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Zee Jankari: भारतीयों के छोटे दिमाग वाले रिसर्च का DNA टेस्ट

International Institute of Information Technology से आई इस खबर पर हमने भी रिसर्च की. जब शोध करने वाले एक्सपर्ट से हमने बात की...तो दो दिलचस्प बातें सामने आई. पहली बात कि भारतीयों का दिमाग छोटा है और अलग है.

Zee Jankari: भारतीयों के छोटे दिमाग वाले रिसर्च का DNA टेस्ट

आज दिन भर एक खबर चर्चा में रही कि क्या भारतीयों का दिमाग छोटा है. इस जानकारी के बाद कई टीवी चैनल, अखबार और सोशल मीडिया में इस खबर पर बहस छिड़ गई. पाकिस्तान में भी इस खबर को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जाने लगा. हैदराबाद के International Institute of Information Technology से आई इस खबर पर हमने भी रिसर्च की. जब शोध करने वाले एक्सपर्ट से हमने बात की...तो दो दिलचस्प बातें सामने आई. पहली बात कि भारतीयों का दिमाग छोटा है और अलग है . दूसरी दिलचस्प बात ये है कि दिमाग के आकार का...व्यक्ति की योग्यता से कोई संबंध नहीं है.

अमेरिका और चीन के मुकाबले भारतीयों के दिमाग का Size...यानी लंबाई, चौड़ाई और वज़न सब कुछ अलग है . ये तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है...क्योंकि भारत में दिमाग से जुडी रिसर्च और बीमारियों की समझ के लिए...चीन और अमेरिका के लोगों के दिमाग के आधार पर बना मानक इस्तेमाल किया जाता है.

दिमाग का वज़न शरीर के कुल वजन के 2 प्रतिशत के बराबर होता है. लेकिन इस दिमाग से आप कितना हासिल करेंगे...ये Size पर नहीं...बल्कि इंसान की काबिलियत पर निर्भर करता है. दिमाग की काबिलियत...परवरिश, शिक्षा, खानपान और आसपास के माहौल जैसी चीज़ों से तय होती है, उसके Size से नहीं .

इस Institute ने पहली बार भारतीयों के दिमाग का एक Atlas तैयार किया है. इस Atlas को...Indian Brain Atlas कहा जा रहा है. भारतीयों के दिमाग के आधार पर बने इस नए मापदंड से...Brain से जुड़ी रिसर्च में मदद मिलेगी. नए मानकों के आधार पर याद्दाश्त कम होने, भूलने की बीमारी, Alzheimer और Brain से जुड़ी रिसर्च को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा .

दिमाग से जुड़ी बीमारियों पर स्टडी करने के लिए...भारत में अभी MNI यानी Montreal Neurological Institute के Template का उपयोग मानक के रूप में किया जाता है. ये मानक अमेरिका के लोगों के दिमाग के आधार पर बनाया गया है . लेकिन International Institute of Information Technology की रिसर्च में...ये बात सामने आई...कि भारतीय लोगों के दिमाग के अध्ययन के लिए...भारतीयों के हिसाब से बना मानक ही बेहतर होगा .

हम आपको एक टेबल के माध्यम से ये समझाना चाहते हैं कि भारतीयों के दिमाग का आकार चीन, अमेरिका और कोरिया के लोगों से किस तरह अलग है . मस्तिष्क की संरचना को समझने के लिए लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई और वज़न को आधार बनाया गया है . ऊंचाई, लंबाई और वज़न के हिसाब से अमेरिका के लोगों का दिमाग सबसे बड़ा है, जबकि भारत के लोगों का दिमाग सबसे छोटा है .

भारतीयों के हिसाब से एटलस को बनाने के लिए 50 महिलाओं और 50 पुरुषों का MRI किया गया. इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए तीन अलग अलग अस्पतालों...में अलग अलग मशीनों के द्वारा लोगों के दिमाग को स्कैन किया गया.

ये भी बड़ा सवाल है कि दिमाग के आकार और व्यक्ति की योग्यता के बीच किस तरह का संबंध होता है . इंसानी दिमाग की जटिलताओं को समझाने के लिए आज हमने एक वीडियो विश्लेषण तैयार किया है. आपको पूरे परिवार के साथ इस रिपोर्ट को जरूर देखना चाहिए .