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अगर इन 7 सीटों पर की होती थोड़ी और मेहनत तो कर्नाटक में मुरझाता नहीं कमल

विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए अंतत: बीजेपी को सात सीटों की जरूरत बची थी और इतनी ही सीटें बीजेपी ने बेहद मामूली अंतर से चुनाव में खो दीं थीं.

अगर इन 7 सीटों पर की होती थोड़ी और मेहनत तो कर्नाटक में मुरझाता नहीं कमल
बहुमत के अभाव में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा महज 55 घंटे की सरकार चला पाए. तस्वीर साभार: PTI

नई दिल्ली: कर्नाटक में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा महज ढाई दिन के मुख्यमंत्री साबित हुए. इसकी इकलौती वजह यह रही कि विधानसभा चुनाव में पार्टी सिर्फ 104 सीटें हासिल कर सकी. जबकि अगर उसके पास 111 सीटें होतीं तो वह सदन में आसानी से अपना बहुमत साबित कर देती. और यह भी संयोग ही है कि कर्नाटक में 7 ऐसी विधानसभा सीटें रहीं जहां पार्टी 200 से लेकर 2000 तक के वोट अंतर से हारी. इस तरह देखा जाए तो 1.31 करोड़ वोट पाने वाली बीजेपी अगर इन सात सीटों पर कुल मिलाकर 10,000 वोट और ले आती तो उसकी किस्मत में सिंहासन से विदाई नहीं लिखी होती और न ही कर्नाटक विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद राजनैतिक संकट गहरया होता.

मस्की सीट 213 वोट से हार: मस्की सीट से बीजेपी के वासनगौड़ा महज 213 वोट से कांग्रेस के प्रतापगौड़ा पाटिल से चुनाव हार गए.

हिरकेरस सीट पर 555 वोट से हार: हिरकेरस सीट से बीजेपी के उजनेश्वर कामार महज 555 वोट से कांग्रेस के बसवन्ना गौड़ा पाटिल से चुनाव हारे.

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कुंडगोल सीट पर 634 वोट से हार: इस सीट पर बीजेपी के सी एस ईश्वरगौड़ा कांग्रेस के सी एस शिवल्ली से महज 634 वोटों से चुनाव हारे.

येल्लापुर में 1483 वोट से हार: यहां बीजेपी के ए वी शिवानंद गौड़ा पाटिल कांग्रेस के ए एच शिवराम से 1483 वोट से हारे.

बदामी सीट पर 1696 वोट से हार: कर्नाटक चुनाव की सबसे हाई प्रोफाइल सीट बदामी रहे. यहां मुकाबला कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और बीजेपी के तेजतर्रार नेता बी श्रीरामलु के बीच था. इस सीट पर बीजेपी 1696 वोट से हारी.

श्रृंगेरि में 1989 से हार: इस सीट पर बीजेपी के डी एन जीवराज कांग्रेस के टीडी राजगौड़ा से 1989 वोट से चुनाव हार गए.

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अथानी में 2000 वोट से हार: इस सीट पर बीजेपी के एल एस सवादी कांग्रेस के एमआई कुमाथल्ली से 2331 वोट से हारे.

बहुमत का दावा करने वाले येदियुरप्पा को आखिर कब लगा कि नंबर का 'जुगाड़' नहीं होगा?

बहुमत नहीं जुटा पाने पर येदियुरप्पा ने दिया इस्तीफा
मालूम हो कि कर्नाटक में 12 मई को हुए विधानसभा चुनाव के बाद शुरू हुए राजनीतिक नाटक का पटाक्षेप मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के साथ हो गया. येदियुरप्पा ने सदन में बहुमत परीक्षण से पहले ही पर्याप्त संख्या नहीं होने का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया. वहीं जेडी (एस) नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा और कहा कि उम्मीद है कि उन्हें सबक मिल गया होगा कि संविधान, उच्च संस्थानों और देश की इच्छाशक्ति का अनादर नहीं किया जा सकता.