ZEE जानकारी: तो क्या हमें E-Rickshaw फ्री शहर बनाने की जरूरत है?

ZEE जानकारी: तो क्या हमें E-Rickshaw फ्री शहर बनाने की जरूरत है?

India Electronics and Semiconductor Association के मुताबिक, इस वक्त भारत की सड़कों पर क़रीब साढ़े 4 लाख E-Rickshaw चल रहे हैं. जिनकी संख्या आने वाले कुछ वर्षों में 45 फीसदी की रफ़्तार से बढ़ने वाली है. लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में E-Rickshaw ने देश के आम नागरिकों की मुसीबत कम करने के बजाए...और ज़्यादा बढ़ा दी है. आपने ध्यान दिया होगा...कि अक्सर E-Rickshaw के Drivers...अपनी गाड़ी को बीच सड़क पर कहीं पर भी Park कर देते हैं... जिससे ट्रैफिक Jam की स्थिति पैदा हो जाती है. बात चाहे, किसी Colony की हो...सड़क की हो..या फिर Metro Stations की हो...आपको इन सभी जगहों पर नियम तोड़ने वाले E-Rickshaw नज़र आएंगे.  E-Rickshaw के Drivers...Wrong Side और फुटपाथ पर भी गाड़ी चलाने से नहीं डरते. नियमों के मुताबिक, E-Rickshaw में Driver के अलावा, एक बार में सिर्फ 4 यात्री बैठ सकते हैं. लेकिन, आपने ये भी देखा होगा....कि Drivers अक्सर अपनी गाड़ियों में 8-8 लोगों को बिठा लेते हैं. अब E-Rickshaw का इस्तेमाल...बच्चों को School छोड़ने के लिए भी किया जाने लगा है, जो कि ग़ैर क़ानूनी है. क़ानून के मुताबिक...शिक्षण संस्थानों में Auto Rickshaw...E-Rickshaw और Tempo के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं है. 

इसमें 4 यात्रियों के अलावा ज़्यादा से ज़्यादा 40 किलोग्राम तक का सामान ही Load किया जा सकता है, लेकिन थोड़े सी Extra कमाई के लिए E-Rickshaw के Drivers इससे भी समझौता कर लेते हैं. और बैठने वाले यात्री भी उन्हें कुछ नहीं कहते. देश की राजधानी दिल्ली में आधिकारिक तौर पर 45 हज़ार  E-Rickshaw....Registered हैं. लेकिन, एक आंकड़े के मुताबिक, दिल्ली में हर रोज़ 1 लाख से ज़्यादा E-Rickshaw, चलते हैं. नियमों के मुताबिक, E-Rickshaw का Motor Vehicles Act के तहत Registered होना अनिवार्य है. और बिना Registration के कोई भी E-Rickshaw सड़क पर नहीं चल सकता.

लेकिन, इसके बावजूद दिल्ली में क़रीब 1 लाख में से 15 हज़ार E-Rickshaw ही Registered हैं. यानी बाकी बचे हुए  E-Rickshaw बिना Registration के.. गैरकानूनी तरीके से सड़क पर चल रहे हैं. एक आंकड़े के मुताबिक Noida में क़रीब 1500, E-Rickshaw में से सिर्फ 400 Transport Department के साथ Registered हैं. कुछ Reports के मुताबिक, कई E-Rickshaw Drivers ऐसे हैं...जो बिना Driving License के गाड़ी चलाते हैं. नोट करने वाली बात ये है कि नियमों का उल्लंघन करने पर ट्रैफिक पुलिस अक्सर, Two Wheelers और कार चलाने वालों का चालान काट देती है.

लेकिन, E-Rickshaw के Drivers का चालान नहीं काटा जाता. और इसके लिए अक्सर ये कुतर्क दिया जाता है कि E-Rickshaw किसी Vehicles Act में नहीं आता. आपको जानकारी दे दें...कि वर्ष 2015 में E-Rickshaw को Motor Vehicles Act में शामिल किया गया था. इसके लिए पहले एक अध्यादेश लाया गया और बाद में इस Act में संशोधन किया गया. ध्यान देने वाली बात ये है, कि E-Rickshaw का Registration तो ज़रूरी है, लेकिन इसे किसी Permit की ज़रूरत नहीं होती. यानी Auto और Taxi के लिए जो नियम हैं, उनसे E-Rickshaw को बाहर रखा गया है. आप ये भी कह सकते हैं...कि हम अब तक E-Rickshaw से जुड़ी नीतियों को लेकर Clear नहीं हैं. और यही सारे Confusion की वजह है.

भारत में ट्रैफिक Jam और पार्किंग एक राष्ट्रीय समस्या है...आप देश में कहीं भी चले जाएं...अगर आपकी गाड़ी किसी ट्रैफिक Jam में ना फंसे...और अगर आपको गाड़ी Park करने के लिए आसानी से जगह मिल जाए... तो उस दिन आप ख़ुद को किस्मतवाला मान सकते हैं. और अब E-Rickshaw वाली समस्या ने इसे और भी ज़्यादा गंभीर बना दिया है. भविष्य की दुनिया में कदम रखने के लिए Electric Vehicles वाली सोच एक सकारात्मक कदम ज़रुर है....लेकिन, जब तक हम अपनी आदतें नहीं बदलेंगे...तब तक देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की क्रांति नहीं होगी

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