कहीं डिप्रेशन में तो नहीं आपका पार्टनर? ऐसे लगाएं पता

डिप्रेशन के कई मरीज साइलेंट होते हैं. यानी ऊपर से वे बिलकुल बीमार नजर नहीं आते. अपना रोज का काम भी नॉर्मल तरीके से करते रहते हैं. 

कहीं डिप्रेशन में तो नहीं आपका पार्टनर? ऐसे लगाएं पता
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली: इन दिनों हर कहीं डिप्रेशन की बात हो रही है. खासकर सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के असमय जाने के बाद आम आदमी सकते में आ गया है. क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर काकोली बनर्जी कहती हैं, ‘डिप्रेशन के मरीजों की संख्या पिछले कुछ समय से 37 प्रतिशत बढ़ी है. ये संख्या उनकी है, जो हेल्प मांगने विशेषज्ञ के पास आते हैं. ऐसे भी कई लोग हैं जो यह मानने से इंकार करते हैं कि वे डिप्रेशन में हैं. ऐसे लोग कभी भी खतरनाक स्टेप उठा सकते हैं.’

डिप्रेशन के कई मरीज साइलेंट होते हैं. यानी ऊपर से वे बिलकुल बीमार नजर नहीं आते. अपना रोज का काम भी नॉर्मल तरीके से करते रहते हैं. पर उनके दिमाग में आंधी चलती रहती है. उनकी सोच नेगेटिव होने लगती है. उनके लक्षण बहुत बारीक होते हैं. क्या आपके घर में या आसपास कोई डिप्रेशन में है? खासकर आपका पार्टनर? अगर आपको लग रहा है कि आपका पार्टनर डिप्रेशन की तरफ बढ़ रहा है, उसकी सोच बदल रही है, उसकी आदतें बदल रही हैं, तो आप उसकी कुछ इस तरह मदद कर सकते हैं:

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1. आप डिप्रेशन के बारे में पूरी जानकारी लें. किसी स्पेशलिस्ट से पूछें, किताब पढ़ें या साइकोलॉजिस्ट से मिलें. डॉक्टर काकोली कहती हैं, एक पेशेंट की पत्नी ने अपने हसबैंड की आंखों में लगातार गीलापन देखा. वे सोते भी खुली आंखों से थे और उनमें आंसू भरा होता था. ये भी डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है. अगर आपका पार्टनर जल्दी थक रहा है, नींद कम आ रही है, खाने का पैटर्न बदल गया है, एक ही बात को बार-बार दोहरा रहा है, तो संभल जाइए.

2. अपने पार्टनर को यह अहसास दिलाइये कि आप उनके साथ हैं. उन्हें उनकी किसी बात के लिए डांटिए या टोकिए मत. उनके साथ बने रहिए. उनकी ध्यान किसी दूसरी बात पर लगाइए. अगर जरूरत पड़े तो विशेषज्ञों की हैल्प लीजिए.

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3. ट्रीटमेंट से ना घबराइएं. कई पेशेंट यह मानने को तैयार ही नहीं होते कि उन्हें डिप्रेशन है. जब तक मानेंगे नहीं, इलाज भी नहीं करवाएंगे. डिप्रेशन की दवा जितनी जल्दी लेना शुरू करेंगे उतनी जल्दी रिकवरी होगी. इसलिए पार्टनर को समझाइए कि डिप्रेशन भी दूसरी बीमारियों की ही तरह है और डॉक्टर के पास इसे ठीक करने की दवाई है.

4. अगर आपका पार्टनर आपको छोड़ने की बात कर रहा है, आपसे झगड़ा कर रहा है, आपको अपमानित कर रहा है, तो ईगो पर बिलकुल ना आएं. ऐसा होता है. आप जिनकी केयर करते हैं, उनके लिए आपको संयम बरतना होगा. आपका साथ ही उनकी सोच बदलेगा. उनसे लगातार बातें करें, साथ में खाना बनाएं, वॉक करें, घर के दूसरे काम करें. पार्टनर को अकेला ना छोड़ें.

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