Zee जानकारी : पिछले 51 साल से पाकिस्तान तस्वीरों के दम पर बोलता आया है झूठ

आपने अक्सर एक बात सुनी होगी, कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं, और हर तस्वीर के पीछे एक सच्ची कहानी छिपी होती है। लेकिन अब हम जिस ख़बर का विश्लेषण करेंगे, उसमें मौजूद तस्वीरें तो सच्ची हैं, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी 100 फीसदी झूठी हैं। और सच और झूठ का ये फर्क ही हमारे आज के स्पेशल DNA टेस्ट का आधार है। माना जाता है, कि जैसलमेर के किशनगढ़ किले को सदियों पहले बनाया गया था। ये जैसलमेर के राजाओं की शिकारगाह थी जो खंडहर में बदल चुकी है। आसपास रहने वाले बुजुर्गों को भी ये याद नहीं है कि ये जगह कितने समय से खंडहर बनी हुई है। 

Zee जानकारी : पिछले 51 साल से पाकिस्तान तस्वीरों के दम पर बोलता आया है झूठ

नई दिल्ली : आपने अक्सर एक बात सुनी होगी, कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं, और हर तस्वीर के पीछे एक सच्ची कहानी छिपी होती है। लेकिन अब हम जिस ख़बर का विश्लेषण करेंगे, उसमें मौजूद तस्वीरें तो सच्ची हैं, लेकिन उसके पीछे छिपी कहानी 100 फीसदी झूठी हैं। और सच और झूठ का ये फर्क ही हमारे आज के स्पेशल DNA टेस्ट का आधार है। माना जाता है, कि जैसलमेर के किशनगढ़ किले को सदियों पहले बनाया गया था। ये जैसलमेर के राजाओं की शिकारगाह थी जो खंडहर में बदल चुकी है। आसपास रहने वाले बुजुर्गों को भी ये याद नहीं है कि ये जगह कितने समय से खंडहर बनी हुई है। 

ये बात पूरी दुनिया जानती है, कि 1965 के युद्ध में पाकिस्तान के अरमान टूट गये थे। लेकिन आप शायद ये बात नहीं जानते होंगे, कि पिछले 51 साल से पाकिस्तान इन्हीं तस्वीरों के दम पर ये साबित करने की कोशिश कर रहा है, कि 1965 के युद्ध में उसने भारत की सीमा में घुसकर ना सिर्फ राजपूतों के सबसे बड़े क़िले पर कब्ज़ा कर लिया था, बल्कि भारत पर जीत भी हासिल की थी।
 
हालांकि, ये एक तथ्य है, कि पाकिस्तानी सैनिकों ने कुछ दिनों के लिए इस क़िले के खंडहरों पर कब्ज़ा किया था। लेकिन ये भी सच है कि कुछ दिनों के बाद ही पाकिस्तान को यहां से भागना पड़ा था। इन तस्वीरों का एक दूसरा पहलू भी है, जिसे समझाने के लिए मैं आपको सीधे ग्राउंड जीरो पर ले जाऊंगा। DNA में भारत और पाकिस्तान की सीमा से हमारी स्पेशल सीरीज़ के तहत, हमारी टीम बीकानेर के बाद जैसलमेर पहुंची। जहां से हमने पाकिस्तान के झूठ और भारत के वीर सपूतों के शौर्य की सच्ची तस्वीरों का विश्लेषण किया है।

भारतीय सेना ने जब पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक की तो उसके बाद, पाकिस्तान की आर्मी और एयर फोर्स ने जैसलमेर के पास इंटरनेशनल बॉर्डर से क़रीब 15 से 20 किलोमीटर दूर एक 'युद्ध अभ्यास' किया था। ये युद्ध अभ्यास 22 सितंबर से 30 अक्टूबर के बीच हुआ था। पाकिस्तान ने इस युद्ध अभ्यास को लेकर ये प्रोपेगैंडा फैलाया था कि उसने भारत की नाक के नीचे युद्ध अभ्यास किया है और वो भारत को जवाब देने की तैयारी में है। हालांकि जब ज़ी न्यूज़ की टीम, जैसलमेर में बॉर्डर का इन्सपेक्शन करने पहुंची, तो वहां हमें ये भरोसा मिला, कि जब तक भारत की फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस यानी बीएसएफ इस सीमा की रखवाली कर रही है, तब तक दुश्मन भारत की सीमा में दाखिल नहीं हो सकता। 

गर्मी के मौसम में थार के तपते हुए रेगिस्तान में कुछ घंटों के लिए खड़े रहना भी बेहद मुश्किल होता है। और ठंड में भी यहां की परिस्थितियां बहुत कठिन होती हैं। यही वजह है, कि यहां बहुत कम आबादी रहती है। ये देश का वो इलाका है, जहां एक बूंद पानी का होना अमृत मिल जाने के बराबर है। ऐसे कठिन हालात में सरहद की रखवाली कैसे की जाती है ये हम आपको बताएंगे। 

हमारे बहुत सारे दर्शकों को ये चिंता होती है और वो हमें लिखते हैं कि कहीं हम ऐसी रिपोर्ट दिखाकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां लीक तो नहीं कर रहे। हम आपको ये भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हमारी रिपोर्ट में एक भी संवेदनशील जानकारी लीक नहीं हुई है। हमने इस रिपोर्टिंग के दौरान बहुत से हिस्से एडिट कर दिए हैं ताकि देश की सुरक्षा को कोई खतरा ना पहुंचे। यानी आप अपनी चिंताओं पर राहत का ठंडा पानी डाल सकते हैं।