शनिवार को भी दिल्‍ली में छाई रही धुंध, 'बेहद खराब' है हवा

शनिवार को दिल्‍ली का ओवरऑल एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) 346 मापा गया.

शनिवार को भी दिल्‍ली में छाई रही धुंध, 'बेहद खराब' है हवा
शनिवार को दिल्‍ली में ऐसे रहे हालात. फोटो ANI

नई दिल्ली : दिल्ली में शनिवार सुबह धुंध छाई रहने के साथ यहां का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, वायु गुणवत्ता का स्तर 'बेहद खराब' पर पहुंच गया. केंद्र सरकार द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने यह जानकारी दी. शनिवार को दिल्‍ली का ओवरऑल एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स (एक्‍यूआई) 346 मापा गया.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने कहा, "दिन में आसमान साफ रहेगा." अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

शनिवार को दिल्‍ली के लोधी रोड में प्रदूषक तत्‍व पीएम 10 का एक्‍यूआई 209 रहा. जबकि यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 317 रहा. दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में पीएम 10 का स्‍तर 221 रहा. जबकि यहां पीएम 2.5 का स्‍तर 312 रहा. दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर शनिवार सुबह प्रूदषक तत्‍व पीएम 10 का स्‍तर 256 और पीएम 2.5 का स्‍तर 330 रहा. वहीं नोएडा में पीएम 10 का स्‍तर 298 और पीएम 2.5 का स्‍तर 325 मापा गया.

आज फिर 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंची दिल्'€à¤²à¥€ की हवा, छाई रही धुंध
दिल्‍ली में भारी प्रदूषण के कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है. फोटो ANI

सुबह 8.30 बजे वातावरण में आद्रता का स्तर 75 प्रतिशत दर्ज किया गया और दृश्यता 2,000 मीटर दर्ज की गई. वहीं, एक दिन पहले शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. बता दें कि शून्य से 50 अंक तक वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘‘अच्छा’’, 51 से 100 तक ‘‘संतोषजनक’’, 101 से 200 तक ‘‘मध्यम’’, 201 से 300 के स्तर को ‘‘खराब’’, 301 से 400 के स्तर को ‘‘बहुत खराब’’ और 401 से 500 के स्तर को ‘‘गंभीर’’ श्रेणी में रखा जाता है.

विशेषज्ञों का मानना है दिल्‍ली की हवा वाहनों के धुएं और औद्योगिक कार्य के कारण भी जहरीली हो रही है. साथ ही कोयले, कंडे और लकड़ी का ईंधन के रूप में हो रहा इस्‍तेमाल भी इसका प्रमुख कारण है. उनका मानना है कि एक बड़ी आबादी इस ईंधन पर निर्भर है, इसलिए प्रदूषण खत्‍म करने के लिए उनकी ओर ध्‍यान देना अधिक जरूरी है.