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Zee Jaankari: पाकिस्तान पर तोप खाने से तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक क्यों की गई?

भारत ने रविवार को PoK यानी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में. आतंकवादियों पर बड़ा हमला किया है. पिछले 4 वर्षों में... पाकिस्तान की सीमा में भारत की ये तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक है . इ

Zee Jaankari: पाकिस्तान पर तोप खाने से तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक क्यों की गई?

अब हम भारतीय सेना के उस पराक्रम का विश्लेषण करेंगे. जिसकी गूंज 24 घंटे बाद भी जम्मू कश्मीर से लेकर इस्लामाबाद तक सुनाई दे रही है. भारत ने रविवार को PoK यानी पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में. आतंकवादियों पर बड़ा हमला किया है. पिछले 4 वर्षों में... पाकिस्तान की सीमा में भारत की ये तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक है . इन तीनों Surgical Strikes को अलग अलग तरीके से अंजाम दिया गया है... और हर बार इन Strikes में पाकिस्तान की हार हुई है. पिछले कुछ वर्षों में नए भारत की बढ़ती ताकत को आपने शायद महसूस नहीं किया होगा.

कुछ वर्षों पहले जब भी Surgical Strike शब्द सुनाई देता था तो. इज़रायल, अमेरिका और रूस की सेनाओं के शौर्य और मिलिट्री ऑपरेशन की बात होती थी. लेकिन तीन बार आतंकवाद की कमर तोड़ने वाला अटैक करने के बाद अब पूरी दुनिया में भारतीय सेना के साहस की चर्चा हो रही है. सबसे पहले समझिए कि पराक्रम वाले रविवार के दिन क्या हुआ?

20 अक्टूबर को PoK के नीलम घाटी में भारतीय सेना की कार्रवाई में 4 से ज्यादा आतंकी लॉन्च पैड तबाह हो गए हैं. यहां पाकिस्तानी सेना की कई पोस्ट को भी भारी नुकसान पहुंचा है. Bofors तोप से किए गए हमले में 10 से ज्यादा आतंकवादी और पाकिस्तान के 10 जवानों के मारे जाने की भी खबर है. Line Of Control के पार PoK में जूरा, अथमुक़ाम, कुंदलशाही और लीपा वैली में आतंकवादियों के लॉन्चपैड को तबाह कर दिया गया है.

अथमुक़ाम में पाकिस्तानी सेना का हेडक्वार्टर भी है. भारतीय सेना को आतंकवादियों के इन ठिकानों की जानकारी पहले से थी. पाकिस्तान ने शनिवार को आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए. भारतीय सीमा के रिहाइशी इलाकों में फायरिंग की थी. कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर में पाकिस्तान ने Ceasefire का उल्लंघन किया था... और इन्हीं गोलियों का जवाब भारत ने Bofors तोप के गोलों से दिया है .

यानी अब नया भारत आतंकवादियों पर कूटनीति वाली चर्चा नहीं करता आगे बढ़कर 'फ़ाइनल एक्शन' लेता है. अब पाकिस्तान को समझाने के लिए डॉजियर नहीं दिए जाते है आतंक के ठिकानों को तबाह किया जाता है. आपको बता दें इस Surgical Strike के बाद पाकिस्तान ने अपने एक सैनिक के मारे जाने की बात मानी है लेकिन हमेशा की तरह आतंकवादियों के मारे जाने से इनकार किया है.

इस हमले के बाद आपके मन में कई सवाल होंगे पहला सवाल पाकिस्तान पर तीसरी बार सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत क्या संदेश देना चाहता है? दूसरा सवाल... क्या ये भारत का PoK में पाकिस्तान के आतंकवाद पर 'आखिरी प्रहार' है? और तीसरा सवाल... क्या पूरे कश्मीर पर कब्जा करके अखंड भारत का सपना जल्द पूरा होने वाला है?

आपलोगों ने पिछले 24 घंटे में इस खबर को अखबार, रेडियो या News Channels में देखा होगा लेकिन इसके बाद भी लोगों के मन में कई सवाल हैं. इसलिए DNA में आपको सिलसिलेवार तरीके से पूरी घटना बताएंगे ताकि बदला लेने वाली इस कार्रवाई के बारे में आपको सौ प्रतिशत जानकारी मिल जाए. सबसे पहले आपको ये सुनना चाहिए कि भारतीय सेना के हमले के बाद सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने क्या कहा?

आपने ध्यान दिया होगा सेनाध्यक्ष ने एक खास शब्द का इस्तेमाल किया है. ये शब्द है 'पक्की खबर'. इसका मतलब है भारतीय सेना को PoK में आतंकवादियों के बारे में पूरी खबर थी. उनके ठिकानों की जानकारी थी और उन्हें ये भी पता है कि हमले के बाद कितना नुकसान हुआ है. ये नए जमाने का युद्ध है जिसमें सूचना ही सबसे बड़ी ताकत है. वैसे इन Surgical Strikes को आप आतंकवाद खत्म करने की दिशा में भारत की नई रणनीति भी कह सकते हैं.

सबसे पहले वर्ष 2016 में उरी आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना के Para Commandos ने सीमा पार करके पहली बार Surgical Strike की थी . ये बदले हुए भारत का पहला शक्तिप्रदर्शन था.इसी साल फरवरी में पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के टेरर कैंप पर एयर स्ट्राइक की थी . इसमें करीब तीन सौ आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था.

और कल भारत ने Bofors तोप से गोलाबारी करके PoK में मौजूद आतंकियों को खत्म कर दिया . आप सोचिए अगर ये आतंकवादी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करते तो इनका निशाना क्या होता... ये कितनी तबाही कर सकते थे?यानी नया भारत, अब आतंकवादियों के हमले का इंतजार नहीं करता है वो पहले आक्रमण करके 'आतंक की फैक्ट्री' को बंद कर रहा है.

आज पाकिस्तान को अमेरिका ने भी 440 वोल्ट का Shock दिया है.अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि- हमें नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी की घटनाओं के बारे में पता है. हम सभी से शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करते हैं ताकि सीमा पार से आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सके. यानी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका ने भी भारत का साथ दिया है.

PoK भारत का अखंड हिस्सा है. और PoK में मौजूद आतंकी अड्डों पर प्रहार करके भारत ने पूरी दुनिया को सीधा संदेश दे दिया है. कि ये भारत का ही हिस्सा है और यहां छिपे आतंकवादियों पर भारत जब चाहे हमला कर सकता है. कुल मिलाकर ये PoK पर भारत के दावे को और पुख्ता करने की रणनीति है. अब आपके मन में सवाल होगा कि भारतीय सेना ने इस बार तोपखाने से Surgical Strike क्यों की है? पिछली दो Surgical Strikes में भारतीय सेना ने सीमा पार करके हमला किया था . लेकिन सीमा पार करके दुश्मन के इलाके में घुसने के बाद खतरा बढ़ जाता है.

आपको बता दें कि LoC के पास मौजूद बोफोर्स तोप की मदद से सीमा पार किए बिना ही आतंकियों पर आराम से निशाना लगाया जा सकता है. इनकी मदद से 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तक मौजूद लक्ष्य पर हमला संभव है. और जरूरत हो तो किसी Target पर ये तोप सिर्फ 14 सेकेंड में 3 गोले फायर कर सकती है.

भारतीय सेना वर्षों से बोफोर्स तोप का इस्तेमाल कर रही है इसलिए वो इसे मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक कुशलतापूर्वक इस्तेमाल करना जानती है. दिन और रात निशाना लगाने में सक्षम बोफोर्स तोप भारतीय तोपखाने का घातक हथियार है. और कुछ दिनों पहले अमेरिका से नए गोले मिलने के बाद ये और विनाशकारी बन गई है .

अब भारतीय सेना के पास अमेरिका से खरीदा गया तोप का एक स्मार्ट गोला मौजूद है. जो 50 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक सटीक निशाना लगा सकता है . यानी अब पाकिस्तान की सीमा में 50 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद आतंकवादी भी भारत के टारगेट पर हैं.

वर्ष 1999 में भी बोफोर्स तोप ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को उसकी हैसियत दिखाई थी. तब पाकिस्तानी सैनिकों ने आतंकवादियों के रूप में कारगिल में घुसपैठ की थी. वो लेह से श्रीनगर को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे को अपने नियंत्रण में लेकर. जम्मू-कश्मीर को पूरे देश से अलग करना चाहते थे. लेकिन करीब दो महीनों की लड़ाई और 527 सैनिकों की शहादत के बाद भारतीय सेना ने अपना इलाक़ा पाकिस्तान के कब्ज़े से मुक्त करवा लिया था. और इस जीत में बोफोर्स का भी बड़ा योगदान था.

मैंने कारगिल और वहां हुए युद्ध को बहुत करीब से देखा है. 1999 में.. मैं कारगिल युद्ध को Cover करने के लिए गया था. हमने जोखिम से भरी ये सच्ची रिपोर्टिंग इसलिए की थी, ताकि कारिगल युद्ध की एक-एक ख़बर हम आप तक पहुंचा सकें. इसके बाद वर्ष 2014 में भी मैंने कारगिल जाकर युद्ध की निशानियों को करीब से देखा था.

और बोफोर्स की दुश्मनों को हराने वाली खूबियों को विस्तार से समझने की कोशिश की थी. ये एक ऐसी तोप है जिसने 20 साल पहले पाकिस्तान को कारगिल की हार का तोहफा दिया था. और 24 घंटे पहले PoK में इमरान खान की पराजय पक्की कर दी. आज zee news की टीम जम्मू कश्मीर में तंगधार सेक्टर में पहुंची. जहां पाकिस्तान ने गोलाबारी की थी. सीमा पार से हुई इस फायरिंग में भारत के एक नागरिक की मौत हो गई... और कई घरों को नुकसान पहुंचा.