Diabetes के इन शुरुआती लक्षणों को ज्यादातर लोग करते हैं नजरअंदाज, न करें ये गलती
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Diabetes के इन शुरुआती लक्षणों को ज्यादातर लोग करते हैं नजरअंदाज, न करें ये गलती

Diabetes: बार-बार प्यास लगना और वजन घटने या बढ़ने जैसे डायबिटीज के शुरुआती लक्षणों के बारे में तो आप जानते हैं, लेकिन इस बीमारी के ऐसे कुछ लक्षण भी हैं, जिन्हें ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. 

Diabetes के इन शुरुआती लक्षणों को ज्यादातर लोग करते हैं नजरअंदाज, न करें ये गलती

नई दिल्ली: ज्यादातर लोगों को टाइप टू डायबिटीज (Type 2 Diabetes) की बीमारी का पता देर से चलता है. शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से पकड़ में नहीं आते. वहीं कई बार लक्षणों पर ध्यान न देने की वजह से  बीमारी बढ़ जाती है और गंभीर समस्याएं पैदा होने लगती हैं. 

आमतौर पर ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) का टेस्ट करवाने पर ही आप जान पाते हैं कि आपको डायबिटीज (Diabetes) की समस्या है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों को कुछ खास लक्षणों पर भी गौर करना चाहिए.

Mount Sinai Clinical Diabetes Institute के डायरेक्टर रोनाल्ड टैमलर के मुताबिक, ज्यादातर लोगों में डायबिटीज के शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते. डायबिटीज के मरीजों में लगातार प्यास लगने, बार-बार पेशाब आने या एकदम से वजन बढ़ने या घटने के लक्षण तो आसानी से दिख जाते हैं, लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जो आसानी पकड़ में नहीं आते. 

मसूड़ों में इंफेक्शन और सूजन 

Periodontitis मसूड़ों से जुड़ी बीमारी है, जो टाइप टू डायबिटीज का एक शुरुआती लक्षण हो सकता है. BMJ Open Diabetes Research & Care जर्नल में छपी एक रिसर्च के मुताबिक, ऐसे लोग जिन्हें मसूड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी है, उनमें डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा रहता है. 

त्वचा के रंग पर असर 

डायबिटीज के शुरुआती लक्षण आपकी स्किन पर भी नजर आते हैं. अगर आपकी गर्दन के पिछले हिस्से पर Dark Discoloration जैसा नजर आए तो इसे नजरअंदाज न करें. इसे Acanthosis Nigricans कहते हैं और ये Insulin Resistance का एक साइन है.

हालांकि Ovarian cysts,  Hormonal or Thyroid disorders जैसी कई दूसरी बीमारियों में भी स्किन डिसकलरेशन की समस्या हो सकती है. 

पैरों का सुन्न हो जाना या सिहरन महसूस होना

डायबिटीज की वजह से नर्व डैमेज का खतरा रहता है.  शुरुआत में आपका इसके लक्षण नजर नहीं आते. आपके पैरों में सिहरन महसूस हो सकती है या पैर बिल्कुल सुन्न हो जाएंगे. इसके अलावा पैरों का बैलेंस बिगड़ने की समस्या भी हो सकती है. 

आंखों की रोशनी और सुनने की क्षमता पर असर

अगर आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ है तो इससे आपकी आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ता है. इससे आपको धुंधला दिखने की समस्या हो सकती है. ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल होने पर ये समस्या ठीक हो जाती है, लेकिन अगर लंबे समय तक आप डायबिटीज को मैनेज नहीं करते हैं, तो इससे स्थायी डैमेज का खतरा रहता है.

हाई ब्लड शुगर से कानों की नर्व सेल्स पर भी असर पड़ता है, जिससे सुनने की क्षमता प्रभावित होती है. 

दिन में ज्यादा देर तक सोना

यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डिजीज में पेश किए गए एक साइंटिफिक रिव्यू के मुताबिक, ऐसे लोग जो दिन में एक घंटे से ज्यादा देर तक सोते हैं. उनमें ऐसे लोगों की तुलना में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा ज्यादा देखा गया, जो दिन में इससे कम देर तक सोते हैं या बिल्कुल नहीं सोते.

हालांकि इस स्टडी के लेखकों ने ये भी कहा कि इसका मतलब ये नहीं ​है कि दिन में सोने से डायबिटीज की बीमारी होती है, लेकिन ये Sleep deprivation, डिप्रेशन और Sleep apnea जैसी कई तरह की समस्याओं का एक वार्निंग साइन हो सकता है. इससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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