ZEE जानकारीः आप कहां जा रहे हैं इसकी हर मिनट की जानकारी गूगल के पास होती है

इस पूरे मामले में पड़ताल तब शुरू हुई, जब K. शंकारी नाम की एक Graduate Researcher ने ये पाया कि उनका Android Phone उस Department Store को Rating देने के लिए कह रहा था.

ZEE जानकारीः आप कहां जा रहे हैं इसकी हर मिनट की जानकारी गूगल के पास होती है

कल हमारे देश को अंग्रेज़ों से आज़ाद हुए 71 वर्ष पूरे हो रहे हैं. लेकिन क्या हम वाकई आज़ाद हैं? आज़ादी की 71 वीं सालगिरह की पूर्व संध्या पर आपको ये सवाल थोड़ा अटपटा लग रहा होगा, लेकिन ये बहुत गंभीर सवाल है. क्योंकि हमें आज़ादी सिर्फ कागज़ों पर मिली है. हमारे अधिकार और Privacy यानी निजता आज भी गूगल और फेसबुक जैसी विदेशी कंपनियों की तिजोरियों में बंद है. 1947 में अंग्रेज़ों से हमने सिर्फ अपनी ज़मीन आज़ाद करवाई थी. हमारी सोच, विचार और ज़िंदगी इन सबको इन विदेशी कंपनियों ने अपने कब्ज़े में कर लिया है. ये कंपनियां अंग्रेज़ों की ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह हैं, और इन तिजोरियों में आपके सारे अधिकार और जानकारियां गिरवी रखी हैं और आपको इससे कोई आपत्ति भी नहीं है. 

आज के दौर में आपको गुलाम बनाने में सबसे बड़ी भूमिका आपका मोबाइल फोन निभा रहा है. आपके मोबाइल फोन पर मालिकाना हक़ तो आपका है, क्योंकि आपने उसे पैसे देकर खरीदा है. लेकिन असलियत में ये मोबाइल फोन विदेशी कंपनियों द्वारा बनाया गया एक रिमोट कंट्रोल है, जिससे वो आपके दिमाग पर कब्ज़ा कर लेती हैं और आपको नियंत्रित करती हैं, आपके जीवन का हिसाब-किताब रखती हैं. आप कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं, क्या खरीदते हैं, आपको क्या पसंद है, आपकी ये सारी जानकारियां गूगल के पास हैं. 

क्योंकि गूगल आपके मना करने के बावजूद आपकी जानकारियां रिकॉर्ड कर रहा है. आपकी Privacy से जुड़ी हुई ये एक महत्वपूर्ण ख़बर है, इसलिए आज का DNA आपको बहुत ध्यान से देखना होगा. हमने बहुत आसान भाषा में आपके लिए ये ख़बर Decode की है.

एक Investigative Study में ये पता चला है कि Android और iPhones में Install होने वाली कई Google Apps और Services आपका Location Data, Store कर रही हैं. हो सकता है कि आपने अपने फोन की Privacy Settings में Google को Location Access करने की Permission ना दी हो. लेकिन आपकी इजाज़त के बिना भी Google आपका Location Data Store कर रहा है. अमेरिका की Princeton University के Computer-science Researchers ने इन बातों की पुष्टि की है. 

अब ये समझिए कि ये सब कैसे हो रहा है. अगर आप कहीं आने-जाने के लिए Google Maps का इस्तेमाल करते हैं, तो Google आपसे Location Data को Access करने की इजाज़त मांगता है. अगर आप अपनी Location का Data देने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो Google Maps आपकी Location की History को इक्कठा करके ((Timeline)) आपको बताता है. इससे आपको अपने रोज़ाना के Movements की जानकारी होती है. 

यानी आप कहां जा रहे हैं इसकी हर मिनट की जानकारी गूगल के पास होती है. यहां तक तो सब ठीक है, क्योंकि अपनी Location की Access आपने खुद गूगल को दी है. गूगल ये कहता है कि आप कभी भी अपनी Location History off कर सकते हैं, इसके बाद आप जहां भी जाएंगे, गूगल के पास इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रहता. लेकिन ये सच नहीं है. Location History off होने के बावजूद Google के कुछ Apps बिना आपसे पूछे आपकी Location के Data को Store करते हैं. उदाहरण के तौर पर अगर आप अपने मोबाइल फोन से कोई तस्वीर ((Snapshot)) खींचते हैं, तो Google आपको तुरंत ये बता देता है कि ये तस्वीर आपने कहां ली. 

यहां तक कि आपके Android Phone पर रोज़ाना मिलने वाली मौसम की जानकारियां भी आपकी Location बताती हैं. इस पूरे मामले में पड़ताल तब शुरू हुई, जब K. शंकारी नाम की एक Graduate Researcher ने ये पाया कि उनका Android Phone उस Department Store को Rating देने के लिए कह रहा था, जहां से उन्होंने खरीदारी की थी. जबकि उन्होंने अपनी Location History Off की हुई थी. 

इस मामले में गूगल की तरफ से सफाई भी दी गई है. गूगल का कहना है कि लोगों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए, गूगल कई तरीकों से Location का इस्तेमाल कर सकता है. इसमें Location History और Web Activity और App Activity शामिल हैं. Google का ये कहना है कि वो लोगों को इन Tools के प्रभाव के बारे में स्पष्ट जानकारी देता है. और लोग अपनी Location History को On, Off या Delete कर सकते हैं. लेकिन अगर लोग गूगल को अपनी लोकेशन की कोई भी जानकारी नहीं देना चाहते हैं, तो Users को एक और Setting Off करनी पड़ेगी. 

इस Setting का नाम है Web and App Activity. इस Setting में Google Apps और आपके Google Account की बहुत सी जानकारियां Store होती हैं. Web and App Activity को Disable करने से Google आपकी Location Store नहीं कर पाएगा. अगर आप ये Setting Off करेंगे तो Google आपकी Search और दूसरी Activities की जानकारी भी हासिल नहीं कर पाएगा. 

गूगल की इस सफाई के बावजूद आलोचकों का मानना है कि आपकी Location Store करने से गूगल को फायदा होता है, और विज्ञापनों से होने वाली उसकी कमाई बढ़ जाती है. क्योंकि आप किस Restaurant में गए, किस Shopping Mall में गए, आपने क्या खरीदा ? ये सबकुछ आपकी Location से पता चल जाएगा. 

और इससे Advertisers को ये पता चलेगा कि आप क्या खरीदते हैं, क्या खाते हैं, आपको क्या पसंद है. और फिर आपके सामने उसी Product को खरीदने के लिए तरह तरह की जानकारियां और विज्ञापन आने लगेंगे.यानी गूगल के लिए आप सिर्फ एक प्रोडक्ट हैं. वो बिना बताए आपको बेच रहा है

अब सवाल ये है कि अगर गूगल इस तरह का नैतिक भ्रष्टाचार यूरोप या अमेरिका में कर रहा है, तो क्या वो भारत में भी ऐसा कर रहा होगा ? आने वाले दौर में भारत, पूरी तरह डिजिटल होने का सपना देख रहा है.. और डिजिटल युग की अपनी अलग परेशानियां होती हैं.. डिजिटल दुनिया के अपने अलग खलनायक होते हैं.. इसलिए आपको इस नई चुनौती के बारे में सब कुछ पता होना चाहिए. ये आपकी डिजिटल आज़ादी के लिए बहुत ज़रूरी है.

अगर आप अपनी निजता यानी Privacy के प्रति सावधान हैं, तो ये जानकारियां आपको हैरान कर रही होंगी.