close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

असुर राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है ओणम, 10 दिनों तक चलता है सेलिब्रेशन

ओणम को मनाने के पीछे एक पौराणिक मान्यता है कि केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था. उसके आदर सत्कार में ही ओणम त्योहार मनाया जाता है.

असुर राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है ओणम, 10 दिनों तक चलता है सेलिब्रेशन
राजा महाबली के सम्मान में मनाया जाता है ओणम (फोटो साभार: @@OmMathur_bjp)

नई दिल्ली: श्रावण मास की शुक्ल की त्रयोदशी को केरल का प्रमुख पर्व 'ओणम' हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. ओणम पर्व के दौरान केरल में फूलों का कालीन बनाया जाता है. इस कालीन को स्थानीय भाषा में पुक्कलम कहा जाता है. इतना ही नहीं इस त्योहार के दौरान फूलों से घर को सजाया जाता है. इस दिन कुछ खास तरह के पकवान भी बनाए जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओणम मनाया क्यों जाता है? 

ओणम को मनाने के पीछे एक पौराणिक मान्यता है कि केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था. उसके आदर सत्कार में ही ओणम त्योहार मनाया जाता है. ओणम पर्व का खेती और किसानों से गहरा संबंध है. किसान अपने फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं. फसल पकने की खुशी लोगों के मन में एक नई उम्मीद और विश्वास जगाती है. ओणम इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसकी पूजा मंदिर में नहीं बल्कि घर में की जाती है.

बता दें कि ओणम के दौरान मीठे व्यंजनों के अलावा नौ स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं जिनमें पचड़ी काल्लम, ओल्लम, दाव, घी, सांभर, केले और पापड़ के चिप्स  मुख्य रूप से बनाए जाते हैं. इन व्यंजनों को केले के पत्तों पर परोसा जाता है. लोग अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार वालों को इस पर्व की शुभकामनाएं देते हैं.