भारत में पढ़ाई करने वाले युवा नौकरी के काबिल नहीं, इस सर्वे ने किया खुलासा

भारतीय शिक्षा प्रणाली के पाठ्यक्रम में तेजी से बदल रही दुनिया के हिसाब से बदलाव ना होना ही इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है.

भारत में पढ़ाई करने वाले युवा नौकरी के काबिल नहीं, इस सर्वे ने किया खुलासा
फाइल फोटो

नई दिल्ली: भारत (India) में ज्यादातर पढ़-लिखे युवा नौकरी करने के काबिल नहीं हैं और ना ही वो किसी भी प्रकार की परीक्षा में अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं. आपको बता दें कि भारत में शिक्षा व्यवस्था की खस्ता हालत की ये तस्वीर भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (The Associated Chambers of Commerce & Industry of India) के सर्वे में सामने आई है. भारतीय शिक्षा प्रणाली के पाठ्यक्रम में तेजी से बदल रही दुनिया के हिसाब से बदलाव ना होना ही इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है.

Assocham India के मुताबिक

1. भारत में उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले 85 प्रतिशत युवा किसी भी परीक्षा में अपनी योग्यता सिद्ध नहीं कर सकते हैं.
2. भारत में 65 प्रतिशत ग्रेजुएशन कर चुके युवा एक मामूली क्लर्क का काम करने के लायक भी नहीं हैं.
3. भारत के 47 प्रतिशत ग्रेजुएट युवाओं में कोई भी नौकरी करने की काबिलियत नहीं है.
4. भारत में कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुके 97 प्रतिशत युवा सही तरीके से अकाउंटिंग का काम भी नहीं कर सकते हैं.
5. भारत के 90 प्रतिशत उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके युवाओं को काम चलाऊ इंग्लिश भी नहीं आती है.

आपको बता दें कि शिक्षा की खराब हालत की बानगी बिहार (Bihar) में देखने को मिली. आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में चपरासी, माली, गेटकीपर और सफाईकर्मी के 166 पदों के लिए भर्ती निकली थी. इन पदों के लिए 5 लाख लोगों ने आवेदन किया जिसमें इंजीनियरिंग और एमबीए की पढ़ाई की कर चुके युवाओं ने भी आवेदन किया है. जब Zee News ने विधानसभा के इन पदों पर आवेदन करने वाले इंजीनियर युवाओं से बात की तो उन्होंने बताया कि नौकरी की तलाश करते-करते हमारी उम्र निकल चुकी है और अब अपनी जीविका चलाने के लिए हम किसी भी जॉब को करने के लिए तैयार हैं.