अंतिम चरण में बीजेपी को टक्‍कर देने के लिए अखिलेश-मायावती का नया प्‍लान, बदली प्रचार की रणनीति

अब अगले 5 दिन में अखिलेश और मायावती पूर्वांचल में एक साथ 8 रैलियां करेंगे. यूपी में बीजेपी को 2014 में 71 सीटें मिली थीं.

अंतिम चरण में बीजेपी को टक्‍कर देने के लिए अखिलेश-मायावती का नया प्‍लान, बदली प्रचार की रणनीति
file photo

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव 2019 का अब सिर्फ एक चरण बाकी है. 19 मई को सातवें और आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे. ऐसे में यूपी में बीजेपी को टक्‍कर देने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी को टक्‍कर देने के लिए नई रणनीति बनाई है. अब तक कुछ ही सभाओं में एक मंच पर साथ आए इन नेताओं ने अब और ज्‍यादा संयुक्‍त रैलियां करने का प्‍लान बनाया है. अंतिम चरण के चुनाव से पहले अखिलेश-मायावती ने संयुक्त रैलियों की संख्या बढ़ाई है.

अब अगले 5 दिन में अखिलेश और मायावती पूर्वांचल में एक साथ 8 रैलियां करेंगे. यूपी में बीजेपी को 2014 में 71 सीटें मिली थीं. इन चुनावों में महागठबंधन पश्‍च‍िम यूपी में बीजेपी को कड़ी टक्‍कर देता हुआ दिखा है. ऐसे में कहा गया था कि बीजेपी पूर्वांचल में अपने मजबूत आधार के कारण अपनी सीटों को बचा सकती है, अंतिम चरण में इसी बात को ध्‍यान में रखते हुए मायावती और अखिलेश यादव एक साथ और ज्‍यादा रैली करेंगे.

UP में महिला नेता ने छोड़ी कांग्रेस, प्रियंका गांधी पर लगाया अपमान करने का आरोप

सोमवार को अखिलेश और मायावती की गोरखपुर और ग़ाज़ीपुर में रैली होगी. 15 मई को देवरिया और घोसी में दोनों नेता संयुक्त रैली करेंगे. इतना ही नहीं 16 मई को वाराणसी में दोनों नेता रैली करने पहुंचेंगे. यहां महागठबंधन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने शालिनी यादव को मैदान में उतारा है. हालांकि पहले महागठबंधन ने बीएसएफ से बर्खास्‍त किए गए जवान तेज बहादुर यादव को मैदान में उतारा था.

अखिलेश और मायावती चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 17 मई को भी 2 संयुक्त रैली करेंगे. इस चरण में यूपी की 13 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. इनमें वाराणसी, कुशीनगर, देवरि‍या, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, महाराजगंज, गोरखपुर मिर्जापुर, रॉबर्टसगंज और चंदौली में वोटिंग होगी. 23 मई को लोकसभा चुनावों के परिणाम आएंगे.