बेटी को ससुराल भेजने से पहले उसे दें ये नसीहतें, ससुराल में जल्दी होगी एडजस्ट

हर मां को ससुराल जाने से पहले अपनी बेटी को कुछ अच्छी सीख देनी चाहिए, जिससे वह आसानी से ससुराल में सामंजस्य बिठा सके और अपनी जगह बना सके. जानिए, मां होने के नाते बेटी को विदा करने से पहले उसे क्या सीख देना जरूरी है.

बेटी को ससुराल भेजने से पहले उसे दें ये नसीहतें, ससुराल में जल्दी होगी एडजस्ट
मां-बेटी का खास रिश्ता

नई दिल्ली: अवनि की शादी हुए केवल छह महीने हुए हैं लेकिन उसे देखकर लगता है कि जैसे इस घर से उसका वर्षों पुराना रिश्ता है. परिवार के हर सदस्य को वह खूब अच्छी तरह से जानती और समझती है. हर सदस्य के मन की बात को वह तुरंत समझ जाती है. वास्तव में यह सब अवनि की मां की सिखाई गई बातें हैं, जो उसके ससुराल जाने से पहले उसे समझाई गई थीं. इसी वजह से वह इतनी जल्दी परिवार में सबसे घुल-मिल गई.

बेटी को शादी से पहले दें ये सीख
हर मां को ससुराल जाने से पहले अपनी बेटी (Mother-Daughter Relationship) को कुछ अच्छी सीख देनी चाहिए, जिससे वह आसानी से ससुराल में सामंजस्य बिठा सके और अपनी जगह बना सके. अगर आपको अपनी बेटी की भावी जिंदगी सुखद बनानी है तो उसे अच्छी सीख दें. जानिए, मां होने के नाते बेटी को विदा करने से पहले उसे क्या सीख देना जरूरी है (Marriage Lessons).

1. सभी की आदतों को समझना- परिवार में सबकी आदतें अलग-अलग होती हैं. सभी की पसंद-नापसंद भी अलग होती है. ऐसे में बेटी से कहें कि वह कुछ समय सबके व्यवहार आदि को समझे. उनकी भावनाओं की कद्र करे. उसे बताएं कि इस दौरान पति को सबसे ज्यादा समझने की जरूरत है. वही उसका हमसफर जो है.
2. वहां के तौर-तरीकों को अपनाना- मायके और ससुराल के रहन-सहन के तौर-तरीके काफी अलग होंगे. ऐसे में अपनी बेटी को वहां के तौर-तरीकों को समझने और अपनाने की सलाह दें. इससे वह जल्द ही पूरे परिवार की करीबी बन जाएगी.
3. बहुत जल्दी किसी के प्रति राय न बनाना- घर में हर सदस्य का स्वभाव अलग होता है. अगर कोई आपसे थोड़ा रूखा व्यवहार कर रहा है तो जरूरी नहीं कि वह ऐसा ही है. थोड़ा वक्त दें, क्या पता वह अभी किसी वजह से परेशान हो.
4. खुशी-खुशी सबकी मदद करना- घर के किसी सदस्य को अगर आपकी मदद की जरूरत हो तो खुशी से उसकी मदद करें. इससे सभी उससे अपनी परेशानी साझा करने लगेंगे.
5. भूलकर भी ससुराल की तुलना मायके से न करना- ससुराल की कुछ बातें आपको अच्छी लगेंगी तो कुछ बुरी. कुछ कम लगेगा, तो कुछ ज्यादा, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि ससुराल की हर बात बुरी है. इसलिए मायके से ससुराल की तुलना या किसी तरह की बुराई न करें. शांति व विवेक से काम लें.

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6. सबका आदर करना- घर में सबका आदर करना चाहिए. यह आदर भाव ही आपकी बेटी को उसकी ससुराल में प्यार का हकदार बनाएगा.
7. सबसे स्नेह का भाव रखना- घर में सबसे स्नेह की भावना रखनी चाहिए. आखिर इन्हीं लोगों के साथ आपको जिंदगी बितानी है. यह बात अपनी बेटी को जरूर सिखाएं.
8. ससुराल की सारी बातें मायके में न बताना- ससुराल की कोई बात अच्छी लगे या बुरी, मायके में न बताए. इससे आपके ससुराल और मायके वाले लोगों के संबंध बिगड़ सकते हैं. अब यह आपकी बेटी पर निर्भर करता है कि वह कैसे मैनेज करती है.
9. मीठे बोल बोलना- प्यार के दो बोल आपकी बेटी को घर भर के करीब ला देंगे. इसलिए अपनी बेटी को यह प्यार भरी सीख जरूर दें.
10. ज्यादा उम्मीदें न पालना- आज के समय में सबसे ज्यादा उम्मीदें नहीं रखनी चाहिए. किसी से ज्यादा उम्मीदें रखना ही दुख का कारण बन सकता है. यह बात बेटी को जरूर समझाएं.
11. कुछ बातों की अनदेखी करना- ससुराल में बहुत सी बातें ऐसी होंगी, जो आपकी बेटी को अच्छी नहीं लगेंगी. लेकिन कुछ बातों की अनदेखी करने में ही भलाई है. बेकार में छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान होने से कोई फायदा नहीं है.

अपना भी रखे ख्याल
बेटी ससुराल जा रही है, वह वहां की बहू है तो इसका यह मतलब बिल्क़ुल नहीं कि वह अपनी खुशियों को नजरअंदाज कर दे. अपनी बातें भी वह परिवार के लोगों के साथ शेयर करे. अपने आत्मसम्मान को ठेस न लगने दे. अपनी इच्छा को घर के लोगों के साथ शेयर करे क्योंकि वह अब उसका भी घर है. साथ ही ससुराल वालों का भी फर्ज बनता है कि बहू की खुशियों का ख्याल रखें. उसको यह भी आश्वासन दें कि किसी परेशानी में आप लोग उसके साथ रहेंगे.

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