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कर्नाटक चुनाव : तीसरे नंबर पर रहने वाली जेडीएस क्‍या 'किंग मेकर' बन पाएगी?

1999 में स्थापना के बाद से पार्टी न्यूनतम 10 सीटों से अधिकतम 59 सीटें तक जीत सकी है. 

कर्नाटक चुनाव : तीसरे नंबर पर रहने वाली जेडीएस क्‍या 'किंग मेकर' बन पाएगी?
जेडीएस के कुमारस्‍वामी का फाइल फोटो...

नई दिल्‍ली : कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बाद तीसरी बड़ी ताकत पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा और उनके बेटे एच डी कुमार स्वामी के नेतृत्व वाला जनता दल सेकुलर (जेडीएस) है. 1999 में स्थापना के बाद से पार्टी न्यूनतम 10 सीटों से अधिकतम 59 सीटें तक जीत सकी है. पार्टी की संभावनाएं कुछ इस तरह हो सकती हैं-

अगर पार्टी किंग मेकर बनी तो...

अगर जेडीएस ने 30 से अधिक सीटें हासिल कर लीं तो मौजूदा चुनावी घमासान में उसका किंग मेकर बनना तय है.

अगर पार्टी 30 से अधिक सीटें जीतती है तो वह जिसके साथ भी सरकार बनाएगी, उपमुख्यमंत्री जेडीएस का बनेगा.

जेडीएस का अपने गढ़ में मुकाबला कांग्रेस से है, ऐसे में जेडीएस के अच्छे प्रदर्शन का सीधा नुकसान कांग्रेस को होगा और जेडीएस के गठबंधन की संभावना बीजेपी के साथ होगी.

जेडीएस का बीएसपी के साथ गठबंधन है, ऐसे में 2019 के गठबंधनों पर उसके अच्छे प्रदर्शन का असर पड़ेगा.

अगर पार्टी ने 40 से 50 सीट तक पहुंच गई तो जेडीएस किंग मेकर की बजाय एच डी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने की लड़ाई लड़ेगी.

अगर जेडीएस किंगमेकर नहीं बनी तो

कुमारस्वामी ने अपने चुनाव प्रचार में यहां तक कहा कि अगर जेडीएस हार गई तो तुम्हारा कुमारप्पा मर जाएगा. कर्नाटक में लोग प्यार से उन्हें कुमारप्पा कहते हैं.

अगर पार्टी की सीटें 20 के आसपास रहीं और कोई बड़ा दल बहुमत से थोड़े पीछे रहा तो पार्टी में टूट हो सकती है.

कांग्रेस के मुख्यमंत्री प्रत्याशी सिद्धारमैया और पार्टी के सबसे अमीर प्रत्याशी शिवकुमार जेडीएस के गढ़ से चुनाव लड़ रहे हैं. कमजोर जेडीएस को ये लोग खत्म करने की तरफ बढ़ेगे. कांग्रेस मौजूदा विधानसभा में जेडीएस के 7 विधायक तोड़ चुकी थी.

कर्नाटक की चुनावी राजनीति बहुध्रुवीय से दो ध्रुवीय हो जाएगी.

देवगौड़ा वोकालिग्गा समुदाय से आते हैं. उनकी हार के साथ ही वोकालिग्गा समुदाय में चिंतन शुरू होगा. ऐसे में इसी समुदाय के शिवकुमार कांग्रेस का बड़ा वोकालिग्गा चेहरा बन जाएंगे. शिवकुमार वही विधायक हैं, जिनके यहां गुजरात राज्यसभा चुनाव में गुजरात के विधायकों को रखा गया था.

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