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ZEE जानकारी: संसद में राहुल गांधी गंभीरता से क्यों रहते हैं कोसों दूर

राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान गंभीर नहीं थे. लेकिन आप को अभिभाषण की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि इसमें सरकार देश के विकास का Blueprint सामने रखती है.

ZEE जानकारी: संसद में राहुल गांधी गंभीरता से क्यों रहते हैं कोसों दूर

अगले विश्लेषण से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा कही गई एक बात का ज़िक्र करना ज़रुरी है. वो कहा करते थे, हम जो करते हैं और हम जो कर सकते हैं, इसके बीच का अंतर, दुनिया की ज़्यादातर समस्याओं के समाधान के लिए पर्याप्त होगा. और उन्हीं के Surname का इस्तेमाल करने वाले कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निधन के 71 वर्षों के बाद इस कथन को चरितार्थ कर दिया. ऐसा लगता है, कि जिन नेताओं के नाम में गांधी शब्द जुड़ा हुआ है, वही राष्ट्रपिता के विचारों को या तो भूल गए हैं. या फिर उनके विचारों से इक्तेफाक नहीं रखते. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक ऐसे ही नेता हैं.

आज संसद में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का अभिभाषण हुआ. आम चुनाव के बाद संसद के पहले सत्र में राष्ट्रपति ने, सरकार के कामकाज का ब्यौरा पेश करते हुए अगले 5 साल की रुपरेखा रखी. संसद के Central Hall में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों की मौजूदगी में राष्ट्रपति का अभिभाषण होता है. अभिभाषण सरकार तैयार करती है और कैबिनेट इसे मंज़ूर करती है. जिसके बाद राष्ट्रपति, इस अभिभाषण को देश के सामने प्रस्तुत करते हैं. आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 1 घंटे 8 मिनट के अभिभाषण में सरकार के कामकाज का पूरा हिसाब-किताब दिया. लेकिन आज पूरे देश में राष्ट्रपति के अभिभाषण से ज्यादा राहुल गांधी की चर्चा हो रही है. इसलिए, राष्ट्रपति के अभिभाषण की मुख्य बातों से पहले राहुल गांधी की बात करनी ज़रुरी है.

आज लोकसभा टीवी पर राष्ट्रपति के अभिभाषण का Live प्रसारण हो रहा था. और 68 मिनट के दौरान 30 बार ऐसे मौके आए, जब राहुल गांधी Frame में दिखाई दिए. साधारण भाषा में कहें, तो कैमरामैन ने 30 बार उनकी तस्वीरों को Capture किया. और आपके लिए ये जानना बेहद दिलचस्प होगा, कि इस दौरान राहुल गांधी क्या कर रहे थे? जब हमने उनके हर Frame का बारीकी से अध्ययन किया. तो हमें पता चला कि 10 मौकों पर राहुल गांधी अपने फोन में व्यस्त थे. आगे बढ़ने से पहले आप एक-एक करके, लोकसभा टीवी पर दिखाए गए समय और उस दौरान राहुल गांधी की प्रतिक्रिया ध्यान से देखिए.

जब देश के राष्ट्रपति का अभिभाषण चल रहा हो और अहम विषयों पर जानकारी दी जा रही हो. उस वक्त किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं होती. लेकिन ऐसा लगता है कि राहुल गांधी ने गंभीर राजनीति को हल्के में लेने की ठान रखी है. जब हमने उनकी तस्वीरों का और गहराई से अध्ययन किया, तो पता चला, कि 20 मौके ऐसे थे, जब राहुल गांधी या तो सामने देख रहे थे, या अपनी मां सोनिया गांधी से बात कर रहे थे या फिर इधर-उधर देख रहे थे. यानी उनका ध्यान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बिल्कुल भी नहीं था. 

इस बीच सबसे हैरान करने वाली तस्वीर उस वक्त दिखाई दी, जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने अभिभाषण में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक का ज़िक्र किया. सेना के इन दोनों पराक्रमों का ज़िक्र होते ही, सदन में मौजूद हर सांसद मेज थपथपाने लगा. और देश ने पूरे 27 सेकेंड तक ये आवाज़ सुनी. लेकिन जैसे ही कैमरे का Frame, राहुल गांधी की तरफ मुड़ा. तो एक अजीब सी बात हुई. सोनिया गांधी, मेज थपथपा रही थीं और राहुल गांधी उस वक्त भी अपने फोन पर व्यस्त थे. लेकिन, जैसे ही उन्होंने अपनी मां को मेज थपथपाते देखा, उन्होंने उनका हाथ खींच लिया. हम ये नहीं कह सकते, कि उन्होंने जानबूझकर अपनी मां का हाथ खींचा. हो सकता है, वो सोनिया गांधी को अपने फोन में कुछ दिखाना चाह रहे हों. लेकिन सवाल ये है, कि जिस वक्त सोनिया गांधी सहित पूरा सदन, सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की क़ामयाबी पर मेज थपथपा रहा था. उस वक्त राहुल गांधी गंभीर क्यों नहीं थे?

अभी तक आपने सिर्फ तीन तस्वीरें देखीं. लेकिन, 68 मिनट के दौरान कई मौके ऐसे भी आए, जब पूरा सदन मेज थपथपा कर राष्ट्रपति के अभिभाषण का स्वागत रहा था. जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी या तो अपनी मां से बातें करने में व्यस्त थे. या फिर उन्होंने मेज थपथपाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. जब राष्ट्रपति ने भारत को 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाने की बात कही, राहुल चुपचाप बैठे रहे. जब संसद में Income Tax में छूट की बात हुई, तो भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जब राष्ट्रपति ने कहा, कि 1 लाख 41 हज़ार करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं, उस वक्त भी सोनिया गांधी और राहुल गांधी आपस में बात करते दिखाई दिए. 

ASAT से अंतरिक्ष में Low-Earth Orbit Satellite को मार गिराने वाले मिशन शक्ति की बात पर सोनिया गांधी ने मेज थपथपाई, राहुल ने नहीं. मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की बात पर 14 सेकेंड तक मेज की थपथपाहट सुनाई दी. लेकिन तब भी राहुल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. जिस वक्त राष्ट्रपति अवैध घुसपैठ के विषय पर बोल रहे थे, राहुल फोन पर बिज़ी थे. फिर उन्होंने अपना फोन मेज पर रख दिया. अभिभाषण के दौरान रफाल और अपाचे हेलीकॉप्टर का भी ज़िक्र हुआ. हालांकि इस दौरान राहुल गांधी Frame में दिखाई नहीं दिए. 

जिस वक्त राष्ट्रपति ये कह रहे थे, कि भविष्य में कोई भारतीय अंतरिक्ष में तिरंगा लहराएगा, उस वक्त राहुल गांधी और सोनिया गांधी आपस में बात कर रहे थे. जब एक राष्ट्र, एक साथ चुनाव की बात हुई, उस वक्त भी दोनों आपस में बात कर रहे थे. सबने मेज थपथपाई, लेकिन इन दोनों ने नहीं. राष्ट्रपति का अभिभाषण ख़त्म होने के बाद, जब राहुल गांधी Frame में दिखाई दिए, उस समय भी उनके दोनों हाथ बंधे हुए थे. हो सकता है कि मेज की थपथपाहट के बीच ज़्यादातर मौकों पर लोकसभा टीवी के कैमरामैन ने राहुल गांधी की तरफ Focus ना किया हो. और उन्होंने मेज थपथपाई भी हो. लेकिन, फिर उन तस्वीरों का क्या, जिसमें सब कुछ स्पष्ट दिखाई दे रहा है. आगे बढ़ने से पहले आपको ये तस्वीरें भी देखनी चाहिए.

जिस वक्त संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण चल रहा था, उस वक्त Zee News की टीम भी सदन में मौजूद थी. और हमारे रिपोर्टर्स ने ये बात Confirm की है कि 68 मिनट के दौरान क़रीब 15 मिनट तक राहुल गांधी अपने फोन पर व्यस्त थे. दिलचस्प बात ये थी कि सोनिया गांधी ने खुद कुछ मौकों पर राहुल गांधी को कैमरे के मूवमेंट के बारे में Alert किया. तब भी राहुल गांधी या तो अपने फोन में Typing करते रहे या फिर उन्होंने अपनी मां की नसीहत को गंभीरता से नहीं लिया. इस वक्त आप वही तस्वीरें देख रहे हैं.

वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब देश ने राहुल गांधी का ऐसा हल्का-फुल्का रवैया देखा हो. 20 जुलाई 2018 की वो तस्वीर याद कीजिए. जब लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही थी. तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने के बाद राहुल गांधी जैसे ही अपनी सीट पर लौटे, उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों की तरफ देखा और आंख मार दी. ठीक इसी तरह 15 फरवरी 2019 की वो तस्वीर याद कीजिए. जब पुलवामा हमले में शहीद हुए CRPF के जवानों का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंचा था. उस वक्त राहुल गांधी शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे थे. वहां मौजूद सभी लोग शोक में थे. लेकिन, राहुल गांधी अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त थे.

आज हम राहुल गांधी को दो तस्वीरें दिखाना चाहेंगे. पहली तस्वीर 19 राष्ट्रीय राइफल्स के शहीद मेजर केतन शर्मा की बेटी की है. जिसने दो दिन पहले ही अपने पिता के पार्थिव शरीर को आखिरी सलामी दी है. और दूसरी तस्वीर, जम्मू-कश्मीर पुलिस के SHO अरशद ख़ान के परिवार और उनके साथियों की है. SHO अरशद ख़ान ने इसी रविवार को अंतिम सांस ली थी. और जिस वक्त उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही थी. उस वक्त श्रीनगर के SSP ने, उनके 4 साल के बेटे को अपनी गोद में ले रखा था. लेकिन, अपने साथी को आख़िरी सलामी देते समय SSP हसीब मुगल रो पड़े थे. हम राहुल गांधी से पूछना चाहेंगे, कि इन लोगों के परिवारों पर क्या बीतती होगी, जब वो संसद में गंभीर नहीं होते हैं.

राहुल गांधी तो राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान गंभीर नहीं थे. लेकिन आप को अभिभाषण की अनदेखी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि इसमें सरकार देश के विकास का Blueprint सामने रखती है. इसलिये हम आपको बहुत सरल भाषा में राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें बता रहे हैं. देश में पानी का संकट इस सदी की सबसे बड़ी समस्या है. राष्ट्रपति ने आज देश को बताया कि हमें अपने बच्चों के लिए पानी बचाना ही होगा. इसके लिए सरकार ने जलशक्ति मंत्रालय बनाया है. ये इसलिए ज़रूरी है कि हमारे देश में दुनिया की 18 प्रतिशत आबादी रहती है. लेकिन दुनिया में मौजूद मीठे पानी का केवल ढाई फीसदी ही भारत में है.

किसानों के लिए भी सरकार ने अगले पांच साल की योजना बताई है. आने वाले वर्षों में कृषि क्षेत्र में सरकार 25 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी. 2022 तक सभी किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य सरकार ने रखा है. राष्ट्रपति के अभिभाषण में गरीब युवाओं के रोजगार के लिए भी रोडमैप था. उन्होंने कहा कि युवाओं को बिना गारंटी 50 लाख रुपए तक का क़र्ज़ देने की योजना है. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में बताया कि छोटे दुकानदारों के लिए एक अलग ‘पेंशन योजना’ को मंजूरी दी गई है. इससे 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को लाभ होगा. वहीं, शहीद जवानों के बच्चों को मिलने वाली स्कॉलरशिप की राशि बढ़ा दी गई है. इसमें पहली बार राज्य पुलिस के जवानों के बेटे-बेटियों को भी शामिल किया गया है.

राष्ट्रपति ने संसद को बताया कि मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रिपल तलाक़ के ख़िलाफ़ बिल को पास कराने के लिए प्रतिबद्ध है. ये क़ानून पिछली बार पास नहीं हो सका था. इसके अलावा NDA सरकार घुसपैठ की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में ‘National Register of Citizen को लागू करेगी. राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक और पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक का भी ज़िक्र किया और सेना के शौर्य को सलाम किया.