ZEE Jankari : करतारपुर कॉरिडोर के पीछे का सच पंजाब के 'कैप्टन' ने बता दिया

 कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है, कि करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का फैसला, लोगों की धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है. 

ZEE Jankari : करतारपुर कॉरिडोर के पीछे का सच पंजाब के 'कैप्टन' ने बता दिया

टीम का Captain अगर सही इरादों के साथ जीत के लिए खेले, तो कामयाबी ज़रुर मिलती है. विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में आप ये कह सकते हैं, कि भारत सरकार और हमारी जांच एजेसिंयों ने भी Team Work के साथ काम किया. जिसका नतीजा आज हम सबके सामने है. हालांकि, कई बार अपनी ही Team में शामिल कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं, जो अपने Captain को तो धोखा देते ही हैं. साथ ही साथ विरोधी टीम के साथ Match Fixing करके देश की ही टीम को हराने का काम करते हैं. करतारपुर कॉरिडोर के मामले में कांग्रेस पार्टी के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बिल्कुल वैसा ही किया. वो बाजवा से गले मिले. खालिस्तानी आतंकवादी गोपाल सिंह चावला से मुलाकात की. और करतारपुर कॉरिडोर का पूरा श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को दे दिया.

लेकिन पंजाब सरकार की टीम में नवजोत सिंह सिद्धू के असली Captain, यानी Captain अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू, उनके परम मित्र इमरान ख़ान और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है, कि करतारपुर कॉरिडोर को खोलने का फैसला, लोगों की धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है. बल्कि इसके पीछे पाकिस्तान की एक बहुत बड़ी साज़िश है. और इस साज़िश को रचने वाला कोई और नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सेना और ISI है. करतापुर कॉरिडोर को Captain अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एक Game Plan बताया है. और उन्होंने ये भी कहा है, कि इस कॉरिडोर के बहाने पाकिस्तान, भारत के खिलाफ कोई बहुत बड़ी साज़िश रचने की फिराक में है.

उन्होंने इशारों-इशारों में साफ कर दिया है, कि इस साज़िश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान ने नवजोत सिंह सिद्धू को किसी मोहरे की तरह इस्तेमाल किया है. अपने दावे की पुष्टि के लिए Captain अमरिंदर सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू और पाकिस्तान के सेना प्रमुख की बीच हुई मुलाकात को भी आधार बनाया है. उन्होंने कहा है, कि इमरान ख़ान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर बाजवा का नवजोत सिंह सिद्धू के साथ करतारपुर पर बात करना, इस बात की पुष्टि करता है कि पाकिस्तान की सेना और ISI कोई ना कोई साज़िश बहुत पहले रच चुकी थी. उन्होंने ये भी आरोप लगाया है, कि करतारपुर के ज़रिए पाकिस्तान, भारत के पंजाब में एक बार फिर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है, जिससे सभी को सावधान रहना चाहिए.

अमरिंदर सिंह के दावे को और भी ज़्यादा मज़बूत करने के लिए हम भी अलग-अलग तरीके से Research कर रहे थे. और इसी Research के दौरान हमें नवजोत सिंह सिद्धू के साथ फोटो खिंचवाने वाले खालिस्तानी आतंकवादी गोपाल सिंह चावला का एक Video मिला. ये Video 29 नवंबर 2018 का है. जब गोपाल सिंह चावला एक पाकिस्तानी News Channel पर Live बैठा था.

अब आप ध्यान से इस आतंकवादी का ये बयान सुनिए. जिसमें ये खुलकर करतारपुर कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान की सेना और इमरान खान का गुणगान कर रहा है. और भारत को भला बुरा कह रहा है. आपको याद दिला दें, कि पंजाब के मुख्यमंत्री Captain अमरिंदर सिंह ने इस कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था. और इसके पीछे उन्होंने वही दलील दी थी, कि पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता. आज उनका वो बयान भी आप सुनिए. करतारपुर कॉरिडोर के मामले में Captain अमरिंदर सिंह ने शुरुआत से ही, जो Stand लिया है, उसकी तारीफ करनी होगी. इसकी एक वजह ये है, कि वो खुद भी भारत की सेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

और पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 के युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं. वो खुद को नेता से पहले.. एक सैनिक मानते हैं. Captain अमरिंदर सिंह हमेशा एक बात कहते हैं - Once A Soldier, Always A Soldier....यानी एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेता, पाकिस्तान का असली चरित्र नहीं समझ पाए. जबकि उसी चरित्र को एक पूर्व सैनिक होने के नाते Captain अमरिंदर सिंह ने समझ लिया.

करतारपुर कॉरिडोर के मामले में उन्होंने साबित किया है, कि देश सबसे ऊपर होता है, जबकि निजी स्वार्थ और राजनीति नीचे होती है. लेकिन अफसोस इस बात का है, कि नवजोत सिंह सिद्धू... देशहित की बात करने वाले Captain अमरिंदर सिंह को अपना Captain नहीं मानते. बल्कि उनकी नज़रों में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी का स्थान सबसे बड़ा है. आपको याद दिला दें, कि पंजाब के मुख्यमंत्री Captain अमरिंदर सिंह ने इस कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था.

और इसके पीछे उन्होंने वही दलील दी थी, कि पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता. आज उनका वो बयान भी आप सुनिए. करतारपुर कॉरिडोर के मामले में Captain अमरिंदर सिंह ने शुरुआत से ही, जो Stand लिया है, उसकी तारीफ करनी होगी. इसकी एक वजह ये है, कि वो खुद भी भारत की सेना को अपनी सेवाएं दे चुके हैं. और पाकिस्तान के खिलाफ वर्ष 1965 के युद्ध में हिस्सा ले चुके हैं.

वो खुद को नेता से पहले.. एक सैनिक मानते हैं. Captain अमरिंदर सिंह हमेशा एक बात कहते हैं - Once A Soldier, Always A Soldier....यानी एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेता, पाकिस्तान का असली चरित्र नहीं समझ पाए. जबकि उसी चरित्र को एक पूर्व सैनिक होने के नाते Captain अमरिंदर सिंह ने समझ लिया. करतारपुर कॉरिडोर के मामले में उन्होंने साबित किया है, कि देश सबसे ऊपर होता है, जबकि निजी स्वार्थ और राजनीति नीचे होती है. लेकिन अफसोस इस बात का है, कि नवजोत सिंह सिद्धू...

देशहित की बात करने वाले Captain अमरिंदर सिंह को अपना Captain नहीं मानते. बल्कि उनकी नज़रों में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी का स्थान सबसे बड़ा है. ऐसा लगता है, कि नवजोत सिंह सिद्धू ने ये फैसला कर लिया है, कि वो भारत में रहते हुए एक तरफ राहुल गांधी की टीम के लिए खेलेंगे. और दूसरी तरफ पाकिस्तान के लिए बैटिंग करेंगे. लेकिन उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए, कि ऐसा करते हुए ना सिर्फ Out होने का ख़तरा बहुत ज़्यादा है. बल्कि टीम से बाहर निकाले जाने का भी रिस्क है.