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Zee Jankari: कठुआ केस में Zee News ने किया था सबसे बड़ा खुलासा

30 अप्रैल 2018 को Zee News ने कठुआ केस में एक बहुत बड़ा खुलासा किया था. Zee News ने देश को एक CCTV फुटेज दिखाई थी. इस CCTV फुटेज में छात्र विशाल जंगोत्रा को देखा जा सकता है. 

Zee Jankari: कठुआ केस में Zee News ने किया था सबसे बड़ा खुलासा

विशाल जंगोत्रा को जम्मू-कश्मीर पुलिस की इसी Special Investigation Team ने अपनी चार्जशीट में मुख्य आरोपी बनाया था. लेकिन 10 जून को पठानकोट की अदालत ने विशाल को बरी कर दिया. विशाल जंगोत्रा को बरी किए जाने के फैसले का आधार इस मामले पर Zee News द्वारा दिए गए सबूत भी थे.

30 अप्रैल 2018 को Zee News ने कठुआ केस में एक बहुत बड़ा खुलासा किया था. Zee News ने देश को एक CCTV फुटेज दिखाई थी. इस CCTV फुटेज में छात्र विशाल जंगोत्रा को देखा जा सकता है. ये CCTV फुटेज, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के State Bank Of India के ATM की थी. इस Footage में विशाल जंगोत्रा, 15 जनवरी 2018 को दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर ATM में नज़र आ रहा था.

जबकि जम्मू कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने अपनी चार्जशीट में लिखा था कि 15 जनवरी को विशाल जंगोत्रा ने एक नाबालिग आरोपी के साथ मिलकर पीड़ित के शव को जंगल में फेंका था. हमारे द्वारा उपलब्ध कराए गए CCTV फुटेज को कोर्ट ने सही माना और क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के तथ्यों को कोर्ट ने खारिज कर दिया. ये Zee News की सच्ची पत्रकारिता पर कोर्ट की मुहर थी.

इस मामले में सच सामने लाने के लिए हमारे Reporters पूजा मक्कड़, राहुल सिन्हा और राजू केरनी ने दिन रात एक कर दिया था. राजू केरनी ने ही Zee News को SBI का वो दस्तावेज मुहैया करवाया था, जिससे ये साबित हो रहा था कि 15 जनवरी 2018 को दोपहर 3 बजकर 3 मिनट पर विशाल जंगोत्रा ने मुजफ्फरनगर में SBI के ATM में Transaction किया है.

उस वक्त राजू केरनी ने सचिन शर्मा और नीरज शर्मा से भी बात की थी. ये दोनों, मुजफ्फरनगर में विशाल जंगोत्रा के साथ किराए के मकान में रहते थे. नीरज शर्मा और सचिन शर्मा ने Zee News को बताया था कि इन दोनों ने विशाल के साथ 9 जनवरी 2018 से 15 जनवरी 2018 तक मुजफ्फरनगर में परीक्षा दी थी. लेकिन जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच की टीम झूठी गवाही के लिए इन दोनों के साथ मारपीट करती थी.

ये सच Zee News ने ही आप को बताया था. आज हमने इस मामले पर विशाल जंगोत्रा और उनके साथ पढ़ाई करने वाले साहिल शर्मा से भी बात की. SIT के सदस्यों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के फैसले पर इन दोनों का क्या कहना है..पहले आप ये सुनिए. कठुआ केस की शुरुआत से ही Zee News इस मामले पर Reporting कर रहा है.

इस केस को लेकर अदालतों ने अब तक जो भी आदेश दिए हैं. हम उसका पूरा सम्मान करते हैं. और हमें लगता है कि एक नाबालिग के साथ क्रूरता की हदें पार करने वालों को सख्त से सख्त सज़ा दी जानी चाहिए. लेकिन इस सवाल का जवाब भी ज़रूर तलाशा जाना चाहिए कि क्या इस पूरे मामले की जांच राजनीति से प्रभावित थी?

क्या इसकी जांच को दो धर्मों के लोगों को बीच दीवार खड़ी करने के इरादे से अंजाम दिया गया और क्या जांच में विशाल गंगोत्रा जैसे बेगुनाहों को फंसाकर...इसे धार्मिक रंग देने की कोशिश की जा रही थी?  हमने पहले दिन से इस मामले का एक एक सच देश की जनता के सामने रखा. लेकिन ये सच देश की मीडिया के एक बड़े हिस्से, कुछ डिजाइनर पत्रकारों, बुद्धीजीवियों, अंग्रेज़ी बोलने वाली सेलिब्रिटीज़ और Placard गैंग को पसंद नहीं आया.

हमारी Reporting और हमारे इरादों पर सवाल उठाए गए. क्योंकि हमारी इस मामले पर हमारी पत्रकारिता बार बार ये साबित कर रही थी कि इस पूरे मामले की जांच में कई कमियां जिन्हें छिपाने की कोशिश की जा रही है. कई बार कुछ मामलों का Media Trial किया जाता है.

जिसमें पहले ही कुछ लोगों को दोषी मान लिया जाता है और फिर अदालत के फैसले से पहले ही एक खासतरह का गैंग सक्रिय हो जाता है और अपने एजेंडे के मुताबिक केस का फैसला भी सुनाता देता है. लेकिन इस मामले पर Zee News की रिपोर्टिंग ने इन लोगों अरमानों पर पानी फेर दिया और आज एक बार फिर से ये गैंग कठुआ केस की SIT के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने के आदेश पर आंसू बहा रहा होगा.

इस केस पर हमारे Reporters ने दिन और रात मेहनत की थी और इससे जुड़ा हर एक सच सामने लेकर आए थे. इस वक्त हमारे साथ राहुल सिन्हा और पूजा मक्कड़ मौजूद हैं जिन्होंने इस केस को बहुत करीब से देखा और पूरे देश को ये बताया कि कैसे इस केस में पुलिस की थ्योरी में बहुत सारे Loop holes , यानी खामियां हैं.

और कैसे जम्मू-कश्मीर की क्राइम ब्रांच ने एक बेगुनाह को इस मामले में फंसाने की कोशिश की थी. आगे बढ़ने से पहले आपको एक साल पुरानी Zee News की उसी तथ्यात्मक रिपोर्टिंग का एक अंश देखना चाहिए. इससे आपको पता चलेगा कि इस केस में सत्य की जीत के लिए Zee News ने किस तरह से सबूत जुटाए. आज हम आपको वो पुरानी रिपोर्ट दिखाते हैं जिसकी वजह से कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को बरी कर दिया था .