पंजाब में गठबंधन पर कांग्रेस से नहीं बनी बात, तीन सीटों के लिए उम्मीदवार तय करने में जुटी AAP

आम आदमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार उम्मीदवारों की घोषणा अगले एक दो दिन में कर दी जाएगी.

पंजाब में गठबंधन पर कांग्रेस से नहीं बनी बात, तीन सीटों के लिए उम्मीदवार तय करने में जुटी AAP
आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: आप ने पंजाब में कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर बात नहीं बन पाने के बाद पंजाब की तीन सीटों (भटिंडा, खजूर साहिब और लुधियाना) पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं. आप के सूत्रों के अनुसार उम्मीदवारों की घोषणा अगले एक दो दिन में कर दी जाएगी.

उम्मीदवारों के नाम तय करने के लिये आप की पंजाब इकाई के प्रभारी मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई.  सिसोदिया के यहां स्थित आवास पर हुई बैठक में आप की पंजाब इकाई के संयोजक भगवंत सिंह मान सहित अन्य नेता मौजूद थे.

उल्लेखनीय है कि आप ने पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के साथ चुनावी गठबंधन की उम्मीद को देखते हुए इन तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किये थे. 

अमरिंदर सिंह कर चुके हैं गठबंधन की जरुरत से इनकार
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही राज्य में किसी दल के साथ गठबंधन की जरुरत से इनकार करते हुये कांग्रेस के अपने बलबूते चुनाव लड़ने का सुझाव पार्टी नेतृत्व को दे चुके हैं. सिंह के मना करने के बाद आप नेतृत्व ने कांग्रेस के समक्ष दिल्ली में गठबंधन के लिये हरियाणा और चंडीगढ़ में भी गठबंधन की शर्त रख दी है. 

इस बीच कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि दिल्ली और हरियाणा में दोनों दलों के बीच गठबंधन के मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल की अध्यक्षता में बैठक हुई. समझा जाता है कि बैठक में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर सहित अन्य नेता मौजूद थे. 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस नेतृत्व दिल्ली में ही आप के साथ गठबंधन के लिए रजामंद है. इसके मद्देनजर आप खेमे ने कांग्रेस को स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में गठबंधन पर बात तब ही बनेगी जब हरियाणा और चंडीगढ़ को भी गठबंधन के दायरे में शामिल किया जाये. 

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेताओं के असमंजस को देखते हुए सिसोदिया और आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने पार्टी नेतृत्व को गठबंधन का विचार त्याग कर अपने बलबूते चुनाव लड़ने का सुझाव दिया है. समझा जाता है कि पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी कांग्रेस से हरियाणा और दिल्ली में गठबंधन के मुद्दे पर बात बनने की उम्मीद है.