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Zee Jaankari: 'तेजस' में रक्षा मंत्री की 'तेज उड़ान' का विश्लेषण

भारतीय वायुसेना का तेजस, दुनिया का सबसे हल्का और छोटा Fighter Aircraft है. और राजनाथ सिंह भारत के पहले रक्षा मंत्री हैं जिन्होंने तेजस में उड़ान भरी है. 

Zee Jaankari: 'तेजस' में रक्षा मंत्री की 'तेज उड़ान' का विश्लेषण

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और Missile Man के नाम से मशहूर डॉ. APJ अब्दुल कलाम का एक बहुत मशहूर कथन है. वो कहा करते थे, If You Want To Shine Like A Sun. First Burn Like A Sun...यानी अगर आप सूर्य की तरह चमकना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको सूर्य की तरह जलना होगा. परिश्रम से किसी भी तरह की शक्ति हासिल की जा सकती है. DNA में हमारा अगला विश्लेषण, भारत की एक ऐसी ही शक्ति पर आधारित है, जिसका नाम है तेजस. ये संस्कृत का शब्द है, जिसका मतलब होता है...सबसे ताकतवर ऊर्जा . आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस में उड़ान भरते वक्त इसी ऊर्जा को महसूस किया .

भारतीय वायुसेना का तेजस, दुनिया का सबसे हल्का और छोटा Fighter Aircraft है . और राजनाथ सिंह भारत के पहले रक्षा मंत्री हैं जिन्होंने तेजस में उड़ान भरी है . बैंगलुरू के HAL यानी Hindustan Aeronautics Limited के एयरपोर्ट से Take Off करने के बाद तेजस ने 30 मिनट तक आसमान में उड़ान भरी . दो सीटों वाले तेजस Aircraft में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ...

अगली सीट पर एयर वाइस मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी मौजूद थे. एयर वाइस मार्शल एन तिवारी... Aeronautical Development Agency में National Flight Test Centre के Project Director हैं . ADA, तेजस को Develop करने वाली टीम का अहम हिस्सा है. करीब एक हज़ार किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरते हुए तेजस...

आसमान में 15 हज़ार फीट की ऊंचाई तक पहुंचा . इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी थोड़ी देर के लिए विमान का Control संभाला . इस उड़ान में तेजस ने आसमान में कई हवाई करतब भी किए . वापस जमीन पर Land करने के बाद रक्षा मंत्री ने तेजस में उड़ान को अदभुत अनुभव बताया . आज G Suit पहनकर...

और हाथों में Helmet लेकर खड़े राजनाथ सिंह, एक Fighter Pilot की तरह दिख रहे थे . और आज रक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि उन्होंने उड़ान भरने के लिए तेजस को ही क्यों चुना ? आपके मन में ये सवाल होगा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेजस विमान में उड़ान क्यों भरी ? ऐसा करके क्या वो सवा सौ करोड़ भारतवासियों को कोई संदेश देना चाहते हैं ?

असल में ये नए भारत की नई कैबिनेट है. जो हमेशा सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती है, और उनका मनोबल बढ़ाती है. आप इसे मोदी सरकार की Army First यानी सेना को सर्वोच्च स्थान देने वाली नीति भी कह सकते हैं . जब प्रधानमंत्री, सियाचिन जैसे इलाकों का दौरा करते हैं. या रक्षा मंत्री, तेजस जैसे स्वदेशी विमान में उड़ान भरते हैं, तो इससे एक सकारात्मक संदेश जाता है. और सेना का मनोबल बढ़ता है. यही वजह है कि पिछले 5 वर्षों से प्रधानमंत्री मोदी हर दीवाली सुरक्षाबलों के साथ मनाते आ रहे हैं . वर्ष 2018 में अमेरिका और फ्रांस के वायुसेनाध्यक्ष भी तेजस को उड़ा चुके हैं .

यानी हमारे स्वदेशी Aircraft में दुनिया के बड़े बड़े देशों की दिलचस्पी है . आज रक्षा मंत्री ने, तेजस में 30 मिनट वाली उड़ान से भारतीय वायुसेना... सहित DRDO और HAL का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है . Fighter Aircraft बनाने के स्वदेशी प्रयास... यानी तेजस का सम्मान करके ही, भारत हथियारों के निर्माण में आत्मनिर्भर बन सकता है.

आपने भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की नज़रों से तेजस के तेज को देख लिया. लेकिन आज हम आपको तेजस के काफी क़रीब लेकर चलेंगे. इसके लिए हम आपको Flash Back में लेकर चलेंगे. और DNA की एक Special रिपोर्ट दिखाएंगे. पिछले साल मुझे एक Co-Pilot के तौर पर भारतीय वायुसेना का 'बाज़' कहे जाने वाले Hawk, Fighter Jet में उड़ान भरने का मौका मिला था.

वो एक Fighter Pilot वाली ज़िंदगी थी. जिसने निजी तौर पर मुझे एक ऐसा अनुभव दिया था, जिसे मैं आजीवन याद रखूंगा. बैंगलुरु में Hindustan Aeronautics Limited की Manufacturing Facility में हमने भारत के पहले 100 फीसदी स्वदेशी Light Combat Aircraft, तेजस का भी विश्लेषण किया था. और आपको बताया था, कि लम्बे समय से भारत को तेजस जैसी शक्ति की ज़रूरत क्यों थी ?

भारत में इस फाइटर जेट को तैयार करने की शुरूआत आज से करीब 36 साल पहले हुई थी. अगस्त 1983 में Light Combat Aircraft प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी. और इसके 18 साल बाद 4 जनवरी, 2001 को तेजस ने पहली उड़ान भरी थी. वर्ष 2003 में, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इस फाइटर जेट को 'तेजस' का नाम दिया था.

इस फाइटर जेट का ये नाम संस्कृत भाषा के 20 नामों में से चुना गया था. वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना में दो तेजस विमानों को औपचारिक रूप से शामिल किया गया था. तेजस की पहली Squadron का नाम 'Flying Daggers' रखा गया है, जिसका अर्थ होता है उड़ने वाला खंजर. लड़ाकू विमान के संदर्भ में अक्सर एक बात कही जाती है, कि दुनिया में जिस देश के पास सबसे ताकतवर वायुसेना होती है, उसे ही सबसे शक्तिशाली माना जाता है.

तेजस ने भारत की वायुसेना को एक नई ऊर्जा दी है. और आने वाले समय में यही ऊर्जा भारत को सैन्य क्षेत्र में एक महाशक्ति बनाएगी. इसलिए आपको इस लड़ाकू विमान पर गर्व होना चाहिए. हमारे देश के वैज्ञानिक, इंजीनियर या डॉक्टर्स जब कोई बड़ा काम करते हैं तो उस पर पूरे देश को गर्व होना चाहिए. और देश के लोगों को अपनी ऐसी उपलब्धियों का प्रचार और प्रसार करना चाहिए.

इसीलिए हम कह रहे हैं कि तेजस जैसे फाइटर जेट का प्रचार अगर भारत के लोग नहीं करेंगे.. तो और कौन करेगा ? ये पूरे देश का फर्ज़ है. इसलिए आज तेजस पर आधारित पुरानी रिपोर्ट को याद करते हुए, आप भी उसके शौर्य को एक बार फिर क़रीब से महसूस कीजिए. 30 सितंबर को वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ रिटायर होने वाले हैं .

इसी दिन एयर मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया नए वायुसेनाध्यक्ष बन जाएंगे . वायुसेना के उप प्रमुख... एयर मार्शल भदौरिया तेजस के Test पायलट रह चुके हैं . और तेजस की हर छोटी बड़ी तकनीक के बारे में समझ रखते हैं . आप कह सकते हैं कि वायुसेना के नए सेनाध्यक्ष भदौरिया को तेजस पर काफी भरोसा होगा .