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ZEE जानकारी: दिवाली पर मिठाई तो खरीद ली लेकिन सावधान रहिए, नहीं तो हो जाएगा नुकसान

एक Survey के मुताबिक देश में मिलनेवाला दूध ही Quality के मानकों पर खरा नहीं है . तो फिर ऐसे दूध से बनी मिठाइयां कैसे शुद्ध हो सकती हैं? 

ZEE जानकारी: दिवाली पर मिठाई तो खरीद ली लेकिन सावधान रहिए, नहीं तो हो जाएगा नुकसान

दीवाली के मौके पर आज सबसे पहले हमने आपको घर, समाज और मन की सफाई का महत्व बताया . अब आपको बताएंगे कि जब सिस्टम नियमों के मुताबिक, साफ सफाई का ध्यान नहीं रखता है . तो कैसे आपको शुभ लाभ होने के बदले हानि की संभावना बढ़ जाती है. इन त्योहारों में आपने भी मिठाइयां, मावा, पनीर या फिर दूध से बना कोई खाने का सामान खरीदा होगा . हो सकता है आपने ये सामान बड़ी या Branded दुकानों से खरीदा होगा और आपको उनकी Quality पर भी पूरा भरोसा होगा . लेकिन एक Survey के मुताबिक देश में मिलनेवाला दूध ही Quality के मानकों पर खरा नहीं है . तो फिर ऐसे दूध से बनी मिठाइयां कैसे शुद्ध हो सकती हैं? हमारे देश में दूध को Healthy और पोषक तत्वों से भरपूर... संपूर्ण आहार माना जाता है . इसलिए आज हम दूध की शुद्धता का विश्लेषण करेंगे .

सबसे पहले आपको बताते हैं कि Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI के Survey में दूध की शुद्धता के बारे में क्या रिपोर्ट आई है . FSSAI देश में बिकने वाले सभी खाद्य पदार्थों की जांच करने का काम करता है. FSSAI के मुताबिक देश में मिलनेवाला 41 प्रतिशत दूध... गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों मानकों पर फेल हो गया है और 5 दशमलव 7 प्रतिशत दूध तो ऐसा है जिसमें Aflatoxin-M1 (एफ्लैटॉक्सिन) नामक एक जहरीला तत्व पाया गया है. जो काफी नुकसानदायक है... और ऐसा दूध आपको नहीं पीना चाहिए. FSSAI ने देश के 11 सौ शहरों से दूध के 6 हजार 432 Samples लिए हैं . इसमें खुला दूध बेचने वाले डेयरी और दूधवालों से लेकर... Packaged दूध बेचने वाली कंपनियों से भी Sample लिए गए.

सर्वे में 368 Samples में जहरीला तत्व Aflatoxin-M1 पाया गया है . और इसके अंश Branded दूध में भी मिले हैं. यानी ऐसे दूध का सेवन करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है. दिल्ली, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं जहां के कुछ Samples में Aflatoxin-M1 की मात्रा सबसे ज्यादा पाई गई है. इसके बाद, दूध के 77 Samples में तय मात्रा से ज्यादा Antibiotics मिले हैं . देश के तीन राज्य... उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से लिए गए Sample में Antibiotics सबसे ज्यादा मिले हैं. दूध के 12 Sample ऐसे भी थे जिनमें यूरिया, Detergent जैसी हानिकारक चीजें मिली हैं... यानी इसमें मिलावट की गई थी. 

दूध में मिले हुए खतरों पर ये रिपोर्ट FSSAI के National Milk Safety & Quality Survey 2019 में सामने आई है. इस Survey के लिए मई 2018 से अक्टूबर 2018 के बीच Samples इकट्ठा किये गए थे . और इस हफ्ते FSSAI ने पूरी रिपोर्ट जारी की है. देश में मिलने वाले 41 प्रतिशत दूध में जहरीले केमिकल, Antibiotics, यूरिया और Detergents का पाया जाना चिंताजनक है . इनमें से कुछ तत्व दूध में इसलिए मिल जाते हैं... क्योंकि वो पशुओं को दवा के तौर पर दिए जा रहे हैं - जैसे Antibiotics .

पशुओं को जल्दी बड़ा करने और उनसे ज्यादा दूध पाने के लालच में Antibiotics देने का एक बेहद खतरनाक चलन है. लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि यही एंटीबायोटिक दूध में मिलकर इंसानों को बीमार कर रही हैं. दूध के नाम पर हमारे शरीर में ऐसी दवाएं जा रही हैं जिनकी हमें कोई ज़रुरत ही नहीं है. इसी तरह पशुओं का चारा अगर खराब हो तो उसमें नमी की वजह से Aflatoxins बनने लगता है. ये एक तरह का Fungus है जो इंसानों के लिए ज़हर जैसा है. अगर दूध देने वाले पशु ऐसे चारे को ज्यादा मात्रा में खाएं तो दूध में Aflatoxins की मात्रा बढ़ जाती है. ऐसा दूध पीने से Liver का कैंसर हो सकता है... अगर गर्भवती महिलाएं ऐसे दूध का सेवन कर लें तो गर्भ में मौजूद बच्चे का विकास रूक सकता है. World Health Organization के मुताबिक ज्यादा Aflatoxins वाला दूध पीने से... मौत भी हो सकती है. 

इस बार जो मिलावट दूध में पाई गई, उनमें से ज्यादातर ऐसी हैं जो पशुओं के साथ हो रही ज्यादतियों का नतीजा हैं. यानी इंसान की गलतियां, लालच और लापरवाही घूमकर उस तक ही पहुंच रही है और मौत की वजह बन रही हैं .

अब आपके मन में सवाल होगा कि रोज सुबह आप जो दूध पीते हैं... वो कितना शुद्ध और सुरक्षित है? और मिलावटी दूध से खुद को बचाने के लिए आप कौन से उपाय अपना सकते हैं ? इस दीवाली पर हो सकता है ऐसे ही दूषित दूध से बना मिठाइयों का डब्बा आपके घर पहुंच गया हो . इसलिए DNA में आज आपके लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और पटना सहित कई शहरों से... दूध की शुद्धता पर देशव्यापी विश्लेषण किया है . दीवाली का मौका है और भारत दुनिया का नंबर वन दूध उत्पादक देश - ऐसे में ये DNA विश्लेषण आपके लिए बेहद ज़रुरी है ताकि आपकी दीवाली सही मायनों में Happy और सेहतमंद दीवाली हो .

वैसे आपको राहत देने वाली बात ये है कि वर्ष 2018 में FSSAI के Survey में दूध के 70 प्रतिशत Samples फेल हो गए थे... जबकि इस साल 41 प्रतिशत Samples पर साफ सफाई और Quality से समझौता करने को लेकर सवाल उठाए गए हैं. यानी पिछले वर्ष के मुकाबले हालात बेहतर हो रहे हैं. लेकिन अभी काफी सुधार किए जाने की गुंजाइश बाकी है . वैसे शरीर को ताकत देने के लिए अगर आप प्रतिदिन दूध का सेवन करते हैं. और आपको ये लगता है कि आप सेहत और फिटनेस बढ़ाने वाला काम रहे हैं... तो आज आपकी ये गलतफहमी दूर हो गई होगी. क्योंकि जो दूध आप पी रहे हैं हो सकता है वो खुद ही बीमार और बेजान हो.