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ZEE Jankari: 50-50 का फॉर्मूला लाकर शिवसेना ने बढ़ाईं बीजेपी की मुश्किलें

महाराष्ट्र में जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए 50-50 का फॉर्मूला लाकर शिवसेना ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. 50-50 फॉर्मूले का मतलब है कि ढाई साल बीजेपी और ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा.

ZEE Jankari: 50-50 का फॉर्मूला लाकर शिवसेना ने बढ़ाईं बीजेपी की मुश्किलें

आज का दिन भारत की राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाएगा. महाराष्ट्र की जनता ने बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को दीवाली का बंपर गिफ्ट दिया है. वहां लगातार दूसरी बार इस गठबंधन की सरकार बनेगी. हरियाणा में बीजेपी बहुमत से दो कदम दूर है. अब निर्दलीय विधायकों की मदद से सरकार बना सकती है. सूत्रों के मुताबिक दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी यानी JJP भी समर्थन दे सकती है.  हरियाणा में बीजेपी को सरकार बनाने के लिए सिर्फ 6 सीटों की जरूरत है.

महाराष्ट्र की 288 सीटों में बीजेपी को 103, शिवसेना को 57, NCP को 54, कांग्रेस को 44 और बाकियों को 30 सीटें मिली हैं. यहां बीजेपी और शिवसेना गठबंधन के पास बहुमत के लिए जरूरी 145 सीटों से 15 ज्यादा 160 सीटें हैं. इस गठबंधन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में चुनाव लड़ा लेकिन जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए 50-50 का फॉर्मूला लाकर शिवसेना ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. 50-50 फॉर्मूले का मतलब है कि ढाई साल बीजेपी और ढाई साल शिवसेना का मुख्यमंत्री होगा.

हरियाणा की 90 सीटों में बीजेपी 40 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. यहां दूसरे नंबर पर 30 सीटों के साथ कांग्रेस और तीसरे पायदान पर JJP है जिसके पास 10 सीटों का जादुई आंकड़ा है. इन्हीं 10 सीटों की वजह से JJP हरियाणा में किंगमेकर की भूमिका में है. इंडियन नेशनल लोक दल को 1 सीट और अन्य उम्मीदवारों को 9 सीटों पर जीत मिली है.

बीजेपी ने महाराष्ट्र चुनावों में लगातार दूसरी बार सीटों की Century लगाई है. वर्ष 2014 में विधानसभा चुनाव दोनों पार्टियों ने अलग अलग लड़ा था. तब बीजेपी को 122 सीटें और शिवसेना को 63 सीटें मिली थीं... इस बार दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़े और बीजेपी 103 और शिवसेना 57 सीटें जीत रही हैं. यानी साथ मिलकर चुनाव लड़ने से बीजेपी को नुकसान हुआ है और ये मिथक भी टूट गया कि अलग अलग चुनाव लड़ने से बीजेपी और शिवसेना के वोट बंटते हैं.

लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बीजेपी ने महाराष्ट्र में खराब प्रदर्शन किया है. वर्ष 2019 में बीजेपी के चुनाव चिन्ह पर 164 सीटों पर इलेक्शन लड़ा गया जिसमें 150 बीजेपी और 14 दूसरी सहयोगी पार्टियों के उम्मीदवार थे. इन 164 सीटों में से बीजेपी 103 पर जीत रही है यानी बीजेपी की जीत का स्ट्राइक रेट करीब 64 प्रतिशत है. बीजेपी की सहयोगी शिवसेना 124 सीटों पर लड़ी और 57 सीटों पर जीत रही है. यानी शिवसेना की जीत का प्रतिशत सिर्फ 45 है. हालांकि बीजेपी और शिवसेना की इन सभी सीटों पर जीत का आधिकारिक एलान होना अभी बाकी है .

ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद भी बीजेपी ने 2019 के चुनाव में शिवसेना को अपनी जीती हुई सीटें दी. अगर वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव के रिजल्ट से आज के नतीजों की तुलना करें तो आप समझ पाएंगे कि बीजेपी पहले के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही है. वर्ष 2014 में बीजेपी 260 सीटों पर चुनाव लड़ी और 122 सीटें जीत गई थी. तब बीजेपी की सफलता 47 प्रतिशत थी . जबकि शिवसेना को 282 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद सिर्फ 63 सीटें मिली थीं. यानी शिवसेना की जीत का प्रतिशत सिर्फ 22 था .

महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना गठबंधन का सरकार बनाना तय है. चुनाव से पहले ही बीजेपी ने देवेंद्र फड़णवीस के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का फैसला किया था . और आज प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा कि फड़णवीस ही महाराष्ट्र के अगले सीएम बनेंगे. इस चुनाव में सबसे स्मार्ट 79 वर्ष के शरद पवार रहे, जो हार कर भी बाज़ीगर बन गए हैं. उनकी पार्टी NCP 54 सीटें जीतकर तीसरे नंबर पर है. इससे उनकी राजनीतिक Power में बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में पवार की पार्टी को सिर्फ 41 सीटें मिली थीं . ऐसा कहा जा रहा था कि इस चुनाव में पवार. कांग्रेस को पीछे करना चाहते थे और वो ऐसा करने में सफल भी हो गए.

कांग्रेस इन चुनावों में 44 सीटों के साथ चौथे नंबर पर है जबकि 2014 के चुनावों में सिर्फ 42 सीटें लाकर कांग्रेस तीसरे नंबर पर थी. इन नतीजों ने राज ठाकरे के राजनैतिक अस्तित्व पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं, जिनकी पार्टी MNS को सिर्फ़ 1 सीट मिली है . पिछले चुनाव में भी राज ठाकरे को सिर्फ 1 सीट ही मिली थी. अब आप समझिए कि महाराष्ट्र में सभी राजनीतिक पार्टियों का वोट शेयर क्या है और क्या पिछले 5 वर्षों में इसमें कोई बदलाव आया है ?

बीजेपी को 25.7 प्रतिशत वोट मिले हैं जो पिछली बार से करीब 2 प्रतिशत कम है. हालांकि पिछली बार के मुकाबले बीजेपी ने 96 कम सीटों पर चुनाव लड़ा है. शिवसेना को 16.44 प्रतिशत वोट मिले हैं पिछली बार से करीब 3 प्रतिशत कम हैं. बीजेपी की तरह शिवसेना ने भी कम सीटों पर चुनाव लड़ा है. NCP को 16.7 प्रतिशत वोट मिले हैं जो पिछली बार से आधा प्रतिशत कम है और कांग्रेस को 15.8 प्रतिशत वोट मिले हैं जो पिछली बार के मुकाबले करीब 2 प्रतिशत कम हैं. महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम बीजेपी के लिए दीवाली गिफ्ट की तरह आए हैं और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद महाराष्ट्र के चुनावों का विश्लेषण किया है.