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Taapsee Pannu on Gut Health: आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ कैसी रहेगी, ये इस बात पर काफी ज्यादा डिपेंड करता है कि आपकी आंतों की सेहत कैसी है. अगर गट हेल्थ ठीक नहीं है तो मोटापे के साथ-साथ आपको स्ट्रेस, एंग्जाइटी और दूसरी मेंटल प्रॉब्लम्स भी हो सकती है. आम लोगों की तरह सेलेब्रिटीज भी ऐसे इशू फेस करते हैं. मशहूर फिल्म एक्ट्रेस तापसी पन्नू से जब ज़ी न्यूज़ ने सवाल पूछा, "आप अपनी जिंदगी में किस तरह की आंतों की परेशानी से गुजरी हैं, आपने कैसे इससे रिकवर किया और आप अपने फैंस को क्या सलाह देना चाहेंगी जिससे वो इस तरह की प्रॉब्लम्स को फेस न करें.
"मुझे लो मेटाबॉलिज्म था"
इस सवाल के जवाब में तापसी पन्नू ने कहा, "मुझे इस तरह की फीलिंग हुई है कि काफी कम उम्र में मेरे बॉडी का मेटाबॉलिज्म लो रहा है, ये काफी डरावना था. इस प्रोफेशन में अजीब वर्क आवर्स की वजह से, ये फैक्ट है कि हमारे खाने का वक्त कई बार फिक्स्ड नहीं होता, कहां हम खाएंगे ये फिक्स नहीं होता, हर वक्त हम ये तय नहीं कर पाते कि हमारा भोजन क्या होगा. हां मुझे कई सारे गट प्रॉब्लम्स रहे हैं, जो धीरे-धीर, लेकिन लगातर चेंज होते रहे."
"आज मेरा गट हेल्थ स्ट्रॉन्ग है"
तापसी पन्नू ने आगे कहा, "आज मैं खुशी से ये कह सकती हूं कि अभी मेरा गट काफी स्ट्रॉन्ग है. इसलिए मैं अब जो चाहे खा सकती हूं. ऐसे में प्रोबायोटिक्स से मुझे काफी मदद मिलती है, जिससे मेरे कई गट इशूज दूर हो जाते हैं. हां, ये भी समझना होगा कि ओवरनाइट कुछ भी नहीं होता है. इसलिए आपको धीरे-धीरे, लेकिन लगातार अपनी अपनी आंतों को रिपेयर करना होगा."
फैंस के लिए तापसी की सलाह
आप थोड़ी ज्यादा हेल्दी हैबिट्स अपनाएं. खाने की अच्छी आदत का ये मतलब नहीं है कि हर को सलाद खाना शुरू कर दे. अगर आपको छोले भटूरे भी खाने हैं, तो वो घर में भी बनते हैं. कई तरीके हैं, लेकिन आपको छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखना होगा. आपको हेल्दी अटरनेटिव्स अपनाने होंगे ताकि आपकी आंतों में हेल्दी बैक्टीरिया आएं और आतों को ठीक करें.
आंतों का सेहतमंद रहना क्यों है जरूरी?
गट हेल्थ हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों पर गहरा असर डालती है. आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया हाजमे को दुरुस्त रखते हैं, जिससे शरीर को सही पोषण मिलता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. अगर गट इम्बैलेंस हो जाए तो कब्ज, गैस, मोटापा और डायबिटीज जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. वहीं, गट और दिमाग के बीच मौजूद “गट-ब्रेन कनेक्शन” मूड और मेंटल हेल्थ को अफैक्ट करता है. खराब गट हेल्थ से स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा बढ़ता है. इसलिए बैलेंस्ड डाइट, प्रोबायोटिक्स और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर गट हेल्थ को ठीक रखना जरूरी है.