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ZEE Jankari: भगवान श्रीराम की वंशावली का विश्लेषण

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? इस पर राम लला के वकील ने जवाब दिया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. लेकिन आज हमने इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की है. आज हमने भगवान राम के वंश पर एक दिलचस्प विश्लेषण तैयार किया है.

ZEE Jankari: भगवान श्रीराम की वंशावली का विश्लेषण

..और अब भगवान श्रीराम की वंशावली का विश्लेषण. सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों अयोध्या मामले की सुनवाई चल रही है. इसी सुनवाई के बीच 9 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने राम-लला के वकील से एक बहुत दिलचस्प सवाल पूछा...

सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? इस पर राम लला के वकील ने जवाब दिया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. लेकिन आज हमने इस सवाल का जवाब ढूंढने की कोशिश की है. आज हमने भगवान राम के वंश पर एक दिलचस्प विश्लेषण तैयार किया है.

भगवान राम को भारतीय संस्कृति की आत्मा कहा जा सकता है. क्योंकि भारतीय संस्कृति में वो सभी आदर्श और मूल्य समाहित हैं, जिनकी वजह से भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम कहा गया है. भगवान राम के पूर्वजों और वंशजों को सूर्य वंशी क्षत्रिय माना जाता है. भारत में मुख्य रूप से क्षत्रियों के दो वंश माने जाते हैं. सूर्यवंशी क्षत्रिय और चंद्रवंशी क्षत्रिय. इन दोनों क्षत्रिय वंशों ने लंबे वक्त तक भारत पर राज किया.

रामायण और महाभारत...भारत के दो प्रसिद्ध महाकाव्य हैं. रामायण...सूर्यवंशी क्षत्रियों का इतिहास है और महाभारत चंद्रवंशी क्षत्रियों का इतिहास है.
भगवान राम सूर्यवंशी थे. लेकिन राजा भरत और उनके वंशज पांडव और कौरव चंद्रवंशी थे.

प्रसिद्ध ग्रंथ श्रीरामचरित मानस में भगवान राम के वंश को बार-बार 'रघुकुल' कहा गया है. रघुकुल का अर्थ है राजा रघु का परिवार. इसी परिवार में राजा दशरथ के पुत्र राजा राम हुए. रामचरित मानस की एक बहुत प्रसिद्ध चौपाई है, जो आपने भी कई बार सुनी होगी. इस चौपाई में भगवान राम के वंश के गुणों का वर्णन है.

रघुकुल रीति सदा चली आई।
प्राण जाई पर वचन ना जाई।।

इस चौपाई का मतलब है... राजा रघु के परिवार में वचन को किसी भी तरह पूरा किए जाने की परंपरा है चाहे जान ही क्यों ना चली जाए! यानी वचन का मूल्य, प्राणों से बढ़कर है. महाकवि कालिदास का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है... रघुवंशम्. इस ग्रंथ का नाम भगवान राम के वंश... रघुवंश के नाम पर रखा गया. इसमें भगवान राम और उनके पूर्वज राजा दिलीप, राजा रघु, राजा अज और राजा दशरथ का इतिहास है.

सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के वंशजों का सवाल उठने के बाद राजस्थान के कई राज परिवारों ने भी दावा किया है कि वो भगवान राम के वंशज हैं.
जयपुर राजघराने के एक सदस्य ने भगवान राम के वंशज होने का दावा किया है. सबूत के तौर पर इस परिवार ने अयोध्या के कुछ स्थानों का पुराना नक्शा और अपने वंश की 300 पीढ़ियों का एक Chart पेश किया है.

ये Chart आज हमारे पास भी है. इस Chart के पहले Page के आखिर में 60वें Number पर राजा रघु का नाम है... इसके बाद राजा अज, राजा दशरथ और फिर राजा राम का नाम है. महाराणा प्रताप के सिसौदिया राज परिवार के वंशजों ने भी खुद को भगवान राम का वंशज बताया है. आज हमने राज परिवारों के इन दावों पर एक ज्ञानवर्धक वीडियो विश्लेषण तैयार किया है जो आपको बहुत पसंद आएगा.

आज का दिन भारत की अंतरिक्ष क्रांति को याद करने का भी दिन है. क्योंकि, आज विक्रम साराभाई का जन्मदिन है. जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है. भारत में जिन Space Missions की नींव विक्रम साराभाई ने रखी थी. उसकी बदौलत भारत का तिरंगा अंतरिक्ष में लहरा रहा है. साइकिल पर Rocket से शुरु हुआ सफर आज मंगल और चांद तक जा पहुंचा है. ISRO की क़ामयाबी की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. भारत की अंतरिक्ष वाली क़ामयाबी पर अब फिल्में भी बन रही हैं. एक ऐसी ही फिल्म है, Mission Mangal...जो 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर Release होगी. अक्षय कुमार आज हमारे स्टूडियो में आए थे. अंतरिक्ष के इस दिलचस्प सफर पर हमारे साथ चलना, आज आपके लिए भी अनोखा अनुभव होगा.