में भव्य स्वागत, इमरान खान को झेलनी पड़ी शर्मिंदगी

जरा सोचिए....अगर आपको दुनिया के दो दिग्गज नेताओं के साथ सेल्फी लेनी हो तो क्या करेंगे? और अगर वो नेता अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों तो...आप कहेंगे ये बेहद मुश्किल काम है . लेकिन, Howdy Modi कार्यक्रम में 9 साल के एक बच्चे के लिए ये काम बेहद आसान रहा . इस बच्चे का नाम है- सात्विक हेगड़े . सात्विक ने दोनों नेताओं को रोककर...सेल्फी ली और ये सेल्फी दुनिया की सबसे पावरफुल सेल्फी बन गई. रातों रात सात्विक अमेरिका से भारत तक सोशल मीडिया पर स्टार बन गया . ये वही वीडियो है. जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Tweet किया .

प्रधानमंत्री ने कहा कि Howdy Modi कार्यक्रम का ये पल बेहद यादगार रहा . दरअसल, रविवार को जब ट्रंप Houston के NRG स्टेडियम पहुंचे तो....पीएम मोदी के साथ मंच की तरफ जाने लगे . मंच से ठीक पहले...कुछ भारतीय बच्चे दोनों नेताओं के स्वागत में पारंपरिक हिंदुस्तानी कपड़ों में खड़े थे . पीएम मोदी और ट्रंप सभी से मिलते हुए आगे बढ़े .

लेकिन तभी ट्रंप ने एक बच्चे के हाथ में मोबाइल देखा और वो रुक गए . उन्होंने रुककर उससे कुछ पूछा भी . बच्चे ने ट्रंप और पीएम मोदी से सेल्फी के लिए आग्रह किया. दोनों नेता तैयार हो गए. बच्चे ने मोदी और ट्रंप के साथ सेल्फी ली . पीएम मोदी ने उसकी पीठ थप-थपाई जबकि ट्रंप हाथ मिलाकर आगे बढ़ गए . 9 साल के सात्विक हेगड़े के माता-पिता का नाम प्रभाकर हेगड़े और मेधा हेगड़े हैं .

सात्विक कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले का रहने वाला है. और योग में उसकी काफी दिलचस्पी है. आप इसे सात्विक की किस्मत या फिर उसका Self confidence भी कह सकते हैं. आप इसे पीएम मोदी और ट्रंप का बड़प्पन भी मान सकते हैं कि उन्होंने एक बच्चे के लिए बड़ा दिल दिखाय़ा और सेल्फी के लिए तैयार हो गए . जो भी हो, ये अपने आप में दिलचस्प है कि 9 साल के एक बच्चे ने ...

दुनिया के दो सबसे ताकतवर नेता को 20 सेकेंड तक रोक कर रखा . अब हम आपको एक और दिलचस्प तस्वीर दिखाना चाहते हैं. ये तस्वीर उस वक्त की है, जब Donald Trump, अपना भाषण दे रहे थे. इस तस्वीर में आकर्षण का केंद्र है, भारत और अमेरिका का राष्ट्रीय ध्वज. क्योंकि, Trump के संबोधन के दौरान भाषण-मंच पर अमेरिका का Presidential Seal नहीं था.

बल्कि दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज को महत्व दिया गया था. अमेरिका की परंपरा के मुताबिक, वहां के राष्ट्रपति के भाषण मंच पर Presidential Seal लगाना अनिवार्य होता है. देश और विदेश में राष्ट्रपति का कोई भी भाषण या बयान Presidential Seal वाले भाषण मंच से ही जारी होता है. किसी भी साझा Press Conference या बयान के दौरान भी इसमें बदलाव नहीं किया जाता है.

यहां तक कि चुनाव अभियान में भी Presidential Seal नहीं हटाई जाती है. इसे Seal of the President of the United States कहा जाता है. जो अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक चिन्ह है. लेकिन, पहली बार इस परंपरा में तब्दीली लाई गई है. जो दोनों देशों के मज़बूत रिश्तों का प्रमाण है. कूटनीति की दुनिया में कई बार, बिना किसी का नाम लिए भी अपनी बातें कही जा सकती हैं .

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कल बिल्कुल ऐसा ही किया. दोनों ने अपने संबोधन में आतंकवाद का मुद्दा उठाया . लेकिन दोनों ही नेताओं ने अपने भाषण में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया . हालांकि, बिना नाम लिए ही Trump और नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को Expose कर दिया .

Trump ने Radical Islamic Terrorism यानी उग्र इस्लामिक आतंकवाद का ज़िक्र करके पाकिस्तान पर हमला बोला . तो प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर जिन शब्दों का प्रयोग किया . उसे सुनकर वहां मौजूद लोगों को खुद ब खुद अहसास हो गया, कि इशारा किसकी तरफ था . इस दौरान सबसे दिलचस्प बात ये थी, कि Trump के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खड़े होकर तालियां बजाईं ...

आतंकवाद पर भारत का साथ देने के लिए, Donald Trump का शुक्रिया अदा किया... और वहां मौजूद लोगों से खड़े होकर Trump को Standing Ovation देने की अपील की. जिसे सबने बिना किसी हिचक के स्वीकार कर लिया. प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ने की बात कही. और इसके पीछे की एक बड़ी वजह है, पाकिस्तान का चरित्र. आज सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी स्वीकार किया है, कि पाकिस्तान ने बालाकोट में एक बार फिर अपने आतंकवादियों को सक्रिय कर दिया है. यानी पाकिस्तान इस बार भी एक बड़े आतंकवादी हमले की तैयारी कर रहा है.

Houston में आतंकवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के बातों की एक पृष्ठभूमि थी. क्योंकि, उससे ठीक पहले वो जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का ज़िक्र कर रहे थे . वही विषय, जिस पर इमरान ख़ान राजनीति कर रहे हैं. और हमारे ही देश के कुछ लोग उस एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं. हालांकि, अमेरिका सहित दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग इस एजेंडे से भली-भांति परिचित हैं.

इसका एक उदाहरण कल दिखाई दिया. क्योंकि, अनुच्छेद 370 पर बोलते हुए जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी ने 70 साल पुराने Challenge को Farewell देने की बात कही. Houston के NRG Stadium में मौजूद हज़ारों की भीड़ खड़े होकर तालियां बजाने लगीं. क्योंकि, वो समझ चुके थे, कि नरेंद्र मोदी किस Challenge को Farewell देने की बात कह रहे थे.

वैसे Howdy, Mody कार्यक्रम की चर्चा सिर्फ भारत और अमेरिका में हो रही है, ऐसा बिल्कुल नहीं है. क्योंकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भी इस वक्त अमेरिका में मौजूद हैं. और इस बात की पूरी संभावना है, कि कल उन्होंने भी इस कार्यक्रम को देखा होगा. और पाकिस्तान की सेना को भी प्रधानमंत्री मोदी और Donald Trump की जुगलबंदी देखकर काफी ईर्ष्या हुई होगी.

पाकिस्तान की सेना के प्रवक्ता Major General Asif Ghafoor ने कल Social Media पर NRG Stadium एक तस्वीर Share की. और ये दावा किया, कि Stadium पूरी तरह खाली है. लेकिन वास्तविकता ये थी, कि ये तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी के Stadium में प्रवेश करने से पहले खींची गई थी. बाद में जब आसिफ गफूर को अपनी ग़लती का अहसास हुआ, तो उन्होंने अपना Tweet, Delete कर दिया.

वैसे, पिछले 48 घंटों से अमेरिका में Elected नरेंद्र मोदी के स्वागत और Selected इमरान ख़ान के तिरस्कार की भी चर्चा हो रही है. अमेरिका पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत हुआ. जबकि, इमरान खान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सऊदी अरब के Crown Prince के Private Jet से अमेरिका पहुंचे थे.

लेकिन New York में उनके स्वागत के लिए कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी Airport पर मौजूद नहीं था. जबकि दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए अमेरिका के व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के निदेशक Christopher Olson और भारत में अमेरिकी राजदूत Ken Juster बांहे फैलाए मौजूद थे. इसके अलावा इमरान ख़ान जब अपने विमान से नीचे उतरे, तो उनके आगे बिछा Red Carpet भी किसी Doormat जैसा लग रहा था. और उसी के आकार का था. यानी आप ये भी कह सकते हैं, कि अमेरिका में इमरान ख़ान के Welcome से पहले ही उनका Farewell हो गया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और वहां के विदेश मंत्री पूरे लाव-लश्कर के साथ अमेरिका पहुंचे हैं.

और उनका एकमात्र एजेंडा है, कश्मीर के नाम पर भ्रम फैलाना. लेकिन इस बार उनकी कोई नहीं सुनेगा. इसे समझने के लिए हम आपको संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की Permanent Representative मलीहा लोधी का एक Tweet दिखाना चाहते हैं. जो उन्होंने अब से थोड़ी देर पहले किया था. अपने Tweet में उन्होंने लिखा था, कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने आज सुबह ब्रिटेन के विदेश मंत्री Boris Johnson से मुलाकात की है. ये लिखते वक्त वो शायद भूल गईं, कि Boris Johnson ब्रिटेन के विदेश मंत्री नहीं. वहां के प्रधानमंत्री हैं.

हालांकि, बाद में मलीहा लोधी ने अपनी ग़लती को Typo Error बताते हुए उसमें सुधार किया.  कहते हैं हौसला बुलंद हो, तो कोई बाधा आपकी राह नहीं रोक सकती.Howdy modi कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में... राष्ट्रगान गाने वाले स्पर्श शाह ने भी यही साबित किया है. 16 साल के स्पर्श शाह की हड्डियां अब तक 130 बार टूट चुकी हैं. अब वो व्हीलचेयर पर ही रहते हैं. और इतने मुश्किल हालात के बावजूद स्पर्श का हौसला कमजोर नहीं पड़ा है . अमेरिका के New Jersey में रहने वाले स्पर्श शाह एक गायक और रैपर होने के साथ मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं.

उन्हें जन्म से ही आस्टियो-जेनेसिस इम्पर-फेक्टा बीमारी है. इस बीमारी में हड्डियां बेहद कमजोर हो जाती हैं. और हलकी सी चोट से भी हड्डी टूट सकती है. गंभीर बीमारी के बावजूद स्पर्श ने हिम्मत नहीं हारी और संगीत का सफर जारी रखा. अब वह अमेरिका के मशहूर रैपर एमनेम की तरह एक अरब लोगों के सामने अपनी प्रतिभा दिखाना चाहते हैं.