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Zee जानकारी : 80 मिनट में सड़क मार्ग से पहुंच जाएंगे दिल्ली से मुंबई!

Zee जानकारी : 80 मिनट में सड़क मार्ग से पहुंच जाएंगे दिल्ली से मुंबई!

हमारे देश के शहरों में ट्रैफिक रेंग रेंग कर चलता है। और लोग कभी कभार ही..वक्त पर अपनी मंज़िल तक पहुंचते हैं। शहरों में ट्रैफिक इतना धीमा हो चुका है कि लोग वाहन चलाते हुए हाइपर-टेंशन का शिकार हो रहे हैं। ट्रैफिक से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। लेकिन जल्द ही ये तस्वीर बदल सकती है। 

अगर भारत सरकार ने चाहा तो आने वाले दो से तीन वर्षों में आप दिल्ली से मुंबई तक का सफर, सड़क के रास्ते 80 मिनट में तय कर पाएंगे। जिस तकनीक की बदौलत ये काम किया जाएगा उसका नाम है Hyperloop । लेकिन फिलहाल स्थिति ये है कि 60 से 80 Minute में लोग, एक ही शहर में अपने घर से ऑफिस तक भी नहीं पहुंच पाते। इसलिए ट्रैफिक वाले हाइपरटेंशन से Hyperloop तक का सफर तय करने में भारत को काफी वक्त लग सकता है। 

IIT मद्रास की एक Study के मुताबिक ट्रैफिक Jam की वजह से देश की राजधानी दिल्ली को हर वर्ष 60 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान होता है। और अगर हालात नहीं सुधरे तो वर्ष 2030 तक ये नुकसान बढ़कर 98 हज़ार करोड़ रुपये का हो जाएगा। 

IIT मद्रास के मुताबिक ट्रैफिक Jam की वजह से ईंधन की बर्बादी होती है। वाहनों की Productivity कम होती है। वायु प्रदूषण बढ़ता है और दुर्घटनाएं होती है। इन सब वजहों से, हर वर्ष दिल्ली को 60 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। 

इस Study के मुताबिक अब Peak Hours की परिभाषा भी बदल चुकी है। पहले सुबह और शाम के कुछ घंटे Peak Hours माने जाते थे। ये ऐसा वक्त होता है जब सड़कों पर वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा होता है। लेकिन अब भारत के महानगरों में सुबह 9 बजे से लेकर रात 9 बजे तक  Peak Hours जैसे हालात रहते हैं। दिल्ली को नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव और गाज़ियाबाद से जोड़ने वाली सड़कों का हाल सबसे ज्यादा बुरा है।

 IIT मद्रास ने सुझाव दिया कि अगर दिल्ली में Buses के लिए अलग से Lanes बना दी जाएं..तो ट्रैफिक Jam की समस्या 50 प्रतिशत तक कम हो सकती है। पिछले वर्ष महाराष्ट्र परिवहन विभाग द्वारा की गई एक Study के मुताबिक एक Bus 35 Cars को Replace कर सकती है। अगर सड़क पर Cars कम हो जाएं तो congestion को भी कम किया जा सकता है। वर्ष 2015 में एक अंतर्राष्ट्रीय Automobile कंपनी ने भारत में एक रिसर्च किया था। इस रिसर्च के मुताबिक भारत के 10 में से 6 वाहन चालक Anxiety के शिकार हैं । वाहन चलाते हुए आपने भी कई बार इस Anxiety यानी घबराहट को महसूस किया होगा।

लेकिन एक नई तकनीक आपको इस  Anxiety और हाइपरटेंशन से मुक्ति दिला सकती है। इस Techonolgy का नाम है Hyperloop. Hyperloop के बारे में हम आपको DNA में पहले भी बता चुके हैं।  Hyperloop भविष्य का ट्रांसपोर्ट सिस्टम है जो आपको दिल्ली से मुंबई सिर्फ 80 मिनटों में पहुंचा सकता है। यानी आप सड़क पर Air plane की रफ्तार से सफर कर पाएंगे।  Hyperloop में इस्तेमाल होने वाले Pods एक विशेष तरह की Tube में 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। इस तकनीक पर मशहूर Billionaire Elon Musk की कंपनी काम कर रही है। जिसका नाम है Hyperloop One.

 Hyperloop One ने भारत के रेल मंत्री सुरेश प्रभु के सामने इस तकनीक से जुड़ा एक Presentation भी दिया है। Forbes India की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर भारत सरकार Hyperloop प्रोजेक्ट को मंज़ूरी देती है, तो सिर्फ 38 महीनों के अंदर भारत में ये नया Transport System शुरू किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है..तो भारत दुनिया के उन शुरूआती देशों में होगा..जहां Hyperloop तकनीक से Trains दौड़ेंगी । अमेरिका, रूस, स्लोवाकिया और UAE में इस तकनीक पर काम चल रहा है।  Hyperloop के तहत Pods यानी छोटे छोटे डिब्बों को एक Capsule में रखकर एक खाली Tube में दौड़ाया जाएगा । इस Tube में हवा का दबाव ना के बराबर होगा, यानी Pods को किसी तरह के Friction यानी घर्षण का सामना नहीं करना पड़ेगा। ये Pods स्वचालित होंगे। Hyperloop स्टेशन से निकलने के बाद ये Pods सड़क पर भी चल पाएंगे..यानी एक बार Hyperloop में बैठने के बाद आपको कहीं भी रुकना नहीं पड़ेगा।

Hyperloop One नामक कंपनी इसी वर्ष अमेरिका में इस तकनीक का Full Scale Test करने वाली है। अगर ये Test कामयाब रहता है तो भारत में 5 अलग अलग Routes पर Hyperloop Trains चलाई जा सकती हैं। लेकिन फिलहाल भारत में ट्रैफिक की स्थिति बहुत बुरी है। अगर Hyperloop तकनीक भारत में आ भी जाए..तो Stations तक पहुंचने में ही बहुत सारा वक्त खर्च हो जाएगा। दिल्ली से मुंबई तक हवाई जहाज़ से यात्रा करने पर अभी करीब 2 घंटे का वक्त लगता है। और इतना ही वक्त दिल्ली के अंदर मौजूद इलाकों से Airport तक पहुंचने में लग जाता है। इसके अलावा Domestic फ्लाइट के लिए आपको करीब 45 मिनट पहले Airport पर पहुंचना पड़ता है। यानी आम तौर पर घर से मुंबई तक पहुंचने में 5 घंटे से भी ज्यादा का वक्त लग जाता है। 

इसलिए देश में Hyperloop तकनीक लाने के साथ-साथ मौजूदा Traffic सिस्टम को भी बदलने की ज़रूरत है। हमने अमेरिका के Hyperloop और लोगों को Hyper tension देने वाले भारत के ट्रैफिक सिस्टम पर एक विश्लेषण तैयार किया है। जिसे आपको ज़रूर देखना चाहिए। हमारी कोशिश है कि हम आपको भारत की समस्याएं बताने के साथ-साथ उनके समाधान के बारे में भी बताएं। हमें लगता है कि Hyperloop जैसी तकनीक इस समस्या का एक हल हो सकती है।