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UP से खत्म हुआ मुस्लिम सांसदों का सूखा, देशभर से इस बार संसद पहुंचे 27 मुस्लिम सांसद

आंकड़े बताते हैं कि साल 2004 में 34, 2009 में 30 और 2014 में 23 मुस्लिम सांसद चुनाव जीत कर संसद पहुंचे थे. 

UP से खत्म हुआ मुस्लिम सांसदों का सूखा, देशभर से इस बार संसद पहुंचे 27 मुस्लिम सांसद
फाइल फोटो

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Elections Results 2019) के नतीजे अब लगभग साफ हो गए हैं. 2014 के बाद 2019 में एक बार फिर देश की जनता ने मोदी सरकार पर भरोसा किया और प्रचंड जीत से फिर सरकार बना दी है. बीजेपी ने भले ही इस बार 2014 से बड़ी जीत दर्ज की हो, लेकिन यूपी में वह 2014 के रण को दोहरा नहीं पाई. यूपी में पिछले साल 73 सीटों के साथ संसद में पहुंचे बीजेपी को इस बार अभी तक 61 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है. यूपी को दो लोकसभा सीट इटावा और कैराना में अभी बीजेपी आगे चल रही है. इस बार उत्तर प्रदेश से 6 मुस्लिम सांसद लोकसभा में पहुंचे है. वहीं, देशभर से इस बार 27 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं. 

2014 में UP नहीं जीत पाया था एक भी मुस्लिम सांसद
2014 मोदी लहर के चलते देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में एक भी मुस्लिम सांसद लोकसभा नहीं पहुंच पाया था. मोदी नाम की लहर लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में एक बार फिर दिखाई दी. यूपी में सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन हिट तो नहीं रहा, लेकिन कुछ सीटे जीतने में गठबंधन कामयाब रहा. उत्तर प्रदेश से इस बार सबसे ज्यादा छह मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं. 
  
UP से ये मुस्लिम नेता 2019 में पहुंचे संसद
यूपी की सबसे हॉट सीट में से एक रामपुर लोकसभा सीट से आजम खान ने जया प्रदा को हराया, मुरादाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के एचटी हसन ने जीत हासिल की. अमरोहा लोकसभा सीट से बीएसपी के उम्मीदवार दानिश अली जीते. वहीं, संभल लोकसभा सीट से डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क सांसद चुने गए है. सहारनपुर लोकसभा सीट से भी महागठबंधन के उम्मीदवार हाजी फजलुर्रहमान ने जीत हासिल की तो गाजीपुर लोकसभा सीट से अफजाल अंसारी सांसद चुने गए.  

ये मुस्लिम सांसद पहुंचे लोकसभा
असम से दो मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे हैं. एआईयूडीएफ चीफ बदरुद्दीन अजमल अपनी सीट बचाने कामयाब रहे, जबकि बाकी दोनों सीट एआईयूडीएफ हार गई. असम से ही अब्दुल खालिक जीतने में कामयाब रहे. केरल से ए.एम आरीफ और ईटी मोहम्मद बशीर भी जीतने में कायमाब रहे. पश्चिम बंगाल से नुसरत जहां रुही, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान और सजदा खान ने जीत हासिल की है. हैदराबाद से असदुद्दीन ओवैसी, तो वहीं पहली बार एमआईएम के टिकट महाराष्ट्र की औरंगाबाद सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले इम्तियाज जलील भी लोकसभा पहुंचे. लक्ष्यदीप से मोहम्मद फैजल, पंजाब से मोहम्मद सादिक, जम्मू कश्मीर से हुसैन मसूदी, मोहम्मद अकबर लोन, और फारुक अब्दुल्ला भी लोकसभा में अपनी आवाज को बुलंद करेंगे. एनडीए कुनबे से एक मात्र मुस्लिम सांसद के तौर पर जीतने वाले बिहार से चौधरी महबूब अली कैसर भी फिर से लोकसभा पहुंचे हैं. बिहार के किशनगंज से मोहम्मद जावेद भी अपनी बात लोकसभा में रखते अब नजर आएंगे. इसके अलावा तमिलनाडु से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद नवाज कानी भी जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं. 

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क्या कहता है इतिहास
साल 2014 में लोकसभा में मुस्लिम सांसदों की तादाद 23 थी, जो बढ़कर 27 हो गई है. आजाद भारत के इतिहास को देखे तो साल 1952 में 11 मुस्लिम सांसद लोकसभा पहुंचे थे. वहीं, साल 1957 में 19, साल 1962 के चुनाव में 20, साल 1967 में 25 मुस्लिम सांसद चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. साल 1971 में 28, साल 1980 में 49 और 1984 में 42 मुस्लिम सांसद चुने गए थे. साल 2004 में 34, साल 2009 में 30 और 2014 में 23 मुस्लिम सांसद चुनाव जीत कर संसद पहुंचे थे.