ZEE जानकारी: चाणक्य की ये 5 बातें बदल दी आपकी दुनिया

आज हम चाणक्य को Hashtag से बाहर निकालकर. हकीकत के नज़रिए से समझने की कोशिश कर रहे हैं. और आप कह सकते हैं कि आज DNA में आपका असली चाणक्य के साथ Appointment है .

ZEE जानकारी: चाणक्य की ये 5 बातें बदल दी आपकी दुनिया

आज हम चाणक्य को Hashtag से बाहर निकालकर. हकीकत के नज़रिए से समझने की कोशिश कर रहे हैं. और आप कह सकते हैं कि आज DNA में आपका असली चाणक्य के साथ Appointment है .चाणक्य अपने एक सूत्र में कहते हैं कि हाथ आई चीज़ को गंवाना नहीं चाहिए. यानी निश्चित को छोड़कर. अनिश्चित के पीछे भागने वाले व्यक्ति को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है . और जो निश्चित है वो भी उसके हाथ से निकल जाता है . महाराष्ट्र में जो पिछले चार दिनों में हुआ, आज हम उसका विश्लेषण तो नहीं कर रहे हैं. लेकिन आप चाणक्य के इस सूत्र से सारी कहानी का सार समझ सकते हैं.

बहुमत के साथ बनने वाली सरकारें निश्चितता लेकर आती हैं.और जोड़-तोड़ से बनने वाली सरकारें अनिश्चितता और अस्पष्ट भविष्य लेकर आती हैं. जर्मनी के Munich Personal RePEc Archive में छपे.. एक रिसर्च पेपर के मुताबिक चाणक्य ने अर्थशास्त्र में राज्य चलाने के लिए चार मूल बातों को महत्वपूर्ण माना है . जिनमें पहली है..युद्ध और शांति, दूसरी है मानवाधिकार, तीसरी है अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक न्याय यानी दुनिया के देशों के बीच ऐसे व्यापारिक समझौते जिससे किसी एक देश का नुकसान ना होता हो.

आजकल अमेरिका और चीन के बीच जो व्यापारिक युद्ध चल रहा है वो इसी आर्थिक अन्याय का नतीजा है और अगर आज चाणक्य होते..तो उनके पास अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए भी कुछ ज़रूरी सलाह होंती . राज्य चलाने के लिए चौथी महत्वपूर्ण बात है World Order..यानी दुनिया में किसी देश की स्थिति क्या है और हमें लगता है कि दुनिया में भारत की बढ़ती ताकत देखकर...आज चाणक्य बहुत खुश होते...क्योंकि World Order में अब भारत का स्थान बहुत मजबूत हो चुका है .

आज हमने चाणक्य के जीवन को समझने के लिए चाणक्य पर किताबें लिखने वाले लेखकों से भी बात की . इन लेखकों ने हमें बताया कि कैसे चाणक्य ने अपने अर्थशास्त्र में धर्म, अर्थ , राजा और प्रजा को एक सफल राज्य का आधार बताया है .

हमारे देश के ही कई नेता, बुद्धिजीवी, अंग्रेज़ी बोलने वाले Celebreties और डिजाइनर पत्रकार.. पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल Strikes पर सवाल उठाते हैं, सबूत मांगते हैं और यहां तक कि जिन आक्रमणकारियों ने देश को लूटा...देश की अस्मिता को चोट पहुंचाई और देश की संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश की...उन्हें भी महापुरुषों के जैसा दर्जा देने की कोशिश करते हैं.

ऐसे लोगों को आज चाणक्य से सीखने की ज़रूरत है . क्योंकि चाणक्य के मुताबिक..जब सीमाओं का सम्मान नहीं होता है तब देश गुलाम हो जाता है और उसकी संस्कृति भी नष्ट होने लगती है . आज से 2 हज़ार 370 वर्ष पहले सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया था . तब चाणक्य ने एक शिक्षक के तौर पर भारत को एक राष्ट्र के रूप में सिकंदर से युद्ध करने की प्रेरणा दी थी .चाणक्य ने उस वक्त सीमाओं की सुरक्षा और सम्मान का प्रश्न उठाया था . ये ऐतिहासिक सत्य आज के दौर में भी बहुत प्रासंगिक है .आज पूरे भारत को इसे देखना चाहिए .

आज जब हम चाणक्य के जीवन पर अध्ययन कर रहे थे...तब हमें उनके जीवन से जुड़ी कुछ अद्भुत बातों के बारे में पता लगा और हमनें उनकी शिक्षाओं को भी समझने की कोशिश की . आज हमने उनकी पांच अहम शिक्षाओं का एक संक्षिप्त विश्लेषण किया है. ये विश्लेषण आपको चाणक्य तो नहीं बनाएगा..लेकिन आपका व्यक्तित्व चमकने ज़रूर लगेगा .

आज के संदर्भ में चाणक्य की सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा ये थी कि अपने रहस्यों को कभी किसी के साथ मत बांटिए . ये आपके निजी जीवन पर भी लागू होता है और आज के दौर में ये बात आपके Data पर भी लागू होती है. आपसे जुड़ी जानकारियों और Data का इस्तेमाल कैसे...कुछ लोग आपको नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते हैं...आज इसी से जुड़ी एक खबर भी हम आपको दिखाएंगे .

चाणक्य की दूसरी शिक्षा ये है कि आपका अच्छा और दयालु स्वभाव दूसरों को भी सुख पहुंचाता है . इसलिए अपनी अच्छाई वाली खुशबू को चारों दिशाओं में फैलाते रहिए . University Of California की एक रिसर्च में भी पता लगा है कि अगर दूसरों के प्रति दया का भाव दिखाते हैं तो आपकी उम्र भी बढ़ जाती है . यानी जिस दया भाव का जिक्र चाणक्य ने 2300 वर्ष पहले किया उस पर अब वैज्ञानिक भी अपनी मुहर लगा रहे हैं .

तीसरी शिक्षा ये है कि असली ज्ञान पुस्तकों में कैद नहीं होता है . ज्ञान व्यक्ति के अंदर होता है और ज्ञान और अभ्यास के दम पर भी सफलताएं अर्जित की जाती हैं . और ISRO को भी जो सफलता आज मिली है..वो इसी ज्ञान और अभ्यास का परिणाम है .

चाणक्य की चौथी शिक्षा ये है कि आपको कर्ज़ लेने से बचना चाहिए . जिस तरह दुश्मन का अंत करना ज़रूरी होता है..उसी प्रकार कर्ज़ का भी अंत जितनी जल्दी हो सके कर देना चाहिए . इसलिए आपको सिर्फ अपने Online Wallet की ही सुरक्षा नहीं करनी है..अपने खर्चों का भी ध्यान रखना है .

और पांचवी और आखिरी शिक्षा ये है कि आपको हमेशा विनम्र बने रहना चाहिए . क्योंकि विनम्रता से आप ना सिर्फ शत्रुओं पर विजय हासिल कर सकते हैं...बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में आप अपने ऊपर आत्म नियंत्रण भी रख सकते हैं . और इससे आपका आत्म विश्वास बढ़ता है .

चाणक्य राजनीति और अर्थव्यवस्था पर लिखे गए सबसे अद्भुत शास्त्र के रचियता भी हैं. इस शास्त्र का नाम है अर्थशास्त्र . लेकिन अर्थशास्त्र सिर्फ राजाओं को ही शासन का मार्ग नहीं समझाता..बल्कि आप अर्थशास्त्र से ऐसी बहुत सारी बातें सीख सकते हैं...जो आपको एक सफल व्यक्ति एक सफल Boss, एक सफल कर्मचारी, या फिर एक सफल प्रबधंक यानी Maneger बना सकती है.

चाणक्य कहते थे कि एक राजा को अनुशासन में रहना चाहिए और अनुशासन सिर्फ राजा के लिए नहीं..बल्कि हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है . क्योंकि अनुशासन आपको ना सिर्फ अपने उद्देश्य के प्रति गंभीर बनाता है..बल्कि उसे हासिल करने के लिए मेहनत भी सिखाता है .

चाणक्य ने अर्थशास्त्र में ये भी कहा है कि कुशल प्रबंधक यानी Manger वही होता है..जो अपने से नीचे काम करने वाले अकेले में डांटता है और भरी सभा में उसकी तारीफ करता है . ये गुण आपको एक कुशल मैनेजर बना सकता है .

इसी तरह अधिकारों की चिंता करने से पहले अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए . जो व्यक्ति अपने माता-पिता और परिवार के प्रति दायित्यों को नहीं निभाता...उसे अधिकारों की बात करने का भी कोई हक नहीं है . इसिलए सिर्फ अपने परिवार के प्रति ही नहीं बल्कि देश के प्रति भी अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाइए..ये गुण आपको एक आदर्श व्यक्ति के साथ साथ एक आदर्श नागरिक भी बना देगा .

अर्थशास्त्र से सीखने वाली चौथी महत्वपूर्ण बात ये है कि आपको शिक्षा पर बहुत ध्यान देना चाहिए..और शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए . हमारी संस्कृति और सभ्यता में भी गुरू को भगवान से भी उपर माना गया है..और जो व्यक्ति अपने गुरुओं का सम्मान करता है...वो जीवन में कभी विफल नहीं होता .

और चाणक्य की पांचवी सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि मन की चंचलता पर नियंत्रण पाना चाहिए . स्थिर मन के साथ जीवन में आगे बढ़ने वाला व्यक्ति अपने लिए भी सफलता की राह बनाता है और समाज के विकास में भी योगदान देता है. आज के ज़माने में Multi tasker होना एक अच्छा गुण माना गया है . लेकिन मस्तिष्त में एक साथ विचारों की बहुत सारी Tabs खोलकर रखने से आप कभी अपने काम पर पूरी तरह ध्यान नहीं लगा पाएंगे .

चाणक्य सहनीशलता और कानून सम्मत न्याय की बात भी करते थे . वो भ्रष्टाचार के भी खिलाफ थे..और लालच का भी विरोध करते थे . क्योंकि यही लालच हिटलर और रावण जैसे लोगों के पतन का कारण बना था. वो कहते थे कि धर्म का पालन करना चाहिए  बहस में हिस्सा लेना चाहिए यानी अपनी बात रखने के लिए तर्क देने चाहिए.

धन का प्रबंधन भी सीखना बहुत ज़रूरी है . ये राजा के लिए भी और आम लोगो के लिए भी जरूरी है. और जरूरत पड़ने पर दंड का प्रयोग भी करना चाहिए. चाणक्य खुद राजनीति से दूर रहे. ना उन्होंने खुद सत्ता का लालच दिखाया..और ना ही अपने परिवार के लोगों को सत्ता तक पहुंचाया . वो हमेशा सिर्फ एक दार्शनिक और किंग मेकर की भूमिका में रहे . आज के राजनेताओं को चाणक्य से ये गुण सीखना चाहिए.

चाणक्य की नीति को चालाकी का पर्याय बना दिया गया है. जबकि सच ये है कि चाणक्य की नीति किसी का भी जीवन बदल सकती है . इसलिए चाणक्य के जीवन से सिर्फ कूटनीति नहीं बल्कि जीवन जीने की नीति भी सीखनी चाहिए.चाणक्य कहते थे कि कभी किसी के साथ अपने रहस्य नहीं बाटने चाहिए और डिजिटल युग में ये बात और अहम है.