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कर्नाटक: सरकार बनने के बाद 'मलाईदार' विभागों को लेकर कांग्रेस और जेडीएस में खींचतान जारी

 सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए खुद कांग्रेस के भीतर भी रार मची हुई है. 

कर्नाटक: सरकार बनने के बाद 'मलाईदार' विभागों को लेकर कांग्रेस और जेडीएस में खींचतान जारी
कांग्रेस और जेडीएस के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक भी की लेकिन वह बेनतीजा रही...(फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनने के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान जारी है. इसके लिए कांग्रेस और जेडीएस के वरिष्ठ नेताओं ने बैठक भी की लेकिन वह बेनतीजा रही. हालांकि दोनों दलों के नेता दावा कर रहे हैं कि एक-दो दिनों के भीतर विभागों के बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए खुद कांग्रेस के भीतर भी रार मची हुई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के आवास पर हुई इस बैठक में जेडीएस की तरफ से मुख्यमंत्री कुमारस्वामी, दानिश अली और एचडी रेवन्ना तथा कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद, अहमद पटेल, डीके शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धरमैया, केसी वेणुगोपाल और जी परमेश्वर शामिल हुए.  

दोनों पार्टियां चाह रही हैं बड़े मंत्रालय 
सूत्रों का कहना है कि दोनों दल वित्त और गृह जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अलावा लोक निर्माण विभाग, बिजली, खनन, जल संसाधन, सिंचाई और शहरी विकास अपने पास रखना चाहते हैं. बैठक से पहले वेणुगोपाल ने कहा था कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस सरकार में विभागों के आवंटन को एक-दो दिन में अंतिम रूप दे दिया जाएगा. वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश जाने की योजना विभागों के आवंटन के रास्ते में बाधक नहीं बनेगी. 

 

 

दिग्ग्ज चाह रहे बेटों के लिए मंत्रिपद
कर्नाटक में कई दिग्गज अपने-अपने बेटों के लिए मंत्रिपद चाह रहे हैं. इसमें कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व सीएम सिद्धारमैया शामिल हैं जो अपने बेटों को मंत्रिमंडल में जगह दिलवाना चाहते हैं. उधर, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि आगे आने वाले दिनों में इन सबका हल निकाल लिया जाएगा. ऐसे मामले गठबंधन सरकार के दौरान होते हैं. हम एक साथ काम करेंगे. फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी मां सोनिया गांधी के इलाज के लिए विदेश गए हैं. ऐसे में कर्नाटक में मंत्रिमंडल के गठन में अभी और देरी हो सकती है. गठबंधन सरकार में कांग्रेस कोटे से 22 और जेडीएस के कोटे से 12 मंत्री शामिल होंगे. 

Kumaraswamy

कुमारस्वामी ने भी विश्वास जताया कि विभागों के बंटवारे का समझौता हो जाएगा. दिन की बैठक के बाद ऐसी खबरें आई थीं कि शाम में दोनों दल के नेता फिर मिलेंगे, लेकिन दोबारा बैठक नहीं हुई. कुमारस्वामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद देर शाम में कर्नाटक के लिए रवाना हो गए. कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाने के बाद से ही दोनों दल विभागों के बंटवारे को लेकर मंथन कर रहे हैं. कुमारस्वामी ने पहले स्वीकार किया था कि नई सरकार में विभागों के आवंटन को लेकर कांग्रेस के साथ ‘‘कुछ मुद्दे’’ हैं.

....अन्यथा राजनीति से संन्यास ले लूंगा: कुमारस्वामी
कुमारस्वामी ने कल कहा था कि वह कांग्रेस की कृपा से कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं और इस बयान पर सफाई देते हुए आज उन्होंने कहा कि उनका मतलब लोगों का अनादर करना नहीं था बल्कि इस बात पर बल देना था कि यह सहयोगी दल की इच्छा पर निर्भर करता है कि वह कब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शीर्ष कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करने वाले कुमारस्वामी ने कहा कि वह कृषि रिण माफी को लेकर प्रतिबद्ध हैं, अन्यथा राजनीति से संन्यास ले लेंगे.