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फिरोजपुर लोकसभा सीट पर 'आप' बढ़ा सकती है अकाली दल की मुश्किलें

फिरोजपुर लोकसभा सीट के रानीतिक इतिहास की बात करें तो यहां पर शिरोमणि अकाली दल का दबदबा रहा है. इस सीट पर 1998 से अकाली दल के सीनियर नेता जोरा सिंह मान 3 बार लोकसभा चुनाव जीते हैं.

फिरोजपुर लोकसभा सीट पर 'आप' बढ़ा सकती है अकाली दल की मुश्किलें
2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर अकाली दल के शेर सिंह घुबाया विजयी रहे.

फिरोजपुर: पंजाब देश का सबसे समृद्ध राज्य है. साथ ही इसे सिक्ख धर्म का घर भी कहा जाता है. चंडीगढ़ शहर पंजाब की राजधानी है. 1947 में पंजाब का निर्माण भारत के विभाजन के समय किया गया. पंजाब राज्य में कुल 22 जिले हैं. वहीं पंजाब के मदत्वपीर्ण सीटों में से एक फिरोजपुर लोकसभा सीट की बात करें तो यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प हो चुका है. पंजाब के फिरोजपुर लोकसभा सीट के रानीतिक इतिहास की बात करें तो यहां पर शिरोमणि अकाली दल का दबदबा रहा है. इस सीट पर 1998 से अकाली दल के सीनियर नेता जोरा सिंह मान 3 बार लोकसभा चुनाव जीते हैं. इसके बाद 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर अकाली दल के शेर सिंह घुबाया विजयी रहे.

वहीं लोकसभा चुनाव 2019  में कांग्रेस ने इस बार भी शेर सिंह घुबाया को टिकट दिया है तो वहीं, आप ने यहां से हरजिंदर सिंह काका को टिकट दिया है. जबकि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल लोकसभा चुनाव 2019 में फिरोजपुर लोक सभा सीट के चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे है. इसमें कोई शक नहीं है कि फिरोजपुर की चुनावी लड़ाई बेहद दिलचस्प होने वाली है. वहीं आम आदमी पार्टी की दखल की वजह से भी अकाली दल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. 

सुखबीर सिंह बादल साल 2009 से 2017 तक पंजाप के उपमुख्यमंत्री रहे हैं. सुखबीर सिंह बादल के राजनीतिक सफर की बात करें तो वह 11वीं और 12वीं लोकसभा के सदस्य रहे हैं. सुखबीर सिंह बादल ने अपना पहला चुनाव फरीदकोट से जीता था. 1998 से 1999 के बीच बीजेपी सरकार में वह राज्य मंत्री रहे. 2001 से 2004 तक वह राज्यसभा सदस्य रहने के साथ वह 2004 में वह तीसरी बार 14वीं लोकसभा के लिए चुने गए. 

वहीं फिरोजपुर भारत और पाकिस्‍तान के बॉर्डर का सीमांत जिला है. यहां के विधानसभा क्षेत्र फाजिल्‍का में शहीद भगत सिंह जी, सुखदेव जी और राजगुरु के समाधी स्थल हैं. इस जिले में बाघा बॉर्डर है, जहां से भारत और पाकिस्‍तान के बीच लोगों का आवागमन होता है. फिरोजपुर संसदीय सीट के अंतर्गत विधानसभा की 9 सीटें हैं, जिसमें फिरोजपुर शहर, फिरोजपुर देहाती, गुरुहरसहाय, जलालाबाद, फाज्लिका, अबोहर, बल्लूआना के नाम सामिल है.  

पंजाब के रण में बहरहाल जीत किसकी होती है यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि सभी पार्टियों ने चुनाव के लिए अपनी ताकत पूरी तरह से झोंक दी है. लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और 23 मई को जनता का फैसला लोगों के सामने होगा.