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Zee jaankari: UN में पीएम मोदी ने भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए पेश किया विजन

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में जो बातें कहीं वो ये बताती हैं कि क्यों भारत को कभी विश्वगुरु कहा जाता था.  

Zee jaankari: UN में पीएम मोदी ने भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए पेश किया विजन

DNA में आज सबसे पहले हम प्रधानमंत्री मोदी के उस वैश्विक भाषण का विश्लेषण करेंगे जिसने आज सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक VISION पेश किया है. प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र में एक विश्व नेता की तरह बोल रहे थे. उन्होंने अपने भाषण में जो बातें कहीं वो ये बताती है कि क्यों भारत को कभी विश्वगुरु कहा जाता था. उनके भाषण में किसी देश के साथ दुश्मनी का जिक्र नहीं था. किसी भौगोलिक विवाद का जिक्र नहीं था और ना ही किसी सीमा विवाद की बात थी. प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को ये बताया कि 135 करोड़ लोगों के सपनों का भारत कैसा दिखता है और पूरी दुनिया नए भारत से क्या सीख सकती है.

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व बंधुत्व की बात की. उन्होंने भारत को युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध देने वाला देश बताया. उन्होंने जलवायु परिवर्तन को लेकर भारत के लक्ष्यों को दुनिया के सामने रखा और 193 देशों के बीच ये भी साफ कर दिया कि शांति का संदेश देने वाला आतंकवाद के प्रति आक्रोशित भी है और इसे लेकर गंभीर भी है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के लिए सभी नेताओं को 15 मिनट का समय दिया जाता है और प्रधानमंत्री मोदी के पास भी अपनी बात कहने के लिए इतना ही वक्त था और प्रधानमंत्री मोदी ने इसका पूरा सम्मान किया. प्रधानमंत्री का भाषण कुल 17 मिनट का था. यानी प्रधानमंत्री ने सिर्फ 17 मिनट में विश्व कल्याण का नक्शा दुनिया के सामने रख दिया. 

प्रधानमंत्री मोदी ने इन 17 मिनटों में करीब 17 बार वैश्विक, विश्व, दुनिया और संसार जैसे शब्दों का प्रयोग किया. यानी प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के नेता के तौर पर अपनी बात रख रहे थे. मोदी के भाषण में करीब 12 सौ 55 शब्द थे और उनका एक एक शब्द पूरी दुनिया बहुत ध्यान से सुन रही थी. 

ये शायद प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किसी भी मंच पर दिया गया सबसे छोटा भाषण होगा लेकिन इस भाषण के द्वारा प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को एक Global Leader के तौर पर स्थापित किया और दुनिया को ये बता दिया कि 135 करोड़ की जनसंख्या वाले भारत की असली शक्ति क्या है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकंतत्र है और जब दुनिया के 135 करोड़ लोग किसी नेता को प्रधानमंत्री चुनते हैं तो पूरी दुनिया उनकी बातों को बहुत ध्यान से सुनती है. 

आज की दुनिया को आप एक Global Village यानी वैश्विक गांव भी कह सकते हैं जिसमें देश पहले के मुकाबले एक दूसरे के ज्यादा करीब आ चुके हैं लेकिन इस Global Village में आज भी करीब 130 करोड़ लोग गरीबी में जी रहे हैं. इन लोगों के पास ना तो अच्छे स्वास्थ्य की सुविधाएं हैं, ना इनकी वित्तीय स्थिति अच्छी है और इनके पास बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है. भारत ने पिछले कुछ वर्षों में इन चुनैतियों का सामना बहुत शानदार तरीके से किया है. आज प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को बताया कि भारत में चल रही दुनिया की सबसे बड़ी योजनाओं का फायदा...बाकी के देश कैसे उठा सकते हैं.

विश्व स्वाथ्य संगठन के मुताबिक पूरी दुनिया में आज भी करीब 67 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास शौचालय नहीं है जबकि भारत पिछले 5 वर्षों में 11 करोड़ परिवारों को पक्के शौचालयों की सुविधा दे चुका है. World Bank के मुताबिक पूरी दुनिया में आज भी करीब 170 करोड़ लोगों के पास Bank Accounts नहीं है जबकि भारत पिछले 5 वर्षों में 36 करोड़ से ज्यादा लोगों के बैंक खाते खोल चुका है.

इसी तरह आज भी दुनिया की आधी जनसंख्या के पास स्वास्थ्य से जुड़ा बीमा यानी Health Insurence नहीं है जबकि भारत 50 करोड़ लोगों को सरकारी स्वास्थ बीमा की सुविधा देने में सफल रहा है. यानी भारत में शुरू होने वाली हर योजना...दुनिया को रास्ता दिखा रही है और आज प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विश्व कल्याण की इसी सोच को दुनिया के सामने रखा. आज के दौर में ज्यादातर देश सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, अपने आर्थिक विकास की चिंता करते हैं जबकि भारत ने न कल्य़ाण से जगत कल्याण वाली सोच दुनिया के सामने रखी है.