ZEE जानकारी: JNU में स्वामी विवेकानंद का अपमान क्यों किया गया?

JNU में एडमिन ब्लॉक के पास लगाई गई स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के नीचे आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं . इस मूर्ति को भगवा रंग के कपड़े से ढका गया है.

ZEE जानकारी: JNU में स्वामी विवेकानंद का अपमान क्यों किया गया?

सच का साथ देने पर ZEE NEWS को भी विरोध का सामना करना पड़ा और ZEE NEWS का विरोध करने वालों में टुकड़े-टुकड़े गैंग आगे रहा है. जब हम राष्ट्रवाद की बात करते हैं तो इस गैंग को बुरा लगता है...और वो हमें मोदी-मीडिया कहता है. ZEE NEWS को जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में GO BACK का नारा सुनाया जाता है क्योंकि हमने वहां चलाई गई देश-विरोधी गतिविधियों का पर्दाफाश किया है. आज हम उसी JNU की बौद्धिक कंगाली का विश्लेषण करेंगे. आज वहां भारतीय संस्कृति के नायक स्वामी विवेकानंद का अपमान किया गया. और उनकी मूर्ति के नीचे आपत्तिजनक शब्द लिख दिए.

स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को अमेरिका के शिकागो में ऐतिहासिक भाषण दिया था. 126 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद ने कहा था...कि उन्हें गर्व है कि वो एक ऐसे धर्म से हैं जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का संदेश दिया. वो सिर्फ सार्वभौमिक सहनशीलता में ही विश्वास नहीं रखते, बल्कि वो विश्व के सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करते हैं.

पूरे विश्व को सहनशीलता का संदेश देने वाले स्वामी विवेकानंद ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि भारत में एक दिन ऐसा भी आएगा जब उनकी मूर्ति पर ही इस तरह की असहनशीलता दिखाई जाएगी. स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के साथ असहनशीलता की ये घटना JNU में हुई है .

JNU में एडमिन ब्लॉक के पास लगाई गई स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के नीचे आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं . इस मूर्ति को भगवा रंग के कपड़े से ढका गया है. इसका अनावरण 12 जनवरी को होना है.इस तस्वीर में आप देख सकते हैं.. मूर्ति के सामने लाल स्याही से लिखा है..भगवा जलेगा और Fascism Will Die .मूर्ति के पास लिखे कई शब्द ऐसे हैं जो बेहद आपत्तिजनक हैं और हम इसे आपको नहीं दिखा सकते .

मीडिया में इस खबर को दिखाए जाने के बाद...मूर्ति के पास लिखे आपत्तिजनक शब्द मिटा दिए गए और उस जगह पर दीये जलाये गए . लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि कुछ छात्र ऐसा करते वक्त भी स्वामी विवेकानंद का अपमान कर रहे थे .

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के नीचे लिखे अपशब्दों को ये छात्र जूते और चप्पल से साफ कर रहे हैं. JNU के छात्रों के कैसे संस्कार हैं इस बात का अंदाज़ा आप इस वीडियो को देखकर लगा सकते हैं.

जेएनयू प्रशासन के मुताबिक ये घटना कल रात की हो सकती है. हो सकता है जल्द ही इस मामले में दोषियों की पहचान कर ली जाए. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि JNU के ये छात्र देश के सामने कैसा उदाहरण पेश कर रहे हैं ? एक तरफ तो ये छात्र खुद को गरीब बताते हैं, वंचित बताते हैं...जनता के टैक्स की मदद से पढ़ाई करते हैं.

फीस में हुई बढ़ोतरी का विरोध करते हैं...और दूसरी तरफ देश के महापुरुषों का अपमान करते हैं . JNU के कुछ छात्रों ने आज साबित कर दिया कि वो आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि वैचारिक तौर पर बहुत गरीब हैं .अब सवाल है कि JNU में स्वामी विवेकानंद का अपमान क्यों किया गया? इस सवाल का जवाब ढूंढने से पहले हम आपसे कुछ सवाल पूछना चाहते हैं .

पिछले कुछ वर्षों से जेएनयू में ये देखने को मिल रहा है कि वहां के कुछ छात्रों में भारतीय संस्कारों, संस्कृति और परंपराओं की जबरदस्त कमी हो गई है . इनके लिए आक्रमणकारी या आतंकवादी तो नायक की तरह हैं लेकिन जो असल में देश के नायक हैं उन्हें ये अपना दुश्मन मानते हैं . ये छात्र देश के महापुरुषों का अपमान करते हैं और भारत तेरे टुकड़े होंगे का नारा लगाते हैं.

JNU के DNA को समझने वाले कई एक्सपर्ट मानते हैं कि JNU में वामपंथी और जेहादी गठजोड़ वर्षों से काम कर रहा है...इनकी राजनीति ही विखंडन की है यानी तोड़ने की है. ये देश को जोड़ने की नहीं तोड़ने की बात करते हैं. और क्योंकि स्वामी विवेकानंद भारत की समावेशी दृष्टि के प्रतीक हैं . इसलिए इन्होंने सोचा कि क्योंकि वामपंथी और जेहादी गठजोड़ की मूल राजनीति ही विखंडन की है. इसलिए भारत पर हमला करने का अच्छा तरीका है...विवेकानंद पर हमला . विवाकनंद की जगह अगर जेएनयू में साढ़े 5 करोड़ लोगों के नरसंहार करवाने वाले माओ और ढाई करोड़ लोगों का नरसंहार कराने वाले स्टालिन की मूर्ति लगी होती तो वहां जश्न मनाया जा रहा होता. आपने गौर किया होगा कि जेएनयू में जो नारे लगते हैं उनसे पता चलता है कि वामपंथी और जेहादी गठजोड़ वहां काम कर रहा है .

भारत तेरे टुकड़े होंगे...भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी जंग रहेगी...अफजल हम शर्मिंदा हैं तेरे कातिल ज़िंदा हैं...कितने अफजल मारोगे हर घर से अफजल निकलेगा...ये वो नारे हैं जो इस बात के सबूत हैं कि जेएनयू में वामपंथी और जेहादी गठजोड़...भारत के खिलाफ एजेंडा चला रहा है . आज तक क्या आपने कभी सुना...कि लादेन या बगदादी के खिलाफ जेएनयू में प्रदर्शन हुआ हो. क्या कभी आपने देखा कि आतंकी हाफ़िज़ सईद या मसूद अजहर जैसे आतंकियों के खिलाफ जेएनयू में नारेबाजी हुई हो. लेकिन सेना के खिलाफ जरूर नारेबाजी हुई. और दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के जवानों के मारे जाने पर जेएनयू में सक्रिय टुकड़े गैंग ने जश्न मनाया था.