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Zee Jaankari: पीएम मोदी से सीख सकते हैं ये 5 बातें, जीवन में मिल सकती है सफलता!

देश की हर मां ये चाहती है कि उनका बेटा प्रधानमंत्री मोदी जैसा बने और हर बेटा भी खुद को नरेंद्र मोदी से जोड़कर देखता है . इसलिए आज हम आपको उन 5 बातों के बारे में बताएंगे जो आप प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख सकते हैं. 

Zee Jaankari: पीएम मोदी से सीख सकते हैं ये 5 बातें, जीवन में मिल सकती है सफलता!

देश की हर मां ये चाहती है कि उनका बेटा प्रधानमंत्री मोदी जैसा बने और हर बेटा भी खुद को नरेंद्र मोदी से जोड़कर देखता है . इसलिए आज हम आपको उन 5 बातों के बारे में बताएंगे जो आप प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीख सकते हैं. अगर आप इन बातों को अपने जीवन में उतारेंगे.. तो आपके हाथ सफलता की कुंजी लग सकती है . प्रधानमंत्री मोदी और उनकी मां के बीच का ये रिश्ता हमे बताता है कि कैसे सफलता और सत्ता का शिखर भी मां के चरणों में सिर झुकाता है . मां के हृदय से जो प्यार उमड़ता है वो सिर्फ लंबी उम्र का आशीर्वाद नहीं होता...बल्कि जीवन की लंबी यात्रा में एक ऐसा Compass बन जाता है.

जो आपको रास्ता भटकने नहीं देता . दूसरी बात है मोह-माया का त्याग और वैराग्य का जीवन प्रधानमंत्री मोदी अपनी मां के बेहद करीब हैं...लेकिन परिवार से वो वैराग्य ले चुके हैं . हिंदू और बौद्ध धर्म में वैराग्य़ का बहुत महत्व है . वैराग्य का अर्थ सिर्फ घर छोड़कर जंगलों में चले जाना नहीं है . बल्कि वैराग्य या संन्यास एक भाव है . इस भाव को अगर आप अपने जीवन में उतार लें तो सुख और दुख से मुक्त हो सकते हैं .

शास्त्रों में भगवान शिव को सबसे बड़ा वैरागी कहा गया है. शिव का वैराग्य परिवार का त्याग नहीं है बल्कि मन को गुलाम बनाने वाली इच्छाओं और भावनाओं का त्याग है. वैराग्य आपके मन में भौतिक सुख सुविधाओं के प्रति विरक्ति यानी Detachment पैदा करता है. इसलिए वैराग्य उतपन्न होने से कोई मोह और माया आपको कर्तव्य पथ से डिगा नहीं सकती .

प्रधानमंत्री मोदी का वैराग्य ही उन्हें देशहित के मार्ग से भटकने नहीं देता . उनका परिवार भी साधारण जीवन व्यतीत करता है . यहां इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि परिवारवाद की राजनीति के दौर में भी प्रधानमंत्री मोदी के परिवार वालों ने इसका फायदा नहीं उठाया, उनके भाई और मां आज भी साधारण लोगों की तरह रहते हैं.इससे देश के लोगों के मन में भी ये विश्वास पैदा हुआ कि देश का प्रधानमंत्री भ्रष्ट नहीं हो सकता क्योंकि कोई व्यक्ति भ्रष्ट तब होता है जब उसे अपने परिवार को फायदा पहुंचाने का लालच होता है. आज आपको वैराग्य से जन्म लेने वाली ऊर्जा के विषय में प्रधानमंत्री मोदी के विचार भी सुनने चाहिए..

.यही वो ऊर्जा है जो उन्हें 24 घंटे देश के लिए काम करने की प्रेरणा देती है . तीसरी बात जो आप प्रधानमंत्री मोदी से सीख सखते हैं..वो है राष्ट्रवाद..प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ अपनी मां से प्यार नहीं करते..बल्कि वो अपनी मातृभूमि से भी उतना ही प्यार करते हैं और उसपर आंच नहीं आने देते . दुश्मन के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और Air Strike करने का फैसला हो या फिर..

.राजपथ पर दुनिया का भारत की शक्ति से परिचय कराना . प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रवाद की भावना को सदा प्राथमिकता देते हैं और इसी की परिणाम है कि आज 135 करोड़ भारतीय खुद को राष्ट्रीय अस्मिता से जोड़कर देखने लगे हैं . हर भारतीय अपनी भाषा, अपनी संस्कृति पर गर्व करता है और देश का हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता है .

क्योंकि देश की विविधता अब देश को बांटती नहीं है..बल्कि एकता के सूत्र में बांधती है . प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीखी जा सकने वाली चौथी बात बताने से पहले मैं आपके साथ महात्मा गांधी द्वारा दिए गए जंतर को बांटना चाहता हूं . महात्मा गांधी ने कहा था कि जब भी संदेह हो, अहंकार हावी होने लगें तो एक कसौटी आज़मानी चाहिए, कोई भी कदम उठाने से पहले सबसे सबसे गरीब और असहाय व्यक्ति की चेहरा ध्यान में लाना चाहिए और खुद से पूछना चाहिए कि क्या आपके द्वारा उठाया गया कदम...उस व्यक्ति को कुछ लाभ पहुंचाएगा ? क्या इससे उसका जीवन सुधर पाएगा ? नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन गए..

.लेकिन वो गांधी जी के इस जंतर को नहीं भूले...उन्होंने कभी सफाई कर्मियों के पैर धोए, तो कभी कूड़ा बीनने वाली महिलाओं के साथ बैठकर..उन्हें सम्मान दिया . और उन्होंने बता दिया कि गरीबों के मन में स्वाभिवान की भावना भरना ही असली राष्ट्रवाद है. पांचवी और आखिरी बात जो आपको प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से सीखनी चाहिए..वो ये है कि...

आप दुनिया में जहां भी जाएं...देश के सम्मान को ठोकर ना लगने दें . आप जब दुनिया के किसी और देश में होते हैं..तो आप सिर्फ अकेले नहीं होते..बल्कि आप 135 करोड़ भारतीयों के प्रतिनिधि होते हैं . ये एक बड़ी जिम्मेदारी है. और प्रधानमंत्री मोदी ने इस जिम्मेदारी को बहुत शानदार तरीके से निभाया है.

विश्व में जब भी देश का नाम होता है...हर भारतीय के चेहरे पर खुशी आ जाती है . प्रधानमंत्री मोदी की अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक क्रांति ने पूरी दुनिया में भारत की पहचान को बदलने का काम किया है. और अब भारत दुनिया के ताकतवर देशों के साथ बराबरी का व्यवहार कर रहा है . इसलिए आप जब भी कभी देश के बाहर जाएं...तो इस बात का ध्यान रखें कि कहीं आपकी कोई हरकत देश के सम्मान को ठेस तो नहीं पहुंचा रही .