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Zee Jaankari: PM मोदी के परिवार से सादगी सीखेगा देश ?

आज हम समाज में आ रहे इसी सुखद बदलाव का विश्लेषण करेंगे जिसमें हमारी मदद करेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी से जुड़ा एक किस्सा 

Zee Jaankari: PM मोदी के परिवार से सादगी सीखेगा देश ?

अब हम देश की VIP संस्कृति पर चोट करने वाला एक विश्लेषण करेंगे . हमारे देश में ज्यादातर लोग...अपने और अपने रिश्तेदारों के पद और प्रतिष्ठा का फायदा उठाते हैं. उनके रसूख का हवाला देकर...लोगों को धमकाते हैं और देश के आम लोगों के मुकाबले...अपने काम तेज़ी से करा लेते हैं. ये सब होता है देश में व्याप्त VIP कल्चर की वजह से. लेकिन जब देश का मध्यम वर्ग VIP संस्कृति के खिलाफ अपने मूल्यों का परिचय देता है .अपनी ईमानदारी और सादगी को अपनी सबसे बड़ी संपत्ति समझने लगता है तो ऐसे लोगों को जवाब मिलने लगता है जो खुद को दूसरों से ऊंचा और ज्यादा महत्वपूर्ण समझते हैं .

आज हम समाज में आ रहे इसी सुखद बदलाव का विश्लेषण करेंगे जिसमें हमारी मदद करेगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी से जुड़ा एक किस्सा . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी...दमयंती बेन ने इसी VIP संस्कृति के खिलाफ प्रतिबद्धता का परिचय दिया है . शनिवार को दिल्ली में उनके साथ चोरी की एक वारदात हो गई . स्कूटी सवार चोरों ने दमयंती बेन का पर्स छीन लिया .

इस पर्स में 56 हज़ार रुपये, Mobile Phones और ज़रूरी दस्तावेज़ थे . इसके बाद दमयंती बेन ने दिल्ली पुलिस से इस मामले की शिकायत की..लेकिन इस दौरान उन्होंने किसी को ये नहीं बताया कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी हैं . हालांकि मीडिया के ज़रिए दिल्ली पुलिस को ये बात पता चल गई कि दमयंती प्रधानमंत्री मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी हैं.

यानी प्रधानमंत्री मोदी उनके ताऊ हैं .इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ लिया. और उनसे लूटा हुआ सामान भी बराबद कर लिया . ये खबरआपने तमाम News Channels पर देखी होगी और सोशल मीडिया पर भी इसके बारे में पढ़ा होगा . लेकिन किसी ने भी आपको इससे जुड़े उस सुखद पहलू के बारे में नहीं बताया होगा जिसके बारे में देश के हर परिवार को जानना चाहिए .

आज के दौर में...सरकारी बाबुओं के परिवार तक सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल करते हैं . वो अपने बच्चों तक को सरकारी गाड़ियों से स्कूल भेजते हैं . जबकि प्रधानमंत्री मोदी का परिवार आज भी बसों, ट्रेनों और Auto Rikshaw से चलता है. शनिवार की सुबह दमयंती बेन और उनका परिवार दिल्ली की एक धर्मशाला में रुकने आया था .

शाम को 4 बजे उन्हें गुजरात वापस लौटना था . लेकिन जब दमयंती..एक ऑटो रिक्शा से अपना सामान उतार रही थी. तभी उनके साथ लूट की वारदात हो गई. यानी प्रधानमंत्री मोदी का परिवार बिना किसी सुरक्षा के यात्रा कर रहा था और यातायात के सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल कर रहा था. जबकि हमारे देश में कई लोग....ट्रेन में टिकट Reserve कराने से लेकर..

.सरकारी काम कराने के लिए भी जान पहचान का इस्तेमाल करते हैं . दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री का परिवार....किसी को अपने बारे में पता भी नहीं चलते देता . दमयंती ने भी ऐसा ही किया और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपने Connection का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की . प्रधानमंत्री मोदी के परिवार ने जिस सादगी का परिचय दिया है. वो देश में VIP कल्चर को बढ़ावा देने वालों के लिए एक सबक है . प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी ही नहीं उनकी मां.. हीरा बा ने भी कभी अपने बेटे के पद और रसूख का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की .

यहां तक कि कुछ वर्ष पहले जब वो बीमार भी हुईं..तो उन्हें सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया . अस्पताल में भी डॉक्टरों पर ये कहकर दबाव नहीं डाला गया कि वो प्रधानमंत्री की मां हैं . हीरा बा...जब वोट देने जाती हैं तो भी उनके साथ सुरक्षा बलों का लंबा चौड़ा काफिला नहीं होता....और जब नोटबंदी के बाद देश के लोग लाइनों में लगकर...

पुराने नोट बदलवा रहे थे. तब प्रधानमंत्री की मां ने भी आम लोगों के साथ लाइन में लगकर नोट बदलवाए . जबकि हमारे देश में नेताओं को लंबे चौड़े सुरक्षा घेरे में चलना पसंद आता है. वो आम लोगों को अपने आसपास फटकने भी नहीं देते . इससे सीख लेकर आम लोग भी मौका मिलते ही VIP कल्चर का प्रदर्शन करते लगते हैं. वो अपने पद, नाम और जाति के Stickers गाड़ियों पर लगा लेते हैं .

पत्रकार गाड़ियों पर Press और अपने संस्थान का नाम लिखवा लेते हैं . और इसके पीछे मकसद सिर्फ दूसरों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करना होता है. यानी खुद को दूसरों से ऊंचा, महत्वपूर्ण और ताकतवर समझना एक प्रकार का नशा है और कई लोग इस नशे से छुटकारा नहीं पाना चाहते . जो मिसाल प्रधानमंत्री के परिवार ने पेश की है...वो इस VIP संस्कृति वाले नशे से पीडित लोगों के लिए एक सबक है. लेकिन किसी के अंदर सादगी और ईमानदारी का गुण अचानक नहीं आता . इसके लिए जीवन को बेहतर मूल्यों के जरिए समझने की ज़रूरत होती है .

और आपको ये बात समझाने के लिए हमने प्रधानमंत्री मोदी का एक पुराना बयान निकाला है. जिसमें वो बता रहे हैं कि बचपन में ज़रूरतें पूरा करने के लिए उनका परिवार कैसे संघर्ष किया करता था . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी के आचरण ने ये भी साबित किया है कि अब देश में VIP कल्चर की जड़ें कमज़ोर हो रही हैं.

और इसकी शुरुआत वो लोग कर रहे हैं जो चाहें तो सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं . सिस्टम पर दबाव डाल सकते हैं और प्रधानमंत्री जैसे महत्वपूर्ण व्यक्ति से अपने कनेक्शन का फायदा उठा सकते हैं . लेकिन ये लोग ऐसा नहीं कर रहे क्योंकि देश से भ्रष्टाचार और VIP संस्कृति को खत्म करने की पहली जिम्मेदारी इन्हीं की है . प्रधानमंत्री मोदी ये साफ कर चुके हैं कि अब ईमानदारी पर प्रीमियम दिया जाना चाहिए .

यानी उन लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए जो भ्रष्टाचार की नदी में डुबकी नहीं लगाते हैं . हमने आपको प्रधानमंत्री मोदी की मां के संघर्ष की कहानी सुनाई लेकिन आज आपको ये भी समझना चाहिए कि सादगी और संघर्ष की ज़मीन पर ईमानदारी का पेड़ तब बड़ा होता है...जब उसमें बचपन से ही सही रास्ते पर चलने के बीज डाले जाते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी के बचपन का ये संघर्ष इस बात को साबित करता है...कि क्यों उन पर या उनके परिवार पर सत्ता का नशा कभी हावी नहीं हुआ . हालांकि ये बात भी सही है कि जब दिल्ली पुलिस को पता चला कि...चोरी की वारदात प्रधानमंत्री मोदी की भतीजी के साथ हुई है तो पुलिस ने सैंकड़ों CCTV फुटेज की जांच की...

पुलिसकर्मियों की एक बड़ी टीम को आरोपियों को पकड़ने के मिशन में लगाया . जबकि मोबाइल और पैसे चोरी जैसी वारदात होने पर कई बार पुलिस आम लोगों की मदद नहीं करती . लेकिन यहां पुलिस जैसे विभागों को अपने अंदर फैली VIP संस्कृति को खत्म करना होगा .

जो आम लोगों और रसूखदार लोगों के बीच फर्क करते हैं और अपनी नौकरी बचाने के लिए प्रभावशाली लोगों की जी हज़ूरी करते हैं . देश का आम आदमी इस नैतिक भ्रष्टाचार के खतरों को पहचानने लगा है...और अब उन लोगों को भी इसे पहचानना होगा जिनपर इस भ्रष्टाचार को रोकने की जिम्मेदारी है .