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Zee Jankari: सऊदी अरब भारत और पूरी दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है?

सऊदी अरब की छवि एक कट्टर मुस्लिम देश की रही है लेकिन अब वहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस छवि को बदलने की कोशिश कर रहे हैं . 

Zee Jankari: सऊदी अरब भारत और पूरी दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है?

सऊदी अरब की छवि एक कट्टर मुस्लिम देश की रही है लेकिन अब वहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस छवि को बदलने की कोशिश कर रहे हैं . और इसके लिए वो अपने देश को ज्यादा से ज्यादा उदार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल सऊदी अरब के पास तीन ऐसी विशेषताएं जिनके दम पर वो तेल के निर्यात पर अपनी निर्भरता कम करने के बारे में सोच रहा है. पहली विशेषता ये है कि सऊदी अरब को मुस्लिम और अरब देशों में काफी शक्तिशाली माना जाता है...और ये देश सऊदी अरब की बातों को गंभीरता से लेते हैं. सऊदी अरब की दूसरी विशेषता ये है कि ये देश भौगोलिक नज़रिए से अफ्रीका..यूरोप और एशिया के बहुत करीब है.

सऊदी अरब की तीसरी विशेषता ये है कि उसके पास दूसरे देशों में निवेश के लिए प्रचुर मात्रा में धन उपलब्ध है और इसके दम पर वो अपने देश की युवा आबादी के लिए रोज़गार पैदा करना चाहता है. भारत और सऊदी अरब अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. World Bank की ease of doing business ranking के मुताबिक भारत 190 देशो में 63वें नंबर पर है.

जबकि सऊदी अरब 62वें नंबर पर है. दोनों देशों मे पिछले कुछ वर्षों में अपनी Ranking में बहुत सुधार किया है . यानी भारत और सउदी अरब में व्यापार करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो चुका है . और अगर दोनों देश अर्थव्यवस्था की पटरी पर एक साथ दौड़ेंगे... तो Ease Of Doing Ranking में हुए सुधार के सुखद परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगेंगे.

अब आखिर में आपको ये भी समझ लेना चाहिए कि सऊदी अरब भारत और पूरी दुनिया के लिए इतना अहम क्यों है..इसकी मुख्य रूप से तीन वजहें हैं...पहला कारण ये है कि सऊदी अरब को मुस्लिम देशों का नेता माना जाता है...यानी जिन नीतियों पर सऊदी अरब चलने का फैसला करता है दुनिया के ज्यादातर मुस्लिम देश उसका अनुसरण करते हैं.

दूसरी वजह ये है कि सऊदी अरब फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है..हालांकि उसकी ये कुर्सी अमेरिका कभी भी छीन सकता है..क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका ने अपना तेल उत्पादन बहुत तेज़ी से बढ़ाया है और भारत भी अब अमेरिका के तेल का बड़ा ग्राहक बन गया है.

सऊदी अरब की तीसरी बड़ी विशेषता ये है कि वो पारंपरिक रूप से पाकिस्तान का समर्थक रहा है. और वो पाकिस्तान को हर तरह से मदद देता रहा है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की वजह से सऊदी अरब भारत के करीब आ गया है और वो अब भारत को सिर्फ अपना व्यापारिक साझेदार ही नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदार भी बनाना चाहता है.