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Zee Jaankari: सिर्फ रावण का नहीं, अपने अंदर छिपी बुराइयों का भी वध कीजिए

आज के युग में विजय दश्मी का अर्थ सिर्फ रावण पर भगवान राम की विजय नहीं है. बल्कि ये उन जीवन मूल्यों का प्रतीक है. जिनका पालन करके आप अपने भीतर के रावण का वध कर सकते हैं.

Zee Jaankari: सिर्फ रावण का नहीं, अपने अंदर छिपी बुराइयों का भी वध कीजिए

आज पूरे देश में दशहरे का पर्व मनाया जा रहा है. इसे आप असत्य पर जीत का महापर्व भी कह सकते हैं. ये अच्छाई की जीत और बुराई के विनाश का भी प्रतीक है. लेकिन आज के युग में विजय दश्मी का अर्थ सिर्फ रावण पर भगवान राम की विजय नहीं है. बल्कि ये उन जीवन मूल्यों का प्रतीक है. जिनका पालन करके आप अपने भीतर के रावण का वध कर सकते हैं.

दशहरे के मौके पर आज आपको कई शुभकामना संदेश आए होंगे. कुछ लोगों ने WhatsApp पर ये संदेश भेजे होंगे. तो कुछ लोगों ने फेसबुक और Instagram पर ही आपको शुभकामनाएं दे दी होंगी. शायद ही आपने किसी को Phone Call करके या व्यक्तिगत रूप से मिलकर...विजयदश्मी की शुभकामनाएं दी होंगी .

यानी जीवन को सही तरीके से जीने की शिक्षा देने वाले त्योहारों को भी हमने सिर्फ एक औपचारिकता बना दिया है. जिसमें हम पहले से बने बनाए संदेशों को एक दूसरे को Forward कर देते हैं. लेकिन कोई भी आपको दशहरे जैसे पर्व का सही अर्थ समझाने की कोशिश नहीं करता . इसलिए ये कोशिश आज हम कर रहे हैं .

रावण के 10 सिर थे जिन्हें बुराइयों का प्रतीक माना जाता है. ये सिर उसके करीबियों के साथ साथ उसके विरोधियों को भी दिखाई देते थे . लेकिन आज के युग में कई लोग अपने अंदर की बुराइयों को बहुत अच्छी तरह से छिपा कर रखते हैं, ढक कर रखते हैं . और कोई भी इन्हें देख नहीं पाता .

ऐसे लोग अपने आसपास झूठे संस्कारों, और झूठी अच्छाईयों का आवरण बना लेते हैं और अंदर छिपा रावण अट्टहास करता रहता है . हम चाहते हैं कि आप आज इस रावण को पहचानें और विजयदश्मी के दिन इन बुराइयों का दहन करने की प्रतिज्ञा करें .

इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि दशहरे के पर्व, रावण के वध और भगवान राम के जीवन से आप क्या सीख सकते हैं.रामायण की रचना वाल्मिकी ने की थी . जो पहले एक डाकू हुआ करते थे . वाल्मिकी ने खुद को परिवर्तित किया . साधना की और आखिरकार ज्ञान प्राप्त किया . अपने इसी ज्ञान का प्रयोग करके उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना की .

तो सबसे पहली बात जो आपको सीखनी चाहिए वो ये है.. कि आप जब चाहें अपने अंदर सुखद परिवर्तन ला सकते हैं . चाहे परिस्थियां कितनी भी मुश्किल क्यों ना हो . दूसरी शिक्षा ये है कि अपने ज्ञान को सिर्फ अपने आप तक सीमित ना रखें . इसे दूसरों तक पहुंचाएं ताकि उन्हें भी सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले .

यानी ज्ञान बांटने से ही बढ़ता है. माना जाता है कि वाल्मिकी ने जब रामायण लिखी थी तो उन्होंने उसे नष्ट होने से बचाने के लिए एक बक्से में रख दिया था . लेकिन लोग उस बक्से का महत्व नहीं समझ पाए, इसलिए वाल्मिकी ने उसे सुंदर कलाकृतियों और पत्थरों से सजा दिया . इसके बाद लोग उस बक्से के प्रति आकर्षित होने लगे.

लेकिन वो लोग ये नहीं समझ पाए कि ये सिर्फ बाहरी सुदंरता है . रामायण रूपी असली हीरा तो बक्से के अंदर है .इसी तरह हम अपने जीवन में भी सिर्फ बाहरी सुंदरता को महत्व देते हैं, उसके प्रति आकर्षित हो जाते हैं लेकिन किसी के अंदर छिपी अच्छाइयां हमें आसानी से दिखाई नहीं देती.

रामायण सिर्फ एक कहानी नहीं है बल्कि एक आध्यात्मिक साधना है. जिसमें जीवन को बेहतर बनाने के बहुत सारे इशारे छिपे हैं .रामायण की सभी घटनाओं में जीवन की  शिक्षाएं छिपी है . इसलिए आज हम आपके लिए रामायण की इन्हीं Life Changing यानी जीवन बदल देने वाली घटनाओं का सरल भाषा में विश्लेषण कर रहे हैं.