कर्नाटक में फ्लोर टेस्‍ट कराएंगे बीजेपी विधायक केजी बोपैय्या, कांग्रेस ने जताया ऐतराज

बोपैया पिछली बार बीजेपी सरकार में कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर थे. फि‍लहाल वे विराजपेट सीट से बीजेपी के विधायक हैं.

कर्नाटक में फ्लोर टेस्‍ट कराएंगे बीजेपी विधायक केजी बोपैय्या, कांग्रेस ने जताया ऐतराज
बीजेपी विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्‍पीकर नियुक्‍त किया गया... (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कर्नाटक में फ्लोर टेस्‍ट के लिए बीजेपी विधायक केजी बोपैय्या को प्रोटेम स्‍पीकर नियुक्‍त किया गया है. इसके लिए राज्‍यपाल वजुभाई वाला ने शुक्रवार को बोपैय्या को प्रोटेम स्‍पीकर की शपथ दिलाई. बोपैय्या पिछली बार बीजेपी सरकार में कर्नाटक विधानसभा के स्‍पीकर थे. फि‍लहाल वे विराजपेट सीट से बीजेपी के विधायक हैं.

बोपैय्या को प्रोटेम स्‍पीकर बनाए जाने पर कांग्रेस की तरफ से सख्‍त ऐतराज जताया गया. उनके नाम पर पार्टी सहमत नहीं है. पार्टी की तरफ से कहा गया कि 'इस मामले में हमारे पास सारे विकल्‍प खुले हैं और इस मुद्दे  पर हम कब कोर्ट में जाएंगे, नहीं बता सकते.' 

 

 

दरअसल, कर्नाटक में सियासी ड्रामा शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विधानसभा की तरफ शिफ्ट हो गया. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा कि कर्नाटक विधानसभा में 19 मई को शाम चार बजे शक्ति परीक्षण होगा. बीजेपी की तरफ से पेश वकीलों ने कहा कि सीक्रेट बैलट पेपर (गुप्‍त मतदान) से यह परीक्षण होना चाहिए, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील को खारिज करते हुए कहा कि 18 मई को शाम चार बजे तक प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति की जानी चाहिए. इसी प्रोटेम स्‍पीकर की देखरेख में 19 मई को विधानसभा का शक्ति परीक्षण कराया जाएगा. इसलिए कोर्ट ने किसी पर्यवेक्षक की नियुक्ति नहीं की. ऐसे में सारी निगाहें अब प्रोटेम स्‍पीकर पर टिक गई हैं.

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प्रोटेम(Pro-tem) स्‍पीकर
प्रोटेम (Pro-tem) लैटिन शब्‍द प्रो टैम्‍पोर (Pro Tempore) का संक्षिप्‍त रूप है. इसका शाब्दिक आशय होता है- 'कुछ समय के लिए.' प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति गवर्नर करता है और इसकी नियुक्ति आमतौर पर तब तक के लिए होती है जब तक विधानसभा अपना स्‍थायी विधानभा अध्‍यक्ष नहीं चुन लेती. यह नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ-ग्रहण कराता है और यह पूरा कार्यक्रम इसी की देखरेख में होता है. सदन में जब तक विधायक शपथ नहीं लेते, तब तक उनको सदन का हिस्‍सा नहीं माना जाता. इसलिए सबसे पहले विधायक को शपथ दिलाई जाती है. जब विधायकों की शपथ हो जाती है तो उसके बाद ये लोग विधानसभा अध्‍यक्ष का चुनाव करते हैं. परंपरा के मुताबिक सदन में सबसे वरिष्‍ठ सदस्‍य को गवर्नर, प्रोटेम स्‍पीकर के लिए चुनते हैं.

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19 मई को शाम 4 बजे होगा शक्ति परीक्षण
इस बीच राज्‍यपाल द्वारा बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के विरोध में कांग्रेस-जेडीएस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उस पर फैसला देते हुए कोर्ट ने 19 मई को शाम चार बजे कर्नाटक में शक्ति परीक्षण का आदेश दिया है. इससे पहले राज्‍यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के साथ 15 दिनों में बहुमत साबित करने के लिए कहा था.

हालांकि बीजेपी की तरफ से कहा गया कि वह 19 मई को शक्ति परीक्षण के लिए तैयार नहीं हैं, लिहाजा उसको कुछ और वक्‍त दिया जाना चाहिए लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नहीं सुनी. इसके बरक्‍स कांग्रेस-जदएस गठबंधन की तरफ से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि वह 19 मई को शक्ति परीक्षण के लिए तैयार हैं.