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Zee Jankari: 'सिंधु सुरक्षा युद्धाभ्यास' के बाद होगा PoK पर कब्जा!

सिंधु सुरक्षा Exercise में कम वक्त में दुश्मन के बड़े इलाके पर कब्जा करने की रणनीति का परीक्षण किया जा रहा है .

Zee Jankari: 'सिंधु सुरक्षा युद्धाभ्यास' के बाद होगा PoK पर कब्जा!

आज DNA में खबरों के विश्लेषण की शुरुआत करने के लिए आपको दिल्ली से करीब 700 किलोमीटर दूर. राजस्थान के जैसलमेर लेकर चलेंगे. यहां पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना दुश्मनों पर सटीक और अचूक हमले की प्रैक्टिस कर रही है. अगले दो हफ्तों तक चलनेवाले इस युद्ध अभ्यास का नाम है सिंधु सुरक्षा. आपको ये भी बताएंगे कि कैसे इस Military Exercise की मदद से भारतीय सेना. छोटे हमले करके, बड़े लक्ष्यों पर कब्जा कर पाएगी. लेकिन पहले देखिए सेना के Rocket Launchers ने सिर्फ 25 सेकेंड में किस तरह दुश्मनों को धूल में मिलाने की तैयारी की है.

भारतीय सेना के शौर्य की ये शानदार तस्वीरें देखकर देश के दुश्मनों की टेँशन बढ़ गई होगी. आपको इस Rocket Launcher के बारे में आगे विस्तार से बताएंगे. पहले आपको बता दें कि. सिंधु सुरक्षा को. भारतीय सेना का बड़ा युद्ध अभ्यास कहा जा रहा है. इसमें करीब 40 हजार सैनिक और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. इसमें मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर. बोफोर्स तोप.

टी 90 भीष्म टैंक... K नाइन वज्र Self Propelled आर्टिलरी जैसे हथियार अपनी ताकत दिखा रहे हैं. इसके अलावा लड़ाकू हेलीकॉप्टर रूद्र. और Unmanned Aerial Vehicle हेरॉन भी शामिल रहे. 20 अक्टूबर से शुरु हुई ये Exercise. 5 दिसंबर तक चलेगी. युद्ध अभ्यास में 21 स्ट्राइक कोर के साथ भारतीय वायुसेना भी शामिल है. 21 Corps का प्रतीक चिन्ह सुदर्शन चक्र है.

और इसलिए इसका नाम सुदर्शन चक्र कोर है. भारतीय सेना में 3 स्ट्राइक कोर हैं. इनमें से एक 21 कोर. भोपाल में स्थित है और रेगिस्तान में लड़ाई करने में माहिर है. अब आपके लिए इस युद्ध अभ्यास की सबसे बड़ी वजह पर गौर करना ज़रूरी है. सिंधु सुरक्षा Exercise की वजह है पाकिस्तान. अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालात पैदा होते हैं..

. तो 21 स्ट्राइक कोर... पाकिस्तान में अंदर तक हमला करने के लिए तैयार है. भारत की पश्चिमी सीमा पर रेगिस्तान में हो रहा ये युद्ध अभ्यास महत्वपूर्ण क्यों है. इसे समझने के लिए आपको कुछ बातों पर गौर करना चाहिए...राजस्थान का रेगिस्तान सदियों से भारत की सीमा रहा है... पश्चिम से आने वाले हमलावर..

.सदियों से इसी रास्ते से होकर भारत में दाखिल होते रहे हैं .आज़ादी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच लड़े गए तीनों युद्धों में सबसे खूनी संघर्ष भी इसी इलाके में हुए हैं .इस रेगिस्तान की सीमाएं पाकिस्तान से मिलती हैं इसलिए जरूरी है कि भारतीय सेनाएं यहां लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार हों .

अब देखिए भारतीय सेना ने रेगिस्तान में युद्ध के लिए किन हथियारों को इस्तेमाल किया है .जिन Multi Barrel Rocket Launchers की तस्वीर आपने देखी... उसका नाम है बीएम 21 ग्रेड मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर . ये हथियार भारत ने रूस से खरीदा था . दुश्मन की चौकी या फिर बंकर को ध्वस्त करने में इस रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया जाता है.

इसलिए कारगिल युद्ध में इन मल्टी बैरेल लॉन्चर ने एक अहम भूमिका निभाई थी . एक बीएम 21 ग्रैड रॉकेट सिस्टम में 40 ट्यूब होते हैं, जो एक मिनट से कम वक्त में 40 रॉकेट दागते हैं .इन तस्वीरों में 4 सिस्टम दिखाई दे रहे हैं... यानी एक मिनट में 240 रॉकेट एक साथ दागे गए हैं. इस रॉकेट की रेंज करीब 20 किलोमीटर है . लेकिन इस युद्ध अभ्यास में करीब 5-6 किलोमीटर की दूरी पर रॉकेट दागे गए हैं .

यहां भारतीय सेना के नए हथियारों की मारक शक्ति का भी प्रदर्शन किया गया है . सेना के नए K नाइन वज्र टी... Self Propelled आर्टिलरी ने भी यहां गोले बरसाए . ये बोफोर्स की तरह लंबी दूरी तक हमला कर सकती है... और टैंक की तरह इसमें ट्रैक भी लगे हुए हैं... जो आसानी से इसे एक जगह से दूसरी जगह तक ले जा सकते हैं .अब समझिए कि 40 हजार सैनिकों और इन हथियारों के रेगिस्तान में युद्ध अभ्यास का क्या मतलब है ?

भारतीय सेना की 21 स्ट्राइक Corps... रेगिस्तान की लड़ाई में अनुभवी है. लेकिन बदलते वक्त के साथ युद्ध की नई रणनीति का अभ्यास किया जाना जरूरी है . कुछ दशकों पहले सेना को बैरकों से सीमा पर पहुंचने में 15 दिनों तक का वक्त लगता था... लेकिन अब ये समय घटकर सिर्फ 48 घंटे रह गया है .आप इस युद्ध अभ्यास को असली युद्ध की सबसे Real तैयारी भी कह सकते हैं .

सिंधु सुरक्षा Exercise में कम वक्त में दुश्मन के बड़े इलाके पर कब्जा करने की रणनीति का परीक्षण किया जा रहा है . इसमें एक साथ सभी महत्वपूर्ण और नए हथियारों के हमला करने की शक्ति की जांच होगी . ये देखा जाएगा कि रेगिस्तानी इलाके में दिन और रात के समय इन हथियारों का प्रदर्शन कैसा है . सेना लगातार इस अभ्यास पर नजर रखगी...

Real Time Data Collection करेगी और प्रदर्शन के आधार पर नंबर भी देगी . इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर कभी युद्ध के हालात हों तो भारतीय सेना को अपने हथियारों की क्षमता की संपूर्ण जानकारी होगी.सीमा पर युद्ध अभ्यास के पराक्रम का धमाका... पाकिस्तान की धमकी का करारा जवाब है .

सिंधु सुरक्षा Exercise देखकर अब पाकिस्तान को भी डर लग रहा है. और ये डर है PoK गंवाने का. कल DNA में आपने देखा था, कैसे भारतीय सेना ने PoK में गोलाबारी करके आतंकियों के अड्डे को तबाह किया था . सेना की इस कार्रवाई के बाद से पाकिस्तान डरा हुआ है. उसे डर है कहीं भारत का अगला हमला PoK वापस लेने के लिए ना हो . इसलिए अब पाकिस्तान... भारत को परमाणु युद्ध की धमकी दे रहा है.