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Zee Jankari: दिल्ली-NCR में आपकी जान बेहद खतरे में है!

आपके मन में सवाल होगा कि प्रदूषित हवा में सांस लेना कितना जानलेवा हो सकता है ?आपको शायद इस बात की जानकारी नहीं होगी, कि हवा में मौजूद PM यानी पार्टिकुलेट मैटर के अंश सांस लेने के दौरान शरीर में पहुंचते हैं.

Zee Jankari: दिल्ली-NCR में आपकी जान बेहद खतरे में है!

देश की राजधानी दिल्ली के बारे में कहा गया है कि दिल्ली...किसी शहर का केवल नाम भर नहीं है... ये देश की पहचान है... ये देश का प्राण है . लेकिन अगर आज आप दिल्ली में हैं तो यहां की हवा आपके प्राण ले सकती है. आज दिनभर दिल्ली और आस पास के शहरों के आसमान में... सूरज अपनी रोशनी दिखाने के लिए संघर्ष कर रहा था... और अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो अपनी जिंदगी बचाने के लिए आप भी एक एक सांस की लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारे देश में लोकतंत्र है और संविधान में आप सभी को 7 मौलिक अधिकार मिले हैं... लेकिन हमें लगता है इसमें 8वें नंबर पर स्वच्छ हवा का अधिकार भी जोड़ दिया जाना चाहिए .

पिछले करीब 100 घंटों से आप लगातार वायु प्रदूषण की खबरें देख और सुन रहे होंगे. और शायद दूषित हवा को बर्दाश्त भी कर रहे होंगे . लेकिन अब वायु प्रदूषण सिर्फ एक ख़बर नहीं है... ये आपातकाल की स्थिति है. आज दिल्ली पूरी दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है. Central Pollution Control Board के मुताबिक दिल्ली का औसत Air Quality Index... 484 है... मतलब ये बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. आपको जितनी स्वच्छ हवा में सांस लेनी चाहिए... ये हवा उससे करीब 5 गुना ज्यादा प्रदूषित है.

प्रदूषण का स्तर बढ़ने की वजह से दिल्ली-NCR में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा की गई है . और दिल्ली के सभी स्कूलों को 5 नवंबर तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं . राजधानी में निर्माण कार्यों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब आप सोच रहे होंगे कि जान बचाने के लिए आपके पास क्या उपाय हैं? क्या आप दिल्ली छोड़ देंगे? राजधानी दिल्ली के लोग पिछले 5 दिनों से इसी ज़हर में घुट-घुट कर जीने पर मजबूर हैं. अगर आप दिल्ली से कहीं बाहर जाना चाहें तो भी आपके पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं . क्योंकि प्रदूषण का राक्षस भारत के हर शहर में अपना अड्डा बना चुका है .

- भारत का ये नक्शा देखिए... इसमें मध्य और उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों पर वायु प्रदूषण का जानलेवा लाल रंग मौजूद है .
- इसकी वजह से आधे हिंदुस्तान को सांस लेने के लिए साफ हवा नहीं मिल रही है.

सबसे पहले आपको दिल्ली से दुनिया को संदेश देनेवाली दो तस्वीरें दिखाते हैं.
पहली तस्वीर जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्कल की हैं जो 3 दिनों के दौरे पर दिल्ली में हैं. आप सिर्फ अंदाजा लगा सकते हैं कि इस जहरीली हवा से उनकी हालत क्या हुई होगी. एंगेला मर्कल अगले दो दिनों तक दिल्ली के इसी प्रदूषण वाले माहौल में रहेंगी .
दूसरी तस्वीर मास्क पहनकर प्रैक्टिस कर रहे बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ियों की है . रविवार को दिल्ली के अरूण जेटली स्टेडियम में भारत और बांग्लादेश के बीच टी20 सीरीज का पहला मैच होगा . हालांकि इसी मैदान पर टीम इंडिया के खिलाड़ी भी अभ्यास कर रहे थे लेकिन उन्होंने कोई मास्क नहीं पहना था . प्रदूषण की वजह से पूरे उत्तर भारत में नीला आसमान नहीं दिखाई दे रहा है. कहते हैं, समाज का भला करने के लिए अच्छी नीयत ज़रूरी है. लेकिन हमारे देश के नेता अपना क़ीमती वक्त उन मुद्दों पर बर्बाद करते हैं, जिनका आम जनता के स्वच्छ और सुरक्षित जीवन से कोई लेना-देना नहीं होता. एक साफ सुथरी सोच पूरे देश के लोगों का जीवन बदल सकती है .

अब आप जर्मनी की राजधानी बर्लिन की एक तस्वीर देखिए... बर्लिन दुनिया के सबसे साफ शहरों में एक है . आज दिल्ली का AQI 484 है...और बर्लिन का एयर क्वालिटी इंडेक्स इससे 12 गुना कम यानी 40 है. आपको जानकर हैरानी होगी कि बर्लिन के कई इलाकों का AQI 15 से भी कम है . शुद्ध हवा की कैटेगरी में ये सबसे स्वच्छ और पवित्र हवा है .

और दिल्ली के 1 करोड़ 70 लाख लोग ऐसी हवा में सांस लेने का सिर्फ सपना देख सकते हैं . और इस सपने को पूरा करने के लिए हो सकता है आपको दिल्ली छोड़कर किसी और शहर जाना पड़े. हालांकि, प्रदूषण सिर्फ भारत की समस्या नहीं है... बल्कि प्रदूषण के बादल पूरी दुनिया पर छाए हुए हैं...और बढ़ते प्रदूषण के माहौल में हर कोई साफ और स्वच्छ हवा में सांस लेना चाहता है . लेकिन देश के ज्यादातर राज्यों के वातावरण में प्रदूषण की वजह से खतरे का लाल रंग छाया हुआ है.

- हमने आज देश के 11 राज्यों में फैले वायु प्रदूषण की जांच की. - सबसे पहले आपको दिल्ली और उसके आस पास के इलाकों की तस्वीर दिखाते हैं . देश के इस हिस्से में 2 करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं . यहां के नक्शे पर खतरे का रंग सबसे गहरा है... इसलिए यहां की हवा भी सबसे ज्यादा जहरीली है . दिल्ली के करीब नोएडा... गुरुग्राम... गाज़ियाबाद और फरीदाबाद जैसे शहरों में AQI 400 से ज्यादा है. वैसे एयर क्वालिटी इंडेक्स का ये औसत आंकड़ा है. ये भी हो सकता है कि आपके शहर में 500... 600 या उससे भी ज्यादा AQI हो . 401 से ज़्यादा के आंकड़े को सांस लेने के लिए ख़तरनाक माना जाता है. अब आप खुद सोचिए कि जिन इलाक़ों में Air Quality Index 500 से ऊपर होगा.. वहां सांस लेने वाले लोगों की हालत क्या होगी ?

उत्तर प्रदेश के लखनऊ... कानपुर और वाराणसी सहित पूरे नक्शे पर खतरे का रंग दिखाई दे रहा है. इन शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर बेहद खराब है . यानी उत्तर प्रदेश में आप कहीं भी हों प्रदूषण के अभिशाप से नहीं बच सकते हैं . यही हाल बिहार.. झारखंड... और बंगाल सहित देश के 11 राज्य के 60 करोड़ से ज्यादा लोगों का है. मध्य प्रदेश और आस पास के राज्यों में हालात थोड़े बेहतर हैं. लेकिन प्रदूषण अभी यहां पर बना रहेगा.

आपके मन में सवाल होगा कि प्रदूषित हवा में सांस लेना कितना जानलेवा हो सकता है ?आपको शायद इस बात की जानकारी नहीं होगी, कि हवा में मौजूद PM यानी पार्टिकुलेट मैटर के अंश सांस लेने के दौरान शरीर में पहुंचते हैं.

PM-2.5 और PM-10 नामक ये कण फेफड़ों में पहुंच जाते हैं. ये हवा में मौजूद जहरीले कैमिकल्स को शरीर में पहुंचाते हैं. जिसकी वजह से फेफड़े और हृदय को नुकसान पहुंचता है. एक अनुमान के मुताबिक, वायु प्रदूषण से भारत में 10 लाख से ज्यादा लोगों की समय से पहले ही मौत हो जाती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में वायु प्रदूषण इतना ज़्यादा है, कि इस शहर में रहने वाले लोगों की जिंदगी के क़रीब 10 साल कम हो जाते हैं. 

सूक्ष्म कण PM 2.5 की पहुंच में आने से देश में लोगों की औसत उम्र करीब 4 साल कम हो जाती है. प्रदूषण वाले आपातकाल में लोगों का दम घुट रहा है और हमारी सरकारें कुछ नहीं कर पा रही. देश में 10 साल से कम उम्र के करीब 27 करोड़ बच्चे हैं और इन तमाम बच्चों का पूरा भविष्य खतरे में हैं.. जिस देश की इतनी बड़ी जनसंख्या पर प्रदूषण का संकट हो वो देश सपने में भी सुपरपावर बनने के बारे में नहीं सोच सकता है.