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EXCLUSIVE: जयपुर में हुआ करिश्मा, बिना सर्जरी के एक साथ बदले गए दो हार्ट वॉल्व

जयपुर के इंटरनल हार्ट केयर सेंटर के डॉक्टरों ने इस चुनौती को कामयाबी के साथ पूरा कर लिया. भारत में पहली बार बिना चीरफाड़ की इस तकनीक के जरिए एक साथ दो वॉल्व बदले गए हैं. 

EXCLUSIVE: जयपुर में हुआ करिश्मा, बिना सर्जरी के एक साथ बदले गए दो हार्ट वॉल्व
(फोटो फाइल)

नई दिल्ली: दिल के मरीजों के लिए ये खबर जीवन-दान साबित हो सकती है. कामयाबी के नए कीर्तिमान बनाते हुए भारत में पहली बार एक महिला के दिल के दोनों वॉल्व बिना सर्जरी के बदले गए हैं. जयपुर के इंटरनल हार्ट केयर सेंटर के डॉक्टरों ने इस चुनौती को कामयाबी के साथ पूरा कर लिया. भारत में पहली बार बिना चीरफाड़ की इस तकनीक के जरिए एक साथ दो वॉल्व बदले गए हैं. 

भारत में मेडिकल साइंस में हुई तरक्की 75 वर्ष की सरिता के लिए वरदान साबित हुई. दिल की मरीज सरिता शुक्ला को जब सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई तो उन्हें फौरन राजस्थान के जयपुर के इटरनल हार्ट केयर सेंटर में एडमिट करवाया गया.  सरिता के दिल के दोनों वॉल्व काम नहीं कर रहे थे. 9 साल पहले हुई सर्जरी में एक वॉल्व बदला गया था लेकिन अब दोनों वॉल्व खराब हो चुके थे. सरिता की उम्र और पहले हो चुकी हार्ट सर्जरी को देखते हुए फिर से आपरेशन करके वॉल्व बदलना खतरनाक हो सकता था, इसलिए ट्रांसकैथेटर वॉल्व रिप्लेसमेंट तकनीक के जरिए सरिता का इलाज किया गया. 

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वॉल्व का काम दिल के चेंबर में खून के आने और वापस दिल से शरीर तक खून के पहुंचने को आसान बनाए रखना है, लेकिन वॉल्व अगर सिकुड़ जाए या लीक करने लगे तो मरीज़ की सांस फूल सकती है, उसे चक्कर आ सकते हैं और सीने में भारीपन रहने लगता है. इलाज न मिलने पर ये हालत जानलेवा हो सकती है. ऐसे मरीज जिनकी उम्र 60 वर्ष से ज्यादा हो, पहले सर्जरी हो चुकी हो, डायबिटीज या दिल की पुरानी बीमारी हो, उनमें वॉल्व खराब होने पर ट्रांसकैथेटर वॉल्व रिप्लेसमेंट तकनीक काम आ सकती है. 

बता दें कि जान बचाने वाले ये इलाज भारत जैसे देश में बहुत लोगों की जेब से बाहर की बात हो सकते हैं. भारत में 135 करोड़ की आबादी में से 4.5 करोड़ लोग दिल की बीमारी से पीडि़त हैं. भारत में पिछले 26 साल में दिल की बीमारी से मरने वालों की संख्या में 34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि जंक फूड से दूर रहा जाए, फाइबर वाला खाना, हफ्ते में 5 दिन 30 से 40 मिनट की एक्सरसाइज़ और वजन पर कंट्रोल कर लिया जाए तो आपका दिल लंबे वक्त तक आपका ख्याल रखेगा.