Heart Attack: आज ही बदल दें अपनी ये आदतें, इन वजहों से बढ़ जाता है स्ट्रोक का खतरा

Heart Attack: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर ऐसा होता है कि हम पोस्ट हार्ट अटैक एक्शन पर ध्यान देते हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि इसके लिए पहले ही प्रिवेंशन लें. 

Heart Attack: आज ही बदल दें अपनी ये आदतें, इन वजहों से बढ़ जाता है स्ट्रोक का खतरा

नई दिल्ली: लाइफस्टाइल (Lifestyle) से जुड़ी ऐसी कई आदतें हैं, जो हार्ट अटैक (Heart Attack) या स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देती हैं, लेकिन कुछ बदलाव कर आप इस खतरे को कम कर सकते हैं.

Cardiovascular Diseases (CVD) पर की गई एक स्टडी के मुताबिक, कम उम्र के और मिडिल एज लोगों में हार्ट अटैक से मौत के मामले बढ़ रहे हैं. इस स्टडी में ये सामने आया है ​कि हृदय रोगों के मामले में भारतीय, पश्चिमी देशों के लोगों की तुलना में एक दशक आगे हैं. 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर ऐसा होता है कि हम पोस्ट हार्ट अटैक एक्शन पर ध्यान देते हैं, लेकिन सबसे जरूरी है कि इसके लिए पहले ही प्रिवेंशन लें, जिससे ये स्थिति न आए. 

इंफ्लामेंशन ज्यादा खतरनाक

ज्यादातर लोग मानते हैं कि कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा हुआ लेवल हार्ट अटैक की एकमात्र वजह है, लेकिन इसके पीछे बड़ी वजह हार्ट, ब्लड वेसल्स, इंडोथेलियल लाइनिंग, धमनियों और कई जगहों पर इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव डैमेज है. कोलेस्ट्रॉल लेवल को मेंटेन रखना जरूरी है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल लेवल को ही ​हार्ट अटैक की एकमात्र वजह नहीं माना जा सकता.

रिफाइंड ऑयल 

रिफाइंड ऑयल को बहुत ज्यादा इंफ्लामेट्री माना जाता है. ये आपकी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेल्दी रहने के लिए cold-pressed oils के विकल्प को चुनें.

एक्टिव रहें

एक्टिव लाइफस्टाइल को फॉलो करें. वॉकिंग और योग करें. ये आपके लिए बहुत इफेक्टिव होगा. डांसिंग, एरोबिक्स, जुम्बा, स्विमिंग इन सबसे भी आपकी बॉडी एक्टिव रहती है. अगर आप शरीर के लिए जरूरी, पर्याप्त एक्टिविटी नहीं करते हैं, तो इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. 

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स्लीप रूटीन को फिक्स करें

कई बार लोग पूरी रात काम करने या अपनी सोशल लाइफ को मेंटेन करने में बिता देते हैं और स्लीप रूटीन को फॉलो नहीं करते. ये आपको नुकसान पहुंचाता है. भरपूर नींद लेना आपके दिल के लिए दवाई का काम करता है. वहीं पर्याप्त नींद न लेने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है.

आपका हृदय एक मांसपेशी है, जिसे रिकवरी की जरूरत होती है. कम सोने से इंसुलिन ​रेसिस्टेंस बढ़ जाता है, जिससे टाइप टू डायबिटीज और कई दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इन सबसे बचने के लिए जरूरी है कि आप एक फिक्स स्लीपिंग शेड्यूल को फॉलो करें.  

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