ZEE जानकारी: प्रदूषण हमारे देश में मुद्दा क्यों नहीं बनता

प्रदूषण के खिलाफ अभियान को लेकर हमारे सांसद कितने संवेदनशील हैं..इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आज संसद में प्रदूषण पर हुई चर्चा के दौरान देश के करीब 75 प्रतिशत सांसद सदन से गायब थे. 

ZEE जानकारी: प्रदूषण हमारे देश में मुद्दा क्यों नहीं बनता

कश्मीर में तस्वीर बदली है. लेकिन हमारे देश के कुछ लोगों के लिए कश्मीर से आया 'शुभ समाचार', कोई मुद्दा नहीं होता. जो मुद्दे आपके जीवन से जुड़े होते हैं...आपकी जरूरतों से जुड़े होते हैं...वो कभी चुनावी मुद्दे नहीं बनते. हमारे देश में जात-पात...हिंदू-मुस्लिम..धर्म और आस्था..को बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया जाता है. क्योंकि ऐसे विषयों पर सरकारों को और नेताओं को कुछ नहीं करना पड़ता. सिर्फ नारे और भाषणों से वोट मिल जाते हैं. लेकिन प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर...नेता चर्चा से भी भागते हैं . हमारे देश के ज्यादातर सांसदों के लिए प्रदूषण.चिंता का विषय नहीं है.

प्रदूषण के खिलाफ अभियान को लेकर हमारे सांसद कितने संवेदनशील हैं..इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि आज संसद में प्रदूषण पर हुई चर्चा के दौरान देश के करीब 75 प्रतिशत सांसद सदन से गायब थे. शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर लोकसभा में चर्चा हो रही थी. आपको ये देखकर हैरानी होगी कि इस दौरान ज्यादातर कुर्सियां खाली थीं.

सत्र के पहले दिन जो सांसद मास्क पहनकर आए थे. वो आज सदन में आए ही नहीं. प्रदूषण को लेकर बड़ी बड़ी बात करने वाले आपके जन प्रतिनिधियों के चेहरे से दिखावे का मास्क आज कैसे उतर गया. इसे आप आज के घटनाक्रम से समझ सकते हैं. लोकसभा में आज शाम 4 बजे प्रदूषण पर चर्चा निर्धारित थी.

और उसके बाद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को जवाब देना था. बाद में चर्चा का समय दोपहर 3 बजे कर दिया गया . लेकिन चर्चा 40 मिनट की देरी से यानी 3 बजकर 40 मिनट पर शुरू हुई. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जब प्रदूषण पर लोकसभा में चर्चा शुरू हुई तो सदन में 543 में से सिर्फ 84 सांसद ही मौजूद थे.

इसे एक बार फिर से सुन लीजिए कि लोकसभा में प्रदूषण पर चर्चा शुरू होने के दौरान 543 सांसदों में सिर्फ 84 सांसद ही मौजूद थे. और करीब 3 घंटे बाद जब चर्चा खत्म हुई तब सांसदों का आंकड़ा 125 तक भी नहीं पहुंचा.

यही नहीं विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी बन चुकी दिल्ली में कुल 7 सांसद हैं. इनमें से सिर्फ 3 सांसद...चर्चा की शुरुआत में मौजूद थे . बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा, मीनाक्षी लेखी और गौतम गंभीर. करीब एक घंटे बाद दिल्ली बीजपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने चर्चा में भाग लिया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन को उसी समय राज्यसभा में एक बिल पेश करना था इसीलिए वो प्रदूषण पर चर्चा में शामिल नहीं हो पाए . बीजेपी सांसद रमेश विधूड़ी और हंसराज हंस तो चर्चा के आखिर तक आए ही नहीं.

प्रदूषण पर आज चर्चा अधूरी रही. अब परसों इस मुद्दे पर फिर चर्चा होगी और उसके बाद पर्यावरण मंत्री जवाब देंगे . क्योंकि पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को आज दिल्ली से बाहर जाना था और वो परसों दिल्ली वापस लौट रहे हैं. इस मुद्दे पर कुल 24 सांसदों को बोलना था, जिनमे से आज 15 सांसद बोल चुके हैं और 9 अभी भी बाकी है.