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नाभि सूत्र के पीछे है सदियों पुराना विज्ञान, आयुर्वेद में छिपी हुई तकनीक

अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण हमारा शरीर कई तरह के जहरीले तत्व पैदा करता है...

नाभि सूत्र के पीछे है सदियों पुराना विज्ञान, आयुर्वेद में छिपी हुई तकनीक

नई दिल्ली: याद करिए उन दिनों को जब आपकी दादी नाभि पर हींग लगाकर आपके पेटदर्द का इलाज कर दिया करती थी. यह केवल संयोग नहीं था, बल्कि इसके पीछे सदियों पुराना विज्ञान है. नाभि सूत्र इसी बारे में है. नाभि सूत्र नाभि के जरिये इलाज के आयुर्वेद के इस छिपे हुए सिद्धांत को सामने लाता है. यह भारत का पहला ब्रांड है जो बेहतर स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेदिक तेलों का मिश्रण मुहैया कराता है. 

नाभि सूत्र की संस्थापक स्वाति वखारिया ने कहा कि आयुर्वेद का मानना है कि हमारी चेतना नाभि में है. नाभि में हमारी आत्मा का डीएनए होता है और इसलिए जरूरी है कि हम जड़ के रास्ते अपनी चेतना को हासिल करें.  अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण हमारा शरीर कई तरह के जहरीले तत्व पैदा करता है. नाभि में शरीर की आंतरिक शक्ति को जागृत करने की शक्ति है, जिससे इन जहरीले तत्वों के कारण शरीर को हुए नुकसान की भरपाई की जा सके. शुरुआती दो साल बच्चों की प्रतिरक्षा शक्ति (इम्यूनिटी) बहुत कम होती है और उनका शरीर इस प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने की प्रक्रिया में होता है. शुरुआत में बच्चे बहुत से वायरस और सूक्ष्म जीवों के संपर्क में आते हैं, जिसे संक्रमण और बीमारियां होती हैं.

स्वाति ने बच्चों को और खुद को अंदर से मजबूत करने का उपयुक्त समाधान खोजने का बीड़ा उठाया. उन्होंने घरेलू इलाज पर भरोसा करना शुरू किया और प्राकृतिक उत्पादों पर ध्यान दिया. आयुर्वेद के फायदे देखकर वह दंग रह गईं. वह बताती हैं कि मेरे लिए यह रुचिकर भी था और जादुई भी. मेरे चचेरे भाई जोकि आयुर्वेद के डॉक्टर है ने मुझे यह सब विस्तार से सीखने और अलग-अलग तेलों की मदद से आयुर्वेद में वर्णित उपाय करने की सुविधा दी. मैंने घर में अपनी बेटी के लिए ऐसे तेल बनाए और उनके नतीजे कभी विफल नहीं हुए. यहीं से नाभि सूत्र की स्थापना का विचार आया. 

नाभि सूत्र तेल की दो-तीन बूंदे सोते समय नाभि में डालकर घड़ी की दिशा में नाभि के चारों ओर मसाज करनी होती है. 21 दिन में ही नतीजा दिखने लगता है. इसमें जरूरी है कि सही तरीके से और सही तेल का इस्तेमाल किया जाए. इनमें बाल, त्वचा, जोड़ों के दर्द, मुंहासे, माहवारी के दर्द और बच्चों के मानसिक विकास आदि के लिए सही इलाज मिल सकते हैं.