कर्नाटक उपचुनाव: 15 सीटों पर बंपर वोटिंग, BJP को हर हाल में जीतनी होंगी इतनी सीटें

खास बात है कि जिन 15 सीटों पर विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी इन सभी सीटों पर चुनाव हार गई थी. 

कर्नाटक उपचुनाव: 15 सीटों पर बंपर वोटिंग, BJP को हर हाल में जीतनी होंगी इतनी सीटें
बीजेपी को भितरघात की भी आशंका सता रही है.

नई दिल्ली: कर्नाटक में 15 विधानसभा सीटों के उपचुनाव (Karnataka bypolls 2019) के लिए गुरुवार को 62.18 प्रतिशत मतदान हुआ. कृष्णराजपेटे विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 80 प्रतिशत तो केआरपुरा में सबसे कम 37 प्रतिशत मतदान हुआ. अब कुल 165 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 9 दिसंबर को मतगणना के दिन होगा. कुल 12 सीटों पर बीजेपी, जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है. 

जुलाई में कांग्रेस और जेडीसी के कुल 17 विधायकों के इस्तीफे के कारण कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार गिर गई थी. इसके बाद बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी थी. इन विधायकों को तत्कालीन स्पीकर ने अयोग्य करार देकर चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी. मगर, सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर में इन अयोग्य करार दिए गए विधायकों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी. फिलहाल, कुल 17 में से 15 सीटों पर चुनाव हुआ. बीजेपी और कांग्रेस ने सभी 15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि जेडीसी ने उत्तर कन्नड़ जिले के येलापुर, बेंगलुरू ग्रामीण की होसाकोटे सीट और बेलगावा की अठानी सीट से प्रत्याशी नहीं खड़े किए. इस प्रकार 12 सीटों पर त्रिकोणीय और तीन सीटों पर कांग्रेस-बीजेपी की सीधी लड़ाई है.

साल 2018 में सभी सीटें हारी थी बीजेपी:
खास बात है कि जिन 15 सीटों पर विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, उनमें 2018 के विधानसभा चुनाव में 12 सीटें कांग्रेस ने और तीन जेडीसी ने जीती थीं. ऐसे में बीजेपी के लिए इन सीटों पर जीत दर्ज करना चुनौती है. हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस और जेडीएस के टिकट पर चुनाव जीतने वाले विधायकों को ही उपचुनाव में उतारा है. सूत्र बता रहे हैं कि विधायकों का समर्थक दलबदल करने से जहां नाराज है, वहीं बीजेपी में इन सीटों के दावेदार अन्य नेता भी जेडीसी और कांग्रेस के विधायकों को टिकट मिलने से नाराज हैं. इससे बीजेपी को भितरघात की भी आशंका सता रही है. हालांकि बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी पी मुरलीधर राव ने कहा, "बीजेपी बहुत सकारात्मकता के साथ चुनाव में उतरी है. कांग्रेस राज्य में मध्यावधि चुनाव चाहती है. ऐसे में जनता स्थिर सरकार के लिए बीजेपी को ही सभी सीटों पर जिताएगी, क्योंकि जनता को पता है कि बीजेपी ही राज्य में स्थिर सरकार दे सकती है."

क्या है बहुमत का आंकड़ा?
224 सदस्यीय विधानसभा में 17 विधायकों के इस्तीफे के कारण इस वक्त कुल 207 विधायक हैं. विधायकों के इस्तीफे से बहुमत का आंकड़ा घटकर 104 हो गया था, जिससे जुलाई में बीजेपी ने 105 विधायकों के साथ ही सरकार बनाई थी. अब 15 और विधायकों के चुनाव के बाद सदन की सदस्य संख्या 222 हो जाएगी. ऐसे में बहुमत के लिए बीजेपी को 112 विधायक चाहिए. लिहाजा इस उपचुनाव में सात सीटें जीतने पर बीजेपी की येदियुरप्पा सरकार को बहुमत हासिल हो जाएगा. लेकिन बीजेपी कम से कम आठ सीटें जीतना चाहती है. खाली हुई दो अन्य सीटों पर भी आगे चुनाव होंगे, जिससे बहुमत का आंकड़ा 113 हो जाएगा. ऐसे में बीजेपी इसी उपचुनाव में ही पूरे बहुमत की व्यवस्था कर लेना चाहती है.

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इन सीटों पर हुआ उपचुनाव
गोकक, कागवाड, अथानी, येल्लपुरा, हिरेकेरूर, रवबेन्नुर, विजय नगर, चिकबल्लापुरा, केआरपुरा, यशवंतपुरा, महालक्ष्मी लायुत, शिवाजी नगर, होसकोटे, हंसुर और केआर पेटे विधानसभा सीटें शामिल हैं. दो सीटों मस्की और राजराजेश्वरी का मामला कोर्ट में होने के कारण फिलहाल वहां उपचुनाव नहीं हो रहे हैं.