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राजस्थान में 11234 मतदान केंद्र संवेदनशील, धनबल पर रोकथाम के लिए पर्यवेक्षक तैनात

इस बार के लोकसभा चुनाव के दौरान 11234 मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों में रखा गया है. जिसमें पहले चरण के दौरान 4880 और दूसरे चरण में 6354 मतदान केन्द्रों को संवेदनशील की श्रेणी में ऱखा गया है. 

राजस्थान में 11234 मतदान केंद्र संवेदनशील, धनबल पर रोकथाम के लिए पर्यवेक्षक तैनात
विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में 13382 संवेदशील मतदान केन्द्र थे. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: राजस्थान में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान संवेदनशील मतदान केन्द्रों की संख्या बढ़ी है. इस बार के लोकसभा चुनाव के दौरान 11234 मतदान केंद्रों को संवेदनशील मतदान केंद्रों की श्रेणी में रखा गया है. जिसमें पहले चरण के दौरान 4880 और दूसरे चरण में 6354 मतदान केन्द्र शामिल है.

2018 के विधानसभा चुनाव से इस चुनाव की तुलना करें तो इस चुनाव में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या काफी कम हैं. 2014 के चुनावों के दौरान यहां 9270 मतदान केंद्र संवेदनशील मतदान केंद्रों में शामिल थे. वहीं, इस बार 11234 मतदान केंद्र इस श्रेणी में शामिल है. जबकि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान राज्य में 13382 संवेदशील मतदान केन्द्र थे.

राज्य में 5 संवेदनशील मतदान केन्द्र
आपको बता दें कि, राज्य में पहले चरण में पाली,जोधपुर और कोटा व्यय संवेदनशील केन्द्र हैं. तो दूसरे चरण में अलवर और जयपुर व्यय संवेदनशील केन्द्र हैं. लोकसभा चुनाव के दोनों चरण के दौरान 5 व्यय संवेदनशील केन्द्र हैं.

व्यय पर्यवेक्षकों की हुई नियुक्ति
सूत्रों के अनुसार, संवेदनशील केंद्रों में धनबल का ज्यादा जोर रहने से मतदान प्रभावित होने की आशंका है. जिस कारण निर्वाचन विभाग ने व्यय पर्यवेक्षकों(Expenditure Observer) की विशेष निगरानी की वयवस्था रखी है.