8वीं पास उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवगौड़ा का मंत्रालय बदल सकते हैं कुमारस्वामी

हालांकि, वर्तमान सहकारिता मंत्री बंदेप्पा काशेमपुर अपना मंत्रालय बदले जाने की खबर से नाराज हैं.

8वीं पास उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवगौड़ा का मंत्रालय बदल सकते हैं कुमारस्वामी
जीटी देवगौड़ा ने भी अपना मंत्रालय बदलने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है...(फाइल फोटो)

बेंगलुरु: जब से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने जेडीएस के वरिष्ठ नेता जीटी देवगौड़ा के उच्च शिक्षा मंत्री बनाया तभी से विवाद बना हुआ है. सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि 8वीं पास एमएलएल जीटी देवगौड़ा को उच्च शिक्षा मंत्री बनाया गया. पार्टी में भी असंतोष है. हालांकि देवगौड़ा ने अभी तक अपने मंत्रालय का कार्यभाल नहीं संभाला. अब खबरें आ रही हैं कि पार्टी उनका मंत्रालय बदलने के लिए कुमारस्वामी राजी हो गए हैं.   

चामुंडेश्वरी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराने वाले जीटी देवगौड़ा ने भी अपना मंत्रालय बदलने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया है. उन्होंने किसानों के कल्याण से जुड़ा मंत्रालय मांगा है. कुमारस्वामी ने उनकी मांग मान ली है और संकेत दिया है कि उन्हें सहकारिता मंत्रालय दिया जाएगा. देवगौड़ा चाहते हैं कि उन्हें मैसूर जिले का प्रभार भी दिया जाए. ऐसा इसलिए क्योंकि कुमारस्वामी ने चुनाव प्रचार के दौरान घोषणा की थी कि यदि वे मुख्यमंत्री बने तो जीटी देवगौड़ा को उनके जिले का प्रभार सौंपा जाएगा.  

हालांकि, वर्तमान सहकारिता मंत्री बंदेप्पा काशेमपुर अपना मंत्रालय बदले जाने की खबर से नाराज हैं. काशेमपुर का कहना है, "पार्टी हाईकमान ने उन्हें सहकारिता मंत्रालय दिया है और वह किसान समुदाय की सेवा करना चाहते हैं. इसलिए इसको कुर्बान करने का सवाल ही नहीं." 

बंदेप्पा ने कहा, "मुझे अभी तक कुमारस्वामी की ओर से मेरा मंत्रालय बदले जाने की कोई सूचना नहीं दी गई." यह बताए जाने पर कि जीटी देवगौड़ा ने दावा किया है उन्हें सहकारिता मंत्री बनाया जाएग, तो इस पर बंदेप्पा ने कहा, "मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि उन्होंने क्या कहा है. मैंने अपने मंत्रालय में काम करना शुरू कर दिया है. मुझे मुख्यमंत्री जो भूमिका सौंपेंगे, उसे निभाऊंगा. हालांकि उन्होंने अभी तक मुझे मेरे मंत्रालय बदले जाने के संबंध में कुछ नहीं कहा." 

कौन हैं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हराने वाले दूसरे 'देवेगौड़ा', कभी थे गहरे दोस्त

उधर, जीटी देवगौड़ा का मानना है कि कशेमपुर को पार्टी नेताओं की बात मान जाएंगे. इसी बीच, कुमारस्वामी ने एक और नाराज सीएस पुत्ताराजू को भी मना लिया है जो लघु सिंचाई मंत्रालय से नाराज बताए जा रहे थे.  पुत्ताराजू ने लोकसभा सीट छोड़कर मेलूकोटे से चुनाव लड़ा और वहां से जीत हासिल की. उन्हें परिवहन सहित महत्वर्पूण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद थी. लेकिन परिवहन मंत्रालय जेडीएस सुप्रीमो एचडी देवगौड़ा के रिश्तेदार डीसी तमन्ना को दिया गया.