ZEE जानकारी: न्याय के लिए उन्नाव की बेटी का 'अग्निपथ'

हमारा देश अपने संस्कारों की दुहाई देता रहता है और हमारे देश की बेटियां सड़क पर जलती रहती हैं. बड़ा सवाल ये है कि हर दिन महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं. 

ZEE जानकारी: न्याय के लिए उन्नाव की बेटी का 'अग्निपथ'

हमारा देश अपने संस्कारों की दुहाई देता रहता है और हमारे देश की बेटियां सड़क पर जलती रहती हैं. बड़ा सवाल ये है कि हर दिन महिलाओं के खिलाफ जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं. उसके बाद भी क्या हमारे देश का संस्कारी चरित्र बरकरार है. क्या हमारा देश कुछ सीखने के लिए तैयार नहीं है. क्या हमारा देश सुधरने के लिए तैयार नहीं है. जहां महिलाएं असुरक्षित हों.अपराधी बेखौफ हों. सिस्टम लाचार और सरकार लापरवाह दिखे..तो समझ लीजिए..अपने परिवार की सुरक्षा के लिहाज से हम सभी खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुके हैं.

हमारे देश में अब आपराधिक मानसिकता वाले युवकों को किसी चीज का डर नहीं है. ना तो उनके मन में पुलिस का खौफ है और ना ही न्याय व्यवस्था का डर है . हमने रेप के खिलाफ कड़े कानून तो बना दिए लेकिन अपराधी...कानून से बचने के लिए नया रास्ता पहले ही खोज निकालते हैं. ये सबूत मिटाने की कोशिश में पीड़ितों को जला कर मार देते हैं.

आज से 9 दिन पहले हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के साथ पहले रेप किया गया और उसके बाद उसे ज़िंदा जलाकर मार दिया गया और आज उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रेप के आरोपियों ने पीड़ित लड़की को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की ताकि अपने खिलाफ सबूत मिटाया जा सके . डॉक्टर के मुताबिक पीड़ित 90 प्रतिशत जल चुकी है और उसे इलाज के लिए अब से थोड़ी ही देर पहले लखनऊ से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लाया गया है . दिल्ली एयरपोर्ट से जल्द से जल्द अस्पताल तक उसे पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था.

ये घटना उन्नाव के बिहार थाना इलाके में हिन्दू नगर गांव की है. उन्नाव पुलिस के मुताबिक 9 महीने पहले रेप पीड़िता ने गांव के ही दो युवकों पर रेप का केस दर्ज कराया था . उसी केस के सिलसिले में वो लड़की आज सुबह रायबरेली जा रही थी . इसी दौरान आरोपियों ने उसे घेर लिया और केरोसिन का तेल डालकर ज़िंदा जला दिया.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जली हुई हालत में भी उसने संघर्ष नहीं छोड़ा. वो जलती रही फिर भी चलती रही. काफी दूर तक पैदल चलने के बाद उसने गांववालों से मदद मांगी. पुलिस को कॉल किया गया. उसने खुद पुलिस से मोबाइल फोन पर बात की . और पुलिस को अपने साथ हुई वारदात के बारे में बताया. पुलिस ने पीड़ित को पहले जिला अस्पताल और उसके बाद लखनऊ ट्रॉमा भेज दिया गया . और देर शाम उसे दिल्ली लाया गया . य़े आपराधिक मानसिकता के युवक हैं जो राष्ट्र के माथे पर कलंक हैं.  

NCRB के ताज़ा आंकड़ों मुताबिक हमारे देश में रेप के चार आरोपियों में से सिर्फ एक को सज़ा हो पाती है .इसलिए हमारे समाज की स्थिति बहुत खराब हो चुकी है. पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में ये आरोप लगाया है कि शिवम त्रिपाठी ने अपने चार साथियों के साथ उसे जलाने की वारदात को अंजाम दिया. इस वक्त सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं . लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या हमारा सिस्टम..ऐसी घटना का इंतज़ार कर रहा था.

क्योंकि इस वारदात का मुख्य आरोपी शिवम त्रिपाठी 5 दिन पहले ही 30 नवंबर को जमानत पर जेल से छूटा है . शिवम समेत दो आरोपियों के खिलाफ 4 मार्च 2019 को उस लड़की ने दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का केस दर्ज कराया था. और आज 5 दिसंबर है . यानी 4 मार्च से 5 दिसंबर के बीच..इन 9 महीनों में अगर हमारा सिस्टम चाहता तो ये नौबत ही नहीं आती. लेकिन हमारा सिस्टम...आरोपी के जमानत पर छूटने का इंतज़ार कर रहा था . आरोप के मुताबिक इस केस में सबसे पहले महिला से रेप किया गया, फिर उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया और उसके बाद जला दिया गया.

ये महिलाओं के खिलाफ अपराधियों की नई मानसिकता है जो देश भर में तेजी से फैल रही है .और ऐसी आपराधिक मानसिकता वाले लोगों का दुस्साहस तब और ज्यादा बढ़ जाता है जब कोई मंत्री..अपने राज्य की जनता से ये कहता है कि वो सौ प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता. उन्नाव की इस बड़ी घटना पर उत्तर प्रदेश के खाद्य और आपूर्ति मंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह का बयान सुनिए  

चुनाव के वक्त हर पार्टी राम राज्य लाने का वादा करती है . सौ प्रतिशत महिला सुरक्षा का वादा करती है . वही पार्टी चुनाव के बाद और सरकार बन जाने के बाद महिला सुरक्षा पर किस तरह खुद को असहाय बताने लगती है . किस तरह के कुतर्क देने लगती है . इसका अंदाजा आपने योगी सरकार के मंत्री के इस बयान से लगा लिया होगा