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Zee Jankari: आज के दौर में Cyberspace युद्ध का नया मैदान बन गया है!

हमारा अगला विश्लेषण भारत के उन 40 करोड़ लोगों से जुड़ा है जो प्रतिदिन Whatsapp का इस्तेमाल करते हैं . Whatsapp एक बहुत ही मशहूर Messanger App है..

Zee Jankari: आज के दौर में Cyberspace युद्ध का नया मैदान बन गया है!

हमारा अगला विश्लेषण भारत के उन 40 करोड़ लोगों से जुड़ा है जो प्रतिदिन Whatsapp का इस्तेमाल करते हैं . Whatsapp एक बहुत ही मशहूर Messanger App है..जिसका इस्तेमाल दुनिया के डेढ़ सौ करोड़ लोग...हर महीने लिखित संदेश भेजने, तस्वीरें भेजने और वीडियो और ऑडियो कॉलिंग के लिए करते हैं .

आपमें से बहुत सारे लोग भी सुबह उठते ही सबसे पहले Whatsapp चेक करते होंगे और रात को सोने से पहले भी आप एक बार अपना Whatsapp ज़रूर देखते होंगे . अगर Whatsapp आपकी भी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए..क्योंकि आपके Whatsapp Account को देश या विदेश में मौजूद हैकर्स अपने नियंत्रण में ले सकते हैं .

Whatsapp की मालिक कंपनी Facebook ने इज़रायल की एक Startup कंपनी NSO Group पर करीब 1400 लोगों के Whatsapp Accounts हैक करने का आरोप लगाया है . इन लोगों में 20 अलग अलग देशों के पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, सरकार का विरोध करने वाले लोग और राजनयिक शामिल थे .
आरोपों के मुताबिक इज़रायल की कंपनी NSO Group ने एक Spyware का निर्माण किया, और इसी Spyware की मदद से इन सभी Whatsapp Users के Mobile Phones हैक कर लिए गए . अब Facebook ने NSO के खिलाफ अमेरिका के San Francisco की एक अदालत में मुकदमा दायर किया है .
Facebook द्वारा जब इस मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि Hacking की ज्यादातर कोशिशें इसी साल अप्रैल और मई महीने में की गई थी .
इसके लिए Whatsapp User को एक Video कॉल की जाती है . ये कॉल ज्यादातर उत्तरी यूरोप के देशों से आती थी . मोबाइल फोन पर ये कॉल आने के बाद एक Malware यानी एक प्रकार का खतरनाक Software... Mobile Phone के सिस्टम में प्रवेश कर जाता था . ये सिर्फ Video Call रिसीव करने की स्थिती में ही नहीं होता था बल्कि अगर कोई Call को Disconnect भी कर देता था..तो भी ये Malware मोबाइल फोन में प्रवेश कर जाता था
Malware के एक्टिव होते ही...Whatsapp User का सारा Data, उसकी बातचीत...उसकी लोकेशन, तस्वीरें और वीडियोज़ भी हैकर्स तक पहुंच जाते थे .

ये वीडियो भी देखें:

Facebook के आरोपों के मुताबिक इन जानकारियों का इस्तेमाल उन देशों की सरकारें और खुफिया एजेंसियां कर रही थीं जो पत्रकारों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और विरोधियों पर नज़र रखना चाहती हैं.

NSO दुनिया भर के देशों की सरकारों को सर्विलांस सेवाएं मुहैया कराती है . जिन 1400 लोगों के Mobile Phones को WhatsApp के ज़रिए Hack किया गया था..उनमें हमारे सहयोगी अंतरराष्ट्रीय चैनल WION के संवाददाता सिद्धांत सिब्बल भी शामिल थे . सिद्धांत सिब्बल इस वक्त सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हैं और हमारे साथ LIVE मौजूद हैं. अब सिद्धांत से ही जान लेते हैं कि आखिर जासूसी की इस पूरी घटना को कैसे अंजाम दिया गया था .

जब Whatsapp को Malware द्वारा उपभोक्ताओं की जासूसी किए जाने का पता लगा तो एक Security Patch के ज़रिए....जासूसी की इस घटना को रोक दिया गया . Facebook के मुताबिक जब NSO के लिए काम करने वाले एक कर्मचारी को इसकी जानकारी मिली तो उसने Whatsapp के एक कर्मचारी को संदेश भेजा और कहा कि तुम लोगों ने Mobile Phones के लिए बनाए गए हमारे सबसे बड़े Remote Control को बंद कर दिया है.

NSO के कर्मचारी ने रिमोट कंट्रोल शब्द का इस्तेमाल शायद इसलिए किया..क्योंकि जिन उपभोक्ताओं के Accounts हैक किए गए थे..उनकी एक एक हरकत की जानकारी...इस कंपनी के Clients तक पहुंच रही थी.

जासूसी का पता लगने के बाद Whatsapp की तरफ से प्रभावित उपभोक्ताओं को एक संदेश भेजा गया ..जिसमें कहा गया था कि मई महीने में WhatsApp ने मोबाइल फोन Devices को Malware द्वारा प्रभावित करने की कोशिशों को रोक दिया . लेकिन हो सकता है कि उपभोक्ताओं की डिवाइस इससे प्रभावित हुई हो . इसलिए ज़रूरी है कि प्रभावित उपभोक्ता अपने Mobile Phones की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाएं .

WhatsApp द्वारा कहा गया है कि हमेशा Whatsapp के Latest Version का ही इस्तेमाल करें और अपने Mobile Phone के Operating System को भी हमेशा Update रखें .

WhatsApp जैसी Applications Install करते वक्त आपको उसे कई तरह की Permissions देनी पड़ती है...इनमें Whatsapp द्वारा आपके मोबाइल फोन के Camera, Microphone, Gallery, Storage, Location, Contact list और यहां तक कि आपके SMS पढ़ने की इजाजत भी शामिल होती है . ये Permission इसलिए मांगी जाती है..ताकि सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके और आप ज्यादा से ज्यादा Features का इस्तेमाल कर पाएं .

लेकिन याद रखें कि उन Applications को ये इजाज़त बिल्कुल ना दें...जो Android के Google Play Store या फिर Apple Devices के App Store द्वारा Verified नहीं होती हैं . क्योंकि हो सकता है कि ये सारी Permissions देने के बाद..आप Hackers के हाथों की कठपुतली बन जाएं और आपकी सभी निजी जानकारियों का इस्तेमाल कोई और करने लगें .

आपका मोबाइल फोन, इंटरनेट पर मौजूद आपका Data और Online Enter की गई जानकारियां सब खतरे में हैं. पूरी दुनिया में उपभोक्ताओं के Data की लूट मची है. सरकारें और खुफिया एजेंसियां आप पर इसलिए निगाह रखना चाहती है ताकि वो विरोध की आवाज़ों को दबा सकें . कंपनियां आपके Data को इसलिए हासिल करना चाहती है ताकि वो आपको अपने Products बेच सकें . आप कह सकते हैं कि Data का महत्व आज की तारीख में तेल से भी ज्यादा हो चुका है इसलिए कई विशेष Data को आज के ज़माने का तेल कह रहे हैं . और अब ये Data दो देशों के बीच युद्ध का कारण भी बन सकता है. इसलिए आप कह सकते हैं कि दुनिया अब Cold War से Code War के दौर में आ गई है .

एक ज़माना था जब दुनिया के बड़े बड़े देश Weapons of Mass Destruction का खौफ दिखाया करते थे . यानी ऐसे हथियारों का डर जिनसे बड़े पैमाने लोगों की जान जा सकती है. लेकिन अब Digital युग में देश Weapons of Mass Disruption का इस्तेमाल कर रहे हैं. यानी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी फैलाने वाले ऐसे हथियार जिन्हें किसी मिसाइल के ज़रिए छोड़ने की ज़रूरत नहीं है..ये हथियार सिर्फ एक Click पर किसी देश में दंगा फसाद और लोगों की हत्या तक करवा सकते हैं .

विशेषज्ञ मानते हैं कि आपसे जुड़ी जानकारियां ही अब सबसे बड़ा हथियार है . वो भी ऐसे दुधारी हथियार..जिनका इस्तेमाल आपके हित में भी किया जा सकता है और आपके खिलाफ भी . आज के दौर में Cyberspace युद्ध का नया मैदान बन गया है . और जो इस युद्ध को जीतेगा..उसे इनाम में आपका निजी Data मिल जाएगा . और फिर आप इस युद्ध को जीतने वालों के गुलाम बन जाएंगे .